नर्सरी प्रबंधन पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा में प्रशिक्षण संपन्न

नर्सरी प्रबंधन पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा में प्रशिक्षण संपन्न

अग्निवीर भर्ती 2025-26 हेतु शारीरिक दक्षता परीक्षा के पूर्व प्रशिक्षण हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित
 
भारतीय थल सेना में अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिये आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) का चयन परिणाम घोषित किया जा चुका है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के द्वारा जिले के ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण दिया जाना है। दुर्ग जिले के अभ्यर्थी जो अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिए आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण हुए हैं, वे शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में 14 अगस्त 2025 तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करवा सकते हैं।


 
ग्रामीण क्षेत्रों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवारा पशुओं को हटाने अभियान शुरू

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने हेतु विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें ब्लॉक दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा (ख), कोनारी, चंदखुरी, रिसामा, अण्डा, जेवरा, सिरसाखुर्द, ब्लॉक धमधा में कोड़िया सेवती, नारधी, जंजगिरी एवं ब्लॉक पाटन में सांकरा, गोतीपुर, सेलूद, पतोरा, फुंडा, गोड़पेण्ड्री शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पशुओं को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखा जा रहा है, साथ ही उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
जिला पंचायत सीईओ श्री बी.के दुबे से मिली जानकारी अनुसार सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने हेतु उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आवारा पशुओं को हटाए जाने व जिले में उपलब्ध काऊ कैचर के नियमित एवं प्रभावी संचालन हेतु जनपद पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया गया है, जिसमें जनपद पंचायत सीईओ को अध्यक्ष, ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक एवं सचिव को सदस्य नियुक्त किया गया है। उप संचालक पंचायत मोबाइल नंबर 91789-44838, सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग 94241-60405, सीईओ जनपद पंचायत धमधा 98939-20256 और सीईओ जनपद पंचायत पाटन 82691-88457 से सम्पर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।


 
नर्सरी प्रबंधन पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा में प्रशिक्षण संपन्न
 
 
जिले के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग में नर्सरी प्रबंधन पर 29-31 तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला दुर्ग के साथ-साथ बेरला, बेमेतरा, बालोद, रायपुर के भी ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम निदेश विस्तार सेवायें डॉ. एस.एस. टूटेजा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सरी व्यवसाय कैसे स्थापित किया जाय, पौधों को तैयार करने की विभिन्न तकनीक जैसे कटिंग, गुंटी, बडिंग, ग्राफ्टिंग, नर्सरी पौधों को कीट बीमारियों से रोकथाम, प्रो ट्रे में पौधे तैयार करना जैसी तकनीकों का जीवंत एवं प्रायोगिक प्रदर्शन करके सिखाया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. विजय जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. कमल नारायण वर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) ने पूर्ण प्रायोगिक जानकारी प्रदान की साथ ही डॉ. ईश्वरी कुमार, डॉ. विनय कुमार नायक, डॉ. मनीष कुमार वर्मा, श्रीमती सृष्टि तिवारी, कु. हर्षना चन्द्राकर ने भी तकनीकी जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग अटारी पाटन, दुर्ग नर्सरी के श्री अंकेश साहू द्वारा नर्सरी व्यवसाय के लिये शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। सभी प्रशिक्षणार्थीयों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।


 
जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ. ग.)
सफलता की कहानी

युक्तियुक्तकरण से छात्रों को मिले विषय विशेषज्ञ शिक्षकः बच्चों में बढ़ रहा है शिक्षा का स्तर

 
राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पहल अब ग्रामीण शिक्षा में नई क्रांति ला रही है। जिले के  धमधा ब्लॉक के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टेमरी में इस प्रक्रिया के तहत जीवविज्ञान विषय के नए शिक्षक की पदस्थापना की गई है, जिससे विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल रही है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टेमरी में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं के छात्र सोमनाथ निषाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताते हैं, “पहले हमारे स्कूल में जीव विज्ञान के लिए कोई अलग से शिक्षक नहीं थे। हमें जीव विज्ञान या तो सीनियर छात्र समझाते थे या फिर दूसरे विषयों के शिक्षक समझा दिया करते थे, जिसकी वजह से विषय समझना पहाड़ तोड़ने जैसा लगता था।” युक्तियुक्तकरण से अब हमें विषय विशेषज्ञ शिक्षक मिल गए हैं और अब विषय आसान लग रहा है। अब हमें विज्ञान के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता। इस बदलाव के लिए हम मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का दिल से धन्यवाद करते हैं।”
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालय में शिक्षण कार्य में अभूतपूर्व सुधार आया है। अब प्रत्येक विषय के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई में सही दिशा और मार्गदर्शन मिल रहा है। कक्षा 11वीं के छात्रों को अध्यापन हेतु विषय-विशेषज्ञ शिक्षक के रूप में श्रीमती दीप्ति मालवीय मैडम ने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया है, जिससे बच्चों को विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में विशेष एवं गहन मार्गदर्शन मिल रहा है। इस बदलाव का असर बच्चों की नियमित उपस्थिति में भी साफ दिख रहा है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब छात्र बिना किसी बाहरी मदद के, कक्षा में ही सभी विषयों की गहराई से पढ़ाई कर पा रहे हैं।
ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों का सही जगहों पर पुनर्विनियोजन करना है, ताकि उन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी हो सके, जहाँ उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य को भी मजबूत आधार मिल रहा है।