कथाकार मनोज रूपड़ा से अभद्रता के लिए कुलपति चक्रवाल को बर्खास्त किया जाए - कांग्रेस
- कुलपति आलोक चक्रवाल ने छत्तीसगढ़ की छवि को ठेस पहुंचाया है
- आलोक चक्रवाल के संघ पोषित संस्कार सामने आ गया
रायपुर/09 जनवरी 2026। बिलासपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक चक्रवाल के द्वारा देश के ख्यातिलब्ध कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ की गई अभद्रता की कांग्रेस ने कड़ी निंदा किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कुलपति आलोक चक्रवाल का व्यवहार सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। उन्होंने जो किया है वह एक विश्वविद्यालय के कुलपति से तो अपेक्षा बिल्कुल भी नहीं की जा सकती है। उनके आचरण से ऐसा लगा कि आलोक चक्रवाल कुलपति के रूप में खुद को खुदा समझते है। एक सम्मानित लेखक को आमंत्रित कर उनको सार्वजनिक रूप से अपमानित करके चले जाना कहना असभ्यता के साथ आलोकतांत्रिक भी था। यह कार्यक्रम लेखकों और कथाकारों के लिए था। लोग वहां बौद्धिक गोष्ठी के लिए एकत्रित हुए थे, एक अहंकारी कुलपति के अहं की संतुष्टि के लिए नहीं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मनोज रूपड़ा को विश्वविद्यालय ने आमंत्रित किया था तथा उस आयोजन का पूरा खर्च विश्वविद्यालय के निधि से हुआ है, कोई कुलपति के पुत्र का निजी वैवाहिक कार्यक्रम नहीं था कि उनको किसी की बात नागवार गुजरी तो उनको वहां से जाने को कह दिया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कुलपति आलोक चक्रवाल को मोदी सरकार ने बाहरी कुलपति के तौर पर छत्तीसगढ़ को थोपा है। संघ की पृष्ठ भूमि का होने के कारण उनको कुलपति बनाया गया है। उनका आचरण शुरू से आपत्तिजनक रहा है। उनके इस कृत्य से छत्तीसगढ़ की छवि धूमिल हुई है। चक्रवाल को छत्तीसगढ़ की अतिथि देवो भवः की परंपरा को ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि चक्रवाल को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए। राजभवन को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। यह राज्य की छवि का तथा एक साहित्यकार के सम्मान का सवाल है।
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