सरकार और सिंडिकेट के सांठगांठ से छत्तीसगढ़ बना अवैध नशे का गढ़ - कांग्रेस
सरकार और सिंडिकेट के सांठगांठ से छत्तीसगढ़ बना अवैध नशे का गढ़ - कांग्रेस
शराब की ओवर रेटिंग, बिना टेंडर चल रहे अहाते और गली-गली में निर्बाध बिक रहा है सूखा नशा
रायपुर/02 नवंबर 2026। अवैध नशे के बढ़ते कारोबार के लिए भाजपा सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मादक पदार्थों के नए नए दुकानों, शराब की ओवररेटिंग, बिना टेंडर के संचालित अवैध अहाते-चखना सेंटर और गली-गली में फैल रहा सूखे नशे प्रतिबंधित दवाएं, गांजा, ड्रग्स का जाल इस समय आम जनता और खासकर युवा पीढ़ी के लिए एक नासूर बन चुका है। छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता और खासकर हमारी युवा पीढ़ी एक बहुत बड़े संकट से गुजर रही है। भाजपा सरकार के संरक्षण में छत्तीसगढ़ को अवैध नशे का गढ़ बना दिया गया है। आज हर शराब दुकान पर नियमों को ताक पर रखकर ओवररेटिंग हो रही है, बिना किसी टेंडर के अवैध अहाते और चखना सेंटर संचालित हो रहे हैं, और गांवों से लेकर शहरों की हर गली में स्मैक, गांजा और सूखे नशे का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। सरकार पूरी तरह सोई हुई है या मिलीभगत कर बैठी है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी और युवा-विरोधी व्यवस्था के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले शराबबंदी और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े आंदोलन करते थे। धरातल पर स्थिति यह है कि प्रदेश अवैध नशे का गढ़ बन चुका है। एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है, जिससे सीधा भ्रष्टाचार का पैसा ऊपर तक पहुंच रहा है। बिना किसी टेंडर के अवैध रूप से अहाते और चखना सेंटर संचालित हो रहे हैं, जो अपराधियों और असामाजिक तत्वों के अड्डे बन गए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग पूरी तरह से बेलगाम हो चुके हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते तस्करों और अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। थानों और चौकियों की मिलीभगत के बिना हर गली में नशीली दवाई, स्मैक, गांजा और अन्य सूखे नशे का अवैध कारोबार संभव नहीं है। सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा नहीं, बल्कि अवैध वसूली और सिंडिकेट चलाना बन गई है। छत्तीसगढ़ का युवा जो कभी राजीव गांधी मितान योजना के तहत खेल, शिक्षा और रोजगार की बात करता था, आज इस सुनियोजित नशे के जाल में धकेला जा रहा है। माताओं-बहनों की गृहस्थी बर्बाद हो रही है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, और आए दिन नशे की हालत में हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान न केवल 103 सरकारी शराब दुकानों को बंद किया गया बल्कि सामाजिक जागरूकता अभियान के चलते अंग्रेजी और देशी दोनों तरह की शराब के खपत में मात्रात्मक कमी आयी थी, आबकारी व्यवस्था पारदर्शी थी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग थी, और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से लगाम लगाई गई थी। हमने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और युवाओं को संवर्धित किया। इसके विपरीत, भाजपा के इस पौने 3 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को फिर से अपराध और नशे का गढ़ बना दिया गया है। अंबिकापुर के सीजी मार्ट, घुमका के गोठान और संडी के शमशान सहित सार्वजनिक स्थलों में नए-नए शराब दुकान खोल दिए गए। साय सरकार में प्रति व्यक्ति शराब के खपत में नया रिकॉर्ड बना है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा सरकार असल में शराब और नशा सिंडिकेट की कठपुतली बन चुकी है। बिना टेंडर के अहाते चलना और एमआरपी से ज्यादा दाम वसूलना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता के गलियारों से इस अवैध कारोबार को खुला संरक्षण प्राप्त है। छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करने की यह एक गहरी साजिश है। हमारी माताओं के आंसू और युवाओं का भविष्य भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने के बजाय इसे अवैध नशे की राजधानी बना दिया गया है। गली-गली में नशे का जहर बिक रहा है तो इसका मतलब साफ है कि इस अवैध कमाई में ऊपर से लेकर नीचे तक हिस्सेदारी फिक्स है।