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  • छत्तीसगढ़ – शराब उगलने लगी धरती, प्रशासन की बडी लापरवाही से लोगों की जान से ऐसे होने लगी खिलवाड़
    बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय में उस वक़्त लोग हैरान रह गए जब जमीन से बियर का जखीरा मिलना शुरू हो गया ।जमीन में बीयर दबे होने का खुलासा तब हुआ जब जमीन में दबे हुए बीयर को पीने से एक आदमी की तबियत बिगड़ने लगी जानकारी के मूताबिक वियर हाउस से एक्सपायरी डेट के बियर को नगर पालिका के कचरे के ढेर में जमीन में दबाकर छोड़ दिया जिसकी भनक लगने पर जमीन की खुदाई शुरू हुई तो लोग नजारा देखकर सत्र रह गए । जेसीबी से जमीन खोदकर देखा तो जमीन से लगभग एक ट्रक बियर निकलने लगी ,जो कही न कही आबकारी विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। दरअसल पूरा मामला जिला मुख्यालय स्थित वियर हाउस का है । लगभग एक ट्रक वियर जो कि एक्सपायरी हो गया था उसे नष्ट करने के बजाय जमीन में गाड़ दिया गया । जिसे मुख्यालय से लगे भरसेला गांव के ग्रामीण निकाल कर पीने लगे । अचानक एक युवक की तबियत खराब होने पर इसकी जानकारी आग की तरह पूरे शहर में फैल गयी । जब उक्त कचरे की ढेर के नीचे जमीन को जेसीबी से खोदा गया तो हजारों बियर का जखीरा मिला । नियमतः ऐसी कालातीत शराब या बियर को नास्तिकरण किया जाता है लेकिन आबकारी विभाग के कर्मचारियों द्वारा इसे जमीन में दबा दिया गया था । ग्रामीण युवक की तबियत बिगड़ने पर इसका खुलासा हुआ नहि तो कईयों की जान जा सकती थी । बलोदा बाजार विधयक प्रमोद शर्मा को जानकारी मिलते ही वो डम्प वाली जगह पे पहुच गए मोके पर आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलवाया गया लेकिन वो भी जवाब देने के बजाय बगले झांकते दिखाई दिए। विधयक प्रमोद शर्मा ने कहा कि इससे पहले भी भी सिमगा में 1 ट्रक अवेध देशी शराब पकड़ाया था जिसका मुद्दा बजी विधानसभा में उठाया गया था। और अब ये बियर का मामला संदेह को जन्म देता है कि प्रदेश की सरकार किस तरह अवेध शराब के कारोबार में लिप्त है।
  • सरकंडा क्षेत्र में मिले युवक की लाश की गुत्थी सुलझी, भाई और भांचा ने मिलकर की थी युवक की हत्या, शराब पीकर गाली गालौच और मारपीट से थे परेशान
    बिलासपुरः सरकंडा थाना के मोपका खार में दलदल में मिले युवक की लाश के मामले को सुलझाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, युवक की हत्या उसकी भाई व भांचा ने ही किया था।आपको बता दे की आज सुबह सरकंडा थाना क्षेत्र के मॉपका में एक युवक की लाश मिली थी पुलिस ने घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो पाया कि मृतक अपने भाई पुरुषोत्तम एवम् भाचा अजय के साथ बाइक में बैठकर जा रहा है जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक के भाचा को हिरासत में लेकर पूछताछ किया कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और अपने मामा पुरुषोत्तम के साथ मिलकर युवक की हत्या करना स्वीकार किया, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अपने भाई के शराब के नशे में गली गलौच व मारपीट से परेशान होकर लड़की के बत्ते से सर पर हमला कर हत्या की थी।
  • बिलासपुर रेंज आईजी रतनलाल डांगी ने ली पुलिस अधीक्षकों की बैठक...दिए आवश्यक निर्देश
