चुनावी राज्यों के मतदान से डर कर डीजल, पेट्रोल से एक्साइज घटाया - दीपक बैज
- 12 साल में मोदी सरकार ने डीजल, पेट्रोल पर एक्साईज से 44 लाख करोड़ कमाया है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार ने पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए डीजल, पेट्रोल पर से स्पेशल एडिशनल एक्साइज को कम किया है, इसका लाभ केवल तेल कंपनियों को होगा। जैसे ही बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु, पांडिचेरी में चुनाव खत्म हो जाएगा, भाजपा सरकार तुरंत पेट्रोल, डीजल के दामों को 5 से 10 रुपये बढ़ा देगी, यह चुनावी डर से तेल कंपनियों को यह राहत दी गई है। यह पहली बार नहीं हो रहा, मोदी सरकार इसके पहले भी विभिन्न राज्यों के मतदान के बाद डीजल, पेट्रोल एवं अन्य वस्तुओं के मूल्य और टैक्स बढ़ा चुकी है। यह जनता को लूटने वाली सरकार है। यह अपने चुनावी नफे, नुकसान के हिसाब से निर्णय लेती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि डीजल को स्पेशल एडिशनल एक्साइज मुक्त तथा पेट्रोल पर एक्साइज में 10 रू. की कटौती कर मोदी सरकार ने जनता पर अहसान नहीं किया है। यह राहत तेल कंपनियों के मुनाफे में एडजस्ट होगा। मोदी सरकार 2020 से लेकर अभी तक डीजल, पेट्रोल पर बेतहाशा एक्साईज ड्यूटी लगा कर 12 साल में 44 लाख करोड़ रू. की कमाई आम जनता से किया है। कोरोना काल में डीजल पर 30 और पेट्रोल पर 35 रू. की एक्साइज ड्यूटी मोदी सरकार ने मूल्यों के युक्तिकरण के नाम पर लगाया था, जिसे बाद में मात्र 5 रू. कम किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार युद्ध काल में एक्साइज की छूट जनता का अधिकार है। असलियत यह है कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार अब भी डीजल पर 8 गुणा और पेट्रोल पर 3 गुणा अधिक एक्साइज ड्यूटी आम जनता से वसूल रही है। मोदी सरकार ने सस्ते तेल का फायदा कभी भी जनता को नहीं पहुंचाया, जब-जब कच्चे तेल के कीमतों में गिरावट हुई तब-तब मोदी सरकार मुनाफाखोरी में लगी रही। मोदी सरकार ने 6 साल में जितना डीजल, पेट्रोल पर से कमाया है उसे तो हमेशा के लिए पेट्रोल, डीजल को एक्साइज मुक्त करना चाहिए।
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