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  • मरवाही में CM भूपेश की आज दो सभाएं, एमपी में भी कांग्रेस के पक्ष में बनाएंगे माहौल
    पेंड्रा : मरवाही में होने वाले उपचुनाव (Marwahi Upchunav) के लिए सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) भी कांग्रेस प्रत्याशी केके ध्रुव के पक्ष में जमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और कार्य के बूते पर जनता से वोट की अपील कर रहे हैं. शुक्रवार को भी सीएम भूपेश मरवाही में प्रचार करेंगे. मुख्यमंत्री बस्तीबगरा और दानीकुंडी में दो सभाएं करेंगे. इस दौरान मरवाही उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केके ध्रुव भी मौजूद रहेंगे.
  • राजधानी में बोरी में बंद आशिक की मिली थी लाश… अब शव की हुई पहचान… हत्या की आशंका… जाँच में जुटी पुलिस
    रायपुर । राजधानी में देर शाम एक युवक की बोरी में बंद लाश मिली है। युवक की पहचान कादरबाड़ा गुरूनानक चौक निवासी शेख आशिक कादर उर्फ फिरोज खान के नाम से हुई है। शव के शरीर में कई जगह चोट के निशान मिले है, जिससे हत्या का शक जताया जा रहा हैं। मृतक फिरोज खान पिछले दो दिनों से घर से लापाता था। दरअसल आज शाम को पुरानी बस्ती के एक तालाब की सफाई के दौरान कर्मचारियों को एक बोरी मिली थी। सफाई कर्मियों को बोरी में शव होने की शंका हुई तो इसकी जानकारी पुरानी बस्ती थाना को दी गयी। सूचना मिलने के बाद मौके पर एडिशनल एसपी लखन पटले और पुरानी बस्ती पुलिस पहुंची थी। बोरी से लाश को निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। मृतक की पहचान शेख आशिक उर्फ फिरोज खान के रूप में हुई है। मृतक युवक को उसके दोस्त ‘कनवा’ आशिक के नाम से भी बुलाते थे। शव के शरीर में कई जगहो पर चोट के निशान मिले है। पुलिस संदेह जता रही हैं कि पहले हत्या की गयी उसके बाद शव को बोरे में बांद कर तालाब में फेका गया होगा। इधर मृतक के बारे में पता चला हैं कि उसकी दो पत्नी है, जिसमें एक पत्नी टिकरापारा की पुरानी चाकुबाज है। दूसरी पत्नी पंडरी में रहती। फिलहाल पुलिस मृतक के परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुलिस जल्द ही इस मामले को सुलझाने की बात भी कह रही है।
  • *विधानसभा अध्यक्ष डॉ महंत ने ईद-मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं, मुबारकबाद दी।*
    *विस् अध्यक्ष डॉ महंत ने ईद-मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं, मुबारकबाद दी।* रायपुर, 29 अक्टूबर 2020 /छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने मुस्लिम समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है। डॉ महंत ने कहा कि, पैगम्बर साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी के पवित्र मौके पर दुनिया भर के मुसलमान इस त्यौहार के दिन वे नए कपड़े पहन विशेष प्रार्थनाएं करते हैं ।मोहम्मद पैगंबर का जन्म अरब के शहर मक्का में हुआ था उनकी शिक्षा को समुदाय के लिए बहुत ही मूल्यवान माना जाता है मुस्लिम पैगंबर मोहम्मद की महान शिक्षाओं को याद करने और चर्चा करने के लिए बैठकें आयोजित करते हैं । हजरत साहब के संदेश खुशहाल समाज बनाने की दिशा में हमेशा याद किए जाएंगे। डॉ महंत ने कहा खुशियों के इस पर्व में वर्तमान की कठिनाइयों को ना भूलें । कोविड-19 कोरोना संक्रमण से बचाव के गाइडलाइन का पालन करें, खुद सुरक्षित रहें एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
  • फंदे में लटका मिला पति-पत्नी का शव, चार महीनें पहले ही हुई थी शादी...इलाके में सनसनी

    धमतरी: धमतरी जिले के एक नवविवाहित दंपत्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव एक कमरें में लटके मिले। मौके पर पहुंची ने मामले में परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल मौत के कारनो का पता नहीं चल पाया है। मामले में जांच जारी है। मामले में कोई सुसाइड नोट बरामद नही हुआ है। भैंसबोड के रहने वाले अजय तारक 22 वर्षीय युवक की शादी लता तारक 21 वर्षीय से चार महीना पहले ही शादी हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार रात में परिवार के साथ खाना खाने के बाद दोनों पति पत्नी सोने के लिए अपने कमरे में गए। सुबह जब दोनों अपने कमरे पर नही मिले तो परिजानों ने दोनों की खोज बीन शुरू की। बता दें कि दोनों का शव घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। शव को लटका देख परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले का ​पता चलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिफर कर दिया। बता दें कि मौत के कारणो का अभी तक कोई सुराग नही मिला और न ही कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है।

  • जोगी के पैतृक गांव सीएम की चुनावी हुंकार...सुंदर जिला बनाएंगे मरवाही – सीएम बघेल
    गौरेला पेंड्रा मरवाही / तीन दिवसीय मरवाही दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन सभाएं की। इसमें डोंगरिया, कोडगार और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पैतृक गांव जोगीसार शामिल है। सभा में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कवासी लखमा, मोहन मरकाम के साथ तमाम नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा, जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मैं इस जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत प्रभावित होता हूं। जिले का विकास शुरू हुआ है, आगे भी जारी रहेगा मुख्यमंत्री बघेल ने कहा- जिला बनाने के साथ विकास की शुरुआत की गई है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पास ही तहसील भवन में अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इसे आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पर निशाना साधते हुए कहा, हाथरस जैसी घटनाओं पर यह लोग चुप क्यों रहते हैं? ये विकास का समय है, इसलिए भाजपा को समझ में नहीं आ रहा है।
  • धान खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में डनेज की व्यवस्था सुनिश्चित करें-कलेक्टर
    प्रारंभिक तैयारी की समीक्षा बैठक लेकर धान खरीदी केन्द्र वार विस्तृत चर्चा कर व्यवस्था पूर्ण करने के दिए निर्देश

    उत्तर बस्तर कांकेर 29 अक्टूबर 2020 - समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु जिले के सभी लेम्पस प्रबंधकों को तैयारी के संबंध में बैठक लेकर कलेक्टर श्री के.एल. चौहान ने आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने  समीक्षा करते हुए कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी, इसके लिए प्रारंभिक तैयारी करना सुनिश्चित करें। धान खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में डनेज की व्यवस्था की जाए और जिन केन्द्रों में जगह की कमी है, उन केन्द्रों में व्यवस्था अतिशीघ्र पूर्ण करें। कलेक्टर श्री चौहान ने समीक्षा करते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में प्रतिदिन धान खरीदी के पश्चात बारदाने की सिलाई और स्टेकिंग भी सुनिश्चित किया जाए, जिससे धान खरीदी में आसानी होगी साथ ही प्रत्येक दिन खरीदी के अनुसार टोकन काटने के लिए निर्देशित किये। 
    कलेक्टर श्री चौहान ने धान खरीदी केन्द्रांं में पंजी संधारण कर प्रतिदिन किये गये धान की खरीदी का इन्द्राज फड़मुंशी को करने के लिए भी निर्देशित किये। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सबसे पहले लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जावे। नया और पुराने बारदाने का पृथक-पृथक स्टेकिंग किया जाये। इसके अलावा धान खरीदी केन्द्रों का साफ-सफाई और पर्याप्त स्थल 15 दिवस के पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने लेम्पस प्रबंधकों को निर्देशित करते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में कोचियों एवं व्यापारियों के धान न खरीदा जाये। 
    कलेक्टर श्री चौहान ने समीक्षा करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत् गौठानों में गोबर खरीदी कर स्व-सहायता समूह द्वारा बनाये गये वर्मी कम्पोस्ट खाद को लेम्पस के माध्यम से पंजीकृत किसानों को ही बेचा जाये। गोधन न्याय योजना एप में नवीन मॉडयूल्स सम्मिलित किये गये हैं ताकि गोबर क्रय के पश्चात संपादित प्रक्रियाओं को एप के माध्यम से संकलित एवं मॉनिटरिंग किया जा सके। वर्मी कम्पोस्ट खाद विक्रय के लिए 02 किलोग्राम पैकेट का 16 रूपये, 05 किलोग्राम पैकेट का 40 रूपये और 30 किलोग्राम पैकेट का 240 रूपये दर निर्धारित की गई है। कलेक्टर श्री चौहान ने कहा कि जिले के सभी गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट खाद स्व-सहायता समूह के माध्यम से पैकेट बनाकर उपलब्ध कराया जा रहा है। लेम्पस प्रबंधकों को वर्मी कम्पोस्ट खाद विक्रय के लिए गांव-गांव में प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिये। बैठक में उप पंजीयक सहकारिता संस्थायें आर.आर. मरकाम, जिला विपणन अधिकारी प्रवीण पैकरा, जिला सहकारिता बैंक नोडल अधिकारी एस.के. कनोजिया, जिला खाद्य अधिकारी टी.आर. ठाकुर, सहकारिता विस्तार अधिकारी विजय कोड़ोपी, समस्त लेम्पस प्रबंधक सहित खाद्य निरीक्षक उपस्थित थे। 

  • मक्का प्लांट में आंतरिक सड़कों पर कार्य हुआ शुरू  कलेक्टर ने निर्माण हेतु गठित समिति की योग्यता परीक्षण हेतु दिये निर्देष

    आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष भवन में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में माॅ दन्तेश्वरी मक्का प्रसंस्करण इकाई के निर्माण कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक आहूत की गई। इस बैठक में कलेक्टर नें आंतरिक सड़कों के निर्माण हेतु प्रस्तुत प्राक्कलन पर सहमति व्यक्त करते हुए ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई एवं विभाग को जल्द से जल्द उनके निर्माण कार्यों में प्रगति हेतु निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त नेकाॅफ द्वारा इकाई निर्माण हेतु गठित समिति के सदस्यों की योग्यता एवं अनुभवों को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु नेकाॅफ को कहा गया साथ ही कलेक्टर ने नेकाॅफ के मुख्य सलाहकार को माह में दो बार कार्यों के सम्पादन की रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय के सम्मुख प्रस्तुत करने को कहा।
    इस बैठक में कलेक्टर ने भू-जल उपयोग हेतु एनओसी प्राप्त करने के लिए सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर अथाॅरिटी को आवेदन भेजने एवं प्लांट मशीनरी हेतु एनएफसीडी तथा बाॅयलर हेतु हरि स्टोर को ड्राईंग, डिजाईनिंग, दस्तावेज प्रस्तुत के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी, प्रबंध संचालक केएल उईके, मुख्य सलाहकार ओमप्रकाश सोनी, शशांक तिवारी एवं नेकाॅफ तथा निर्माण एजेन्सियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

     
  •  शिक्षक संवर्ग के नियमितिकरण एवं समयमान वेतनमान पर सामान्य प्रशासन समिति का अनुमोदन