    मन्नू माणिकपुरी संवाददाता/ बिलासपुर-आईजी रतनलाल डाँगी ने रेंज के सभी पुलिस अधीक्षको की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।थाने में दर्ज मामलो का समय पर निराकरण, महिला संबंधी अपराधो में तत्काल कार्यवाही सहित जनता से जुड़कर कम्युनिटी पुलिसिंग करने जोर दिया। आईजी रतन लाल डांगी ने रेंज के सभी 6 जिलों के पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली, बैठक में बिलासपुर एसपी दीपक कुमार झा ,रायगढ़ एसपी अभिषेक मीणा, कोरबा एसपी भोजराम पटेल, जांजगीर चांपा एसपी प्रशांत ठाकुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही के एसपी त्रिलोक बंसल, मुंगेली एसपी डी आर आंचला शामिल हुए। पुलिस महानिरीक्षक ने कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर देने और गांव के लोगो का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उनसे जुड़ने निर्देश दिए, साथ ही प्रार्थियों के थाना आने पर उनकी शिकायत पर कारवाही करने कहा गया, ताकि वह शिकायत लेकर वरिष्ठ कार्यालय न पहुचे, वही महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही करने कहा। आईजी ने साइबर क्राइम के मामलो में ठगी के रुपयों की जल्द से जल्द वापसी करने के लिए काम में तेजी लाने की हिदायत दी गई। वही अपने थाना क्षेत्रों में जगह जगह प्रभारियों के शासकीय नम्बर लिखा बोर्ड लगाने निर्देश दिए।प्रकरण की जांच में सबसे महत्वपूर्ण बिसरा को तय समय में लैब भेजने सुनिश्चित करने कहा गया, साथ ही दर्ज मामलों में ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रिक करने कहा गया।क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों पर नजर रखकर कार्यवाही करने के निर्देश आईजी ने दिए हैं। तथा कार्यालयों व थानों में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों को नियमानुसार स्थानांतरित करने व राजपत्रित अधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्र के थानों में भ्रमण कर लंबित मामलों के निराकरण व नागरिकों से जन सम्पर्क बढ़ाने के निर्देश दिए है।                    
  • न्यायधानी के सिम्स अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई...हड़ताल के कारण मरीजों को किया जा रहा रेफर
    बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट/ बिलासपुर - कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से सिम्स की हालत दयनीय हो गई है। यहां कार्यरत सभी 300 कर्मचारी छुट्टी लेकर 2 दिन की हड़ताल पर है। इधर सोमवार को सुबह ओपीडी खुलते ही कुछ लोग ही इलाज कराने पहुंचे। उन्हें भी बैरंग लौटा दिया गया। हड़ताल की जानकारी होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जिससे मरीजों को सीधे रेफर किया गया। हड़ताल का असर पहले ही दिन दिखाई दिया। जहां ओपीडी 1 दिन में 1500 सौ का आंकड़ा पार कर जाती है वहां यह संख्या डेढ़ सौ से ऊपर नहीं जा सकी। इसी तरह एक्स-रे कराने आने वाले मरीजों को भी निराश होना पड़ा। टेक्नीशियन और सेम्पल लेने वाले कर्मचारी नही मिले। इसी तरह दूसरे विभागों में भी कर्मचारी नहीं पाकर लोग वापस लौट गए। बताया जा रहा है कि हड़तालियों के एक प्रतिनिधिमंडल को डीन डॉ तृप्ति नगरिया ने चर्चा के लिए बुलवाया लेकिन मांग के संबंध में डीन सदस्यों को आश्वस्त नहीं कर पाई। जिससे बैठक बेनतीजा रही। एक साथ तीन सौ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से संभाग के सबसे बड़े सिम्स अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।
  • CIMS News Bilaspur: वेतनवृद्धि की मांग को लेकर सिम्स के कर्मचारी आज से हड़ताल पर
