छत्तीसगढ़ संगठनात्मक स्थिति एवं भ्रामक प्रचार के संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण

छत्तीसगढ़ संगठनात्मक स्थिति एवं भ्रामक प्रचार के संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण

छत्तीसगढ़ संगठनात्मक स्थिति एवं भ्रामक प्रचार के संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण

हाल के दिनों में सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों के माध्यम से  अभिषेक सिंह द्वारा क्षत्रिय करणी सेना के संबंध में विभिन्न प्रकार की भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारियाँ प्रसारित की जा रही हैं। इस विषय में क्षत्रिय करणी सेना का राष्ट्रीय कार्यालय निम्नलिखित आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है।

सर्वप्रथम यह स्पष्ट किया जाता है कि श्री अभिषेक सिंह कभी भी क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ के विधिवत नियुक्त एवं अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहे हैं। उन्हें विशेष परिस्थितियों में संगठनात्मक कार्यों के संचालन हेतु सीमित अवधि के लिए केवल **कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष** का दायित्व प्रदान किया गया था। छत्तीसगढ़ प्रदेश के अधिकृत एवं वैधानिक प्रदेश अध्यक्ष पूर्व से ही  वीरेंद्र सिंह तोमर थे तथा वर्तमान में भी वही संगठन के मान्यता प्राप्त प्रदेश अध्यक्ष हैं।

राष्ट्रीय कार्यालय के संज्ञान में आने के पश्चात यह पाया गया कि श्री अभिषेक सिंह एवं उनके कुछ सहयोगियों द्वारा संगठन की निर्धारित व्यवस्था, संविधान एवं अनुशासन के विरुद्ध कार्य किए जा रहे थे। इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा समीक्षा कर **छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यकारिणी को राष्ट्रीय कार्यालय के आदेशानुसार भंग कर दिया गया था।**

कार्यकारिणी भंग किए जाने के उपरांत संबंधित व्यक्तियों द्वारा संगठन के विरुद्ध सोशल मीडिया पर लगातार भ्रामक पोस्ट, कथित इस्तीफे एवं असत्य दावे प्रसारित किए गए, जिनका उद्देश्य संगठन की प्रतिष्ठा एवं छवि को नुकसान पहुँचाना प्रतीत होता है। राष्ट्रीय कार्यालय स्पष्ट करता है कि कार्यकारिणी भंग होने के पश्चात संबंधित व्यक्तियों को संगठन की ओर से किसी भी प्रकार का प्रतिनिधित्व करने, बयान जारी करने अथवा संगठन के नाम का उपयोग करने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं था।

इसके अतिरिक्त  अभिषेक सिंह द्वारा यह दावा किया गया कि उनके साथ बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता संगठन छोड़ रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यालय इस दावे को पूर्णतः निराधार, भ्रामक एवं तथ्यों से परे मानता है। संबंधित व्यक्ति के पास न तो संगठन की वास्तविक सदस्य संख्या का कोई अधिकृत अभिलेख था और न ही वे ऐसी कोई स्थिति रखते थे जिससे पूरे प्रदेश संगठन का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार प्राप्त होता।

वास्तविकता यह है कि क्षत्रिय करणी सेना के अधिकांश जिला, तहसील, संभाग एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता आज भी संगठन के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय नेतृत्व, संगठन की विचारधारा एवं समाजहित के उद्देश्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हैं।

क्षत्रिय करणी सेना पुनः स्पष्ट करना चाहती है कि संगठन किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं है। संगठन की शक्ति उसके सिद्धांतों, अनुशासन, समाजहित और कार्यकर्ताओं के समर्पण में निहित है। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं अथवा संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन के कारण लिए गए व्यक्तिगत निर्णयों को संगठन की सामूहिक इच्छा या शक्ति के रूप में प्रस्तुत करना अनुचित एवं असत्य है।

अतः समस्त मीडिया संस्थानों, समाज बंधुओं एवं कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि केवल राष्ट्रीय कार्यालय अथवा अधिकृत पदाधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें।