किसके फायदे के लिये गाइडलाइन के लिये सरकार रेट कम नहीं कर रही है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये कहा कि जमीनों की गाइडलाइन के रेट बेतहाशा बढ़ाने के चौतरफा विरोध के बावजूद सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुईं है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। सरकार एक मंत्री की जिद में पूरे प्रदेश को परेशान करने पर अड़ी हुई है। जिस फैसले के खिलाफ पूरा जनमानस है, सरकार उसको लागू करने की जिद पर क्यों अड़ी है? मंत्री चौधरी कहते है इससे किसानों को अधिक मुआवजा मिलेगा। कितने किसानों का मुआवजा प्रकरण सरकार के पास पेंडिंग है, 1 प्रतिशत के लिए 99 प्रतिशत को परेशान करना उचित नहीं। यदि किसानों की इतनी ही चिंता है तो मंत्रिमंडल की बैठक करके मुआवजे की दर सरकार 4 गुना से बढ़ाकर 10 गुना कर दे, लेकिन पूरे प्रदेश को परेशान करना बंद करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कल साय मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि एक साल तक 200 यूनिट तक बिजली के दाम आधा किया गया है। इसके लिए शर्त यह है कि कुल खपत 400 यूनिट तक ही होनी चाहिए, 401 यूनिट खपत होने पर पूरा बिल लगेगा। पहले कांग्रेस के सरकार के समय से 400 यूनिट तक दाम आधा था, कितनी भी खपत हो। 400 से अधिक खपत होती थी, तब भी 400 यूनिट का आधा बिल ही लगता था। सरकार का यह फैसला जन विरोधी है। हमारी मांग है कि पुरानी 400 यूनिट तक की आधी बिजली बिल योजना बहाल किया जाय। इसके साथ ही सरकार ने जो बिजली के दाम बढ़ाए है उसको कम करे। स्मार्ट मीटर की रीडिंग की रि-चेकिंग मुफ्त किया जाय।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार को जनादेश प्राप्त किए कल दो साल पूरे हो गए कल ही चुनाव परिणाम आए थे। दो साल में ही सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया मोदी की गारंटी के नाम पर जनता से झूठा वादा कर सरकार में आए दो साल में एक भी वायदा पूरा नहीं किया। न महिलाओं को 500 में सिलेंडर मिला, न ही 1 लाख नौकरी का वायदा पूरा कर पाए, न ही महतारीवंदन में सभी सवा लाख महिलाओं को एक हजार दिए। किसानों को एक मुश्त 3100 देने का वादा भी पूरा नहीं किया, 21 क्विंटल प्रति एकड़ में धान खरीदी भी हीं हो रही है। अनियमित कर्मचारी को नियमित करने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। मितानिन आंगनबाड़ी की बहने सभी को सरकार ने निराश किया। आज चुनाव हो जाए तो जनता अपना जनादेश वापस ले लेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि खबरे छप रही की चुनाव आयोग को अभी तक 22 लाख मतदाताओं की कोई जानकारी नहीं मिल रही है। यह आंकड़े कैसे सामने आए, जब पूरा एसआईआर नहीं हुआ, बीएलओ सभी जगह पहुंचे नहीं फिर कैसे पता चला कि इतनी बड़ी संख्या में लोग लापता है?एक तरफ आयोग के बीएलओ अभी तक 50 प्रतिशत मतदाता तक भी नहीं पहुंच पाए है, फिर इतना बड़ा आंकड़ा कैसे है आया। यदि इसमें सच्चाई है कि 22 लाख मतदाता नहीं मिल रहे तो चिंता का विषय है। इसका एक बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि राज्य में मनरेगा का काम भाजपा सरकार ने लगभग बंद कर दिया है। बड़ी संख्या में राज्य के मजदूर रोजी रोटी के लिए पलायन कर के यूपी, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, असम जैसे राज्य जाते है वे भी एसआईआर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए है। एक माह का समय अपर्याप्त है। इसीलिए कांग्रेस ने एसआईआर की सीमा छत्तीसगढ़ में तीन माह करने की मांग की थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरगुजा के अमेरा कोल माइंस क्षेत्र में जबरिया विस्थापन करने और कोयला उत्खनन करने गए जिला प्रशासन, एस.ई.सी.एल और सुरक्षा बलों के साथ टकराव हुआ। गांव वालों और आदिवासियों पे लाठियां चलवाई गई, उत्तेजित ग्रामवासियों ने पथराव भी किया, दोनों तरफ से लोग घायल हुए। यह स्थिति सरकार की हठधर्मिता और जबरिया उत्खनन करने की नीति का परिणाम है। गांव वाले अपनी पुश्तैनी जमीन देना नहीं चाह रहे। सरकार जबरिया अधिग्रहित कर वहां खदान शुरू करवाना चाह रही। अधिकांश लोगों ने मुआवजा भी नहीं लिया है। राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है पूरे प्रदेश में यही स्थिति बनी है। हसदेव, तमनार से लेकर सभी जगह स्थानीय निवासियों की मर्जी के बिना उनको बेदखल किया जा रहा। जल, जंगल, जमीन को हथियाकर उद्योगपतियों को सौंपा जा रहा। कांग्रेस सरकार की इस नीति का विरोध करती है। अमेरा की घटना के बाद पुलिस गांव वालों का दमन शुरू कर चुकी है। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कांग्रेस इसका भी विरोध करती है। प्रशासन इस घटना में शामिल ग्राम वासियों के साथ अपराधियों जैसा सलूक नहीं करे, यह घटना प्रशासन की गलती का परिणाम है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खडगवा ब्लाक में रतनपुर गांव में पिछड़ी जनजाति बैगा और धनुवार आदिवासी परिवारों को वर्षो से बने मकानों को साय सरकार ने तोडवा दिया। जबकि इनमे से अनेको परिवारों के पास पट्टा था। यह साय सरकार की अमानवीय कदम है। यह परिवार ठंड में खुले में रहने को मजबूर है।
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