    मन्नू मानिकपुरी संवाददाता / बिलासपुर-छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा समय समय पर 7 वर्षो से सभी सक्षम अधिकारियों सहित मंत्री सांसद एवं विधायक से मिलकर लिखित में अपना अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया गया था जिस पर सभी राजनेताओं द्वारा आश्वासन तो दिया गया किंतु आज दिनांक तक कर्मचारी के हित में निर्णय दिलाने में अंक्षम रहे हैं छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा 2 दिन छुट्टी पर जाने का फैसला लिया गया था विदित हो कि सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी द्वारा समय-समय पर वेतन बढ़ाने हेतु शासन प्रशासन के समक्ष अपनी मांग को पूर्ण कराने हेतु ध्यानाकर्षण कराने चरणबद्ध आंदोलन भी किया जा चुका है बावजूद कर्मचारियों को न्याय नहीं मिलने के कारण कर्मचारी अभाव के जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो गए थे और मानसिक आर्थिक रूप से टूट चुके थे कर्मचारियों को जब कहीं से कोई सहारा नहीं मिला तो सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को मजबूर होकर काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा कर्मचारियों द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार 1 अगस्त 2021 तक शासन के द्वारा कर्मचारी हित में वेतन वृद्धि दिए जाने का आदेश प्रसारित नहीं किया जाता है तो सिम्स महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी 2 अगस्त से 3 अगस्त 2 दिन पूर्णतया शासकीय कार्य बंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे काम बंद आंदोलन के बीच उपचार में होने वाले किसी भी प्रकार की असुविधा एवं अनहोनी घटना के लिए सिर्फ प्रबंधन पूर्णतया जिम्मेदार होगा इसी तारतम्य को पूरा करते हुए आज से सिम्स कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है जिसका सीधा असर देखने को आज मिला और मरीज और परिजन परेशान होते रहे लेकिन इनकी सुध लेने कोई जिम्मेदार सामने नही आया अपितु मरीजो को रायपुर रेफर कर सिम्स दो दिनों की हड़ताल का रास्ता निकालते दिख रही है
  • डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी, घर में छिपाकर रखे अवैध डीजल पर बड़ी कार्यवाही, छापामारी कर 1000 लीटर डीजल जब्त
    बलरामपुर रामानुजगंज/ बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने जिले में अवैध रूप से डीजल पेट्रोल का भंडारण करके कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया है अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) नितेश गौतम के नेतृत्व में रामानुजगंज पुलिस कि टीम ने ग्राम पंचायत जामवंतपुर में दिलीप गुप्ता के घर में अवैध रूप से छुपा कर रखे हुए भारी मात्रा में ज्वलनशील डीजल जैसे संवेदनशील पदार्थ को अवैध तरीके से भंडारण करके कालाबाजारी करने कि सुचना पर दबिश देकर आरोपी के घर से 5 ड्रम एवं 3 जर्किन में लगभग 1000 लीटर डीजल को पुलिस ने जप्त किया है। विभिन्न धाराओं में हुई कार्यवाही लगभग 1000 लीटर से ज्यादा ज्वलनशील पदार्थ का अवैध रूप से भंडारण और कालाबाजारी करने के आरोपी दिलीप गुप्ता निवासी जामवंतपुर के विरुद्ध धारा 285 भारतीय दंड विधान एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 कि धारा 3, 7 के तहत कार्यवाही कि गई है। कार्यवाही में इनका रहा योगदान इस पुरी कार्यवाही में थाना रामानुजगंज के उपनिरीक्षक धीरेन्द्र बंजारे, अश्विनी पांडेय, विजय कैवर्तय, प्रधान आरक्षक संजीव सिंह, आरक्षक रजनीकांत मिश्रा का विशेष योगदान रहा।
  • खेतों में पेड़ों के बीच फसलें उगाईं तो होने लगी लाखों की कमाई

    मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से मिले संसाधन और परस्पर सहकार की भावना ने दंतेवाड़ा के आठ किसानों की जिंदगी बदल दी है। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से लगे गीदम विकासखंड के कारली के आठ आदिवासी किसानों ने मिलकर करीब दस हेक्टेयर में मनरेगा के माध्यम से आम के एक हजार पौधे लगाए थे। दस साल पहले रोपे गए ये पौधे अब 10 से 12 फीट के हरे-भरे फलदार पेड़ बन चुके हैं। पिछले छह वर्षों से ये किसान आम के पेड़ों के बीच अंतरवर्ती फसल के रूप में सब्जियों, दलहन-तिलहन एवं धान की उपज भी ले रहे हैं। आम की पैदावार के साथ अंतरवर्ती खेती से उन्हें सालाना चार-पांच लाख रुपयों की अतिरिक्त कमाई हो रही है। ये किसान अब अपने इलाके में आम की खेती करने वाले कृषक के रूप में भी जाने-पहचाने लगे हैं।दंतेवाड़ा कृषि विज्ञान केन्द्र और कारली के आदिवासी किसान श्री राजूराम कश्यप आम से खास बनने की इस कहानी के नायक हैं। श्री कश्यप के खेत की सीमा से गांव के ही श्री छन्नू, श्री दसरी, श्री अर्जुल, श्री झुमरलाल, श्री पाली, श्री सुन्दरलाल और श्री पाओ की कृषि भूमि लगती है। इन आठों किसानों की कुल 16 हेक्टेयर जमीन में से दस हेक्टेयर सिंचाई के साधनों के अभाव में वर्षों से बंजर पड़ी थी।  राजूराम कश्यप की सबसे ज्यादा दो हेक्टेयर जमीन अनुपयोगी पड़ी थी। अपनी और साथी किसानों की इस समस्या को लेकर उन्होंने दंतेवाड़ा के कृषि विज्ञान केन्द्र में संपर्क किया। वैज्ञानिकों की सलाह पर उन्होंने साथी किसानों से चर्चा कर खाली पड़ी जमीन पर फलदार पौधे लगाने की योजना पर काम शुरू किया।

    किसानों की सहमति मिलने के बाद कृषि विज्ञान केन्द्र ने वर्ष 2011-12 में मनरेगा के अंतर्गत नौ लाख 56 हजार रुपए मंजूर कर 25 एकड़ बंजर भूमि को फलोद्यान के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया। वैज्ञानिक पद्धति से वहां एक हजार आम के पौधे रोपे गए, जिनमें 500 दशहरी और 500 बैगनफली प्रजाति के थे। प्रत्येक पौधों के बीच दस-दस मीटर की दूरी रखी गई, ताकि उनकी वृद्धि अच्छे से हो सके। समय-समय पर खाद का छिड़काव भी किया गया। परियोजना की सफलता के लिए यह जरूरी था कि फलोद्यान के संपूर्ण प्रक्षेत्र को सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए 13वें वित्त आयोग की राशि के अभिसरण से 12 लाख 58 हजार रूपए की लागत से तार फेंसिग की गई एवं सिंचाई के लिए दो ट्यूबवेल भी खोदे गए। प्रक्षेत्र के बड़े आकार को देखते हुए सिंचाई के साधनों की उपलब्धता एवं भू-जल स्तर बनाए रखने के लिए मनरेगा से आठ लाख 64 हजार रूपए की लागत से पांच कुंओं का भी निर्माण किया गया।

    फलोद्यान के शुरूआती तीन सालों में पौधरोपण एवं संधारण के काम में भू-स्वामी आठ किसानों के साथ ही गांव के 45 अन्य परिवारों को भी सीधा रोजगार मिला। इस दौरान 3072 मानव दिवसों का रोजगार सृजन कर पांच लाख आठ हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया। दस साल पहले रोपे गए इन पौधों से अब हर साल चार हजार किलोग्राम आम का उत्पादन हो रहा है। इनकी बिक्री से किसानों को सालाना दो लाख रूपए की आय हो रही है।

    कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. नारायण साहू बताते हैं कि इस परियोजना में शामिल आठों किसानों को आम के उत्पादन और अंतरवर्ती खेती के बारे में गहन प्रशिक्षण दिया गया है। इनकी मेहनत व लगन तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के सुझावों को गंभीरता से अमल में लाने के कारण अच्छी पैदावार और अच्छी कमाई हो रही है। वे बताते हैं कि वृक्षारोपण के दौरान प्रत्येक पौधे के बीच दस-दस मीटर की दूरी रखी गई थी, जिनके बीच इन्हें अंतरवर्ती फसलों की खेती का भी प्रशिक्षण दिया गया था। अभी ये किसान बगीचे में सात हेक्टेयर में धान तथा एक हेक्टेयर में दलहन, एक हेक्टेयर में तिलहन और एक हेक्टेयर में सब्जियों की पैदावार ले रहे हैं। अंतरवर्ती फसलों से वे हर साल दो लाख रूपए की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।

     
  • 16 माह बाद जब स्कूल खुले, उमंग और उत्साह के साथ बच्चे स्कूल चले : जिले में 5 इंग्लिश मीडियम स्कूल के साथ 1324 स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव

    लगभग 16 माह पश्चात जब स्कूल के दरवाजे आज खुले तो बच्चे उमंग और उत्साह के साथ स्कूल में प्रवेश किये। जिले में आज 1324 स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। साथ ही पांच विकासखण्डों में शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चे कक्षाओं में दाखिल हुए। गरियाबंद के बालक प्राथमिक शाला परिसर में संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों को क्षेत्रीय विधायक एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अमितेश शुक्ल ने गुलाल लगाकर, मिठाई खिलाकर और पुस्तकें देकर प्रवेश दिलाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नवाचारी सोच से अंग्रेजी माध्यम स्कूल का नींव रखा गया है। गरीब माता-पिता जो अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम और बड़े निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते है, उनके लिए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल मील का पत्थर शाबित होगा। उन्होंने कहा कि आज इंग्लिश भाषा सबकी जरूरत बन गई है। उच्च शिक्षा जैसे आईआईटी, एमबीए और प्रशासनिक सेवाओं के लिए यह आवश्यक है। अब हमारे गांव के गरीब बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़कर अपने सपने पूरा कर सकते है। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल के विकास के लिए विधायक निधि से 5 लाख रूपये देने की घोषणा भी की। शाला परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री गफ्फार मेमन, पार्षद एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री देवकरण मरकाम, श्रीमती प्रतिभा पटेल, श्रीमती नीतू देवदास, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल मौजूद थे।
    कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर ने कहा कि जिले के सभी विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में आज शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। इन स्कूलों में 1840 बच्चों ने प्रवेश लिया है। उन्होनंे कहा कि स्कूल के बेहतर संचालन के लिए आधुनिक लैब और लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधाएं भी इन स्कूलों में उपलब्ध कराया जायेगा। अधोसंरचना विकास भी तेजी से पूर्ण कराए जा रहे हैं। शिक्षक भर्ती के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि प्रतिनियुक्ति के पश्चात शिक्षकों की संविदा भर्ती भी स्कूलों में किया जायेगा। उन्होंने बच्चों के शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण करते हुए बच्चे ऊंचे पदों पर पहुंचे और समाज का नाम रोशन करें। इस अवसर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अब्दुल गफ्फार मेमन ने कहा कि यह गर्व का क्षण है कि जिस स्कूल में हमने हिन्दी मीडियम की पढ़ाई की, आज वो इंग्लिश मीडियम बन गया है। उन्होंने कहा कि वे अपने अध्यक्ष निधि से एक वाटर कूलर, मास्क और सैनिटाईजर स्कूल को उपलब्ध करायेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी श्री करमन खटकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिले के कुल 1674 स्कूलों में 1324 स्कूल आज खुल रहें हैं। यहां प्राथमिक शाला तथा कक्षा आठवीं, दसवीं और बारहवी की कक्षाएं प्रारंभ हो गई है। पालकों की सहमति और शासन की नीति के पश्चात ही स्कूल खोला जा रहा है। स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी शालाओं को यह निर्देश दिये गये हैं कि कोरोना गाइडलाईन का पालन करते हुए स्कूलों का संचालन किया जाए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शाला के कुल 1081 शालाओं में 816 स्कूल प्रारंभ किया गया है। इसी तरह मीडिल स्कूल के 448 में 369, हाईस्कूल के 72 में से 69, हायर सेकेण्डरी के 73 में से 70 स्कूल प्रारंभ हुए हैं। शाला प्रवेश उत्सव में नरेन्द्र देवांगन, हाफिज खान, वीरू यादव, रामकुमार शर्मा, शाला विकास समिति के सदस्य, पालकगण, डीएमसी श्री श्याम चन्द्राकर, प्राचार्य श्री देवांगन, शिक्षकगण शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं बच्चे उपस्थित थे।

  • साप्ताहिक बाजारों में पाॅलिथीन के विरूद्ध हो रही कार्यवाही कोण्डागांव में 14 लोगों से 14.5 किग्रा एवं फरसगांव में 05 लोगों से 1.3 किग्रा पाॅलिथीन जप्त

    जिले को स्वच्छ बनाने एवं पर्यावरण को संरक्षित करने के लिये पांच माइक्रोन से पतले पाॅलिथीन कैरी बैग को जिले में राज्य शासन के नियमानुसार प्रतिबंधित किया गया है। जिसके तहत् इन पाॅलिथीन बैगों के उपयोग को रोकने के लिये कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देश पर सभी साप्ताहिक हाट बाजारों एवं दुकानों में आकस्मिक निरीक्षण कर इन पाॅलिथीन बैगों का इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। जिसके तहत् रविवार को नगरपालिका सीएमओ सूरज सिदार के मार्गदर्शन में नगरपालिका के दल द्वारा साप्ताहिक बाजार पहुंचकर आकस्मिक जांच की गई। जिसमें 14 लोगों से 14.5 किग्रा पाॅलिथीन जप्त किया गया साथ ही उन पर 6600 रूपयों का जुर्माना भी लगाया गया। इसी तरह सोमवार को फरसगांव साप्ताहिक बाजार में नगरपंचायत फरसगांव सीएमओ दिनेश डे के मार्गदर्शन में पाॅलिथीन में विक्रय करने वाले विक्रेताओं पर कार्यवाही करते हुए 05 व्यापारियों से 1.3 किग्रा पाॅलिथीन जप्त किया गया एवं 1000 रूपयों का जुर्माना भी लगाया गया। इसी प्रकार पूरे जिले में पाॅलिथीन के प्रयोग को प्रतिबंधित कर पाॅलिथीन में सामग्री विक्रय करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है।

  • रमेश कृषि सेवा केन्द्र बहीगांव द्वारा डीएपी अधिक कीमतों पर बेचने पर हुई तालाबंदी शिकायत पर तहसीलदार एवं संयुक्त दल द्वारा की गई आकस्मिक जांच एवं कार्यवाही

    जिले में खाद आपूर्ति के कम होने पर कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक कीमतों पर खाद विक्रय किया जा रहा है। जिसके विरूद्ध कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार लगातार छापेमार कार्यवाहियां एवं निरीक्षण किये जा रहे हैं। जिसके तहत् रविवार को बहीगांव स्थित रमेश कृषि सेवा केन्द्र में डीएपी खाद अधिक कीमतों पर बेचे जाने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर तहसीलदार आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने केन्द्र की आकस्मिक जांच की। जिसमें पाया गया कि संचालक द्वारा 1200 रूपये में प्राप्त होने वाली डीएपी खाद को 1400 रूपये में किसानों को बेचा जा रहा था। दल द्वारा पहले कृषक के रूप में विभागीय कर्मचारी को डीएपी खरीदी हेतु भेजा गया था। जिसपर अधिक दाम पर खाद बेचने की पुष्टि होने पर दल द्वारा दबिश देते हुए संचालक पर कार्यवाही की गई। जिसके बाद दल ने दुकान पर तालाबंदी करते हुए संचालक के विरूद्ध प्रकरण बनाकर कार्यवाही हेतु कार्यालय को प्रतिवेदन दे दिया गया है। इस दल में तहसीलदार सहित राजस्व निरीक्षक ईश्वर नाग, थामसिंह ठाकुर, कृषि विस्तार अधिकारी नवलराम मरकाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ​बड़ी खबर:  जिला अस्पताल में नियमों को ताक पर रखकर मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़, सोनोग्राफी नियमों की उड़ाई जा रही है धज्जियां
    पेंड्रा: मामला जिला अस्पताल गौरेला पेण्ड्रा मरवाही का है जहाँ पर स्वास्थ्य नियमों को ताक पर रखकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है सरकार द्वारा दावा तो ये किया जा रहा था कि जिला बन जाने के पश्चात जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण आमजनों को यही बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त होने लगेगी किंतु यहाँ तो जिला प्रशासन के आंख की नीचे एक निजी हॉस्पिटल के गायनिक डॉक्टर और उनके साथ एक डेंटिस्ट डॉक्टर जो कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी जिला सर्जन की मौजूदगी में स्वास्थ्य नियमोँ की धज्जियां उड़ा रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2021 से 10 मई 2021 के दौरान की है इस दौरान जिले के निजी हॉस्पिटल में सेवारत डॉक्टर अरुण पाटिल जो कि CGMC(छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल) में MBBS और MD GYNC डिग्री पर पंजीकृत है और डॉक्टर पवन जो कि डेंटिस्ट BDS है इन दोनों ने मिलकर जिला अस्पताल में सब कुछ जानते हुए भी नियमो को ताक पर रख कर 27/04/21,1/5/21 और 2/5/21 को अपने आप को एनेस्थीसिया डॉक्टर बताकर मरीजों को स्पाइनल एनेस्थीसिया दे दिया जो कि पूर्णतः गलत और गैर कानूनी है जिन मरीजों को एनेस्थीसिया दिया गया था उन मरीजों के बारे में तथा उनके स्वास्थ्य संबंधित किसी भी प्रकार की कोई भी जानकारी तक उपलब्ध नही कराई गई है।जिले में स्वास्थ्य को लेकर किया जा रहा है खिलवाड़ के इसी क्रम जानकारी जुटाते हुए संज्ञान में एक यह भी मामला प्रकाश में आया उपरोक्त मामले में जब डॉक्टर अरुण पाटिल संपर्क करना चाह रहे थे ये ज्ञात हुआ कि वे लगभग डेढ़ माह पूर्व गौरेला-पेण्ड्रा छोड़ चुके है,! इसके साथ ही ये भी ज्ञात हुआ कि वे एक निजी अस्पताल में मुख्य महिला विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में सेवारत थे और उनके नाम पर एक सोनोग्राफी लाइसेंस जारी किया गया है उक्त निजी अस्पताल को,चूंकि वे लगभग डेढ़ माह पूर्व जा चुके है तो उनकी अनुपस्थिति में इस अस्पताल में लगातार सोनोग्राफी टेस्ट किया जा रहा है अब सवाल ये उठता है कि जिस डॉक्टर के नाम सोनोग्राफी लाइंसेंस है तो ये टेस्ट कौन कर रहा है?
  • जुआडियो के इलाके में पुलिस की रेड : 12 जुआरियों से 2 लाख 30 हजार नगद, 2 कार, 1 बाइक सहित 11 मोबाइल की बरामद
    रायगढ़ : एसपी अभिषेक मीणा द्वारा क्राइम मीटिंग में सूचना तंत्र मजबूत कर जुआ-सट्टा, अवैध शराब पर बड़ी कार्यवाही के दिए गए थे, निर्देशों के तहत आज शाम खरसिया पुलिस द्वारा रानीसागर पठार के पास मुरली क्रेशर के पीछे जुआ फड पर घेराबंदी कर 12 जुआरियों को 52 पत्ती ताश से जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़ा गया है । जुआरियों से 2,30,490 नगद, दो कार, एक मोटरसाइकिल व 11 मोबाइल की जब्ती की गई है ।आरोपियों पर थाना खरसिया में जुआ एक्ट की कार्यवाही की गई है।जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा द्वारा शनिवार सुबह कंट्रोल रूम में ली गई क्राइम मीटिंग पर सभी थाना, चौकी प्रभारियों को सूचना तंत्र मजबूत कर जुआ-सट्टा, अवैध शराब, कबाड़ अवैध हथियार पर बड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था, निर्देशों के तहत एसडीओपी खरसिया एएसपी पीतांबर पटेल द्वारा थाना प्रभारी खरसिया एवं चौकी प्रभारी को मुखबीर व स्टाफ का सूचना तंत्र मजबूत कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। निर्देशों पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक एस.आर.साहू द्वारा स्टाफ व मुखबिरों के माध्यम से सूचनाएं संकलन करने पर आज दोपहर जानकारी मिली की रानीसागर पठार मुरली क्रेसर के पीछे शहर के काफी लोग जुआ खेलने बैठे हैं।
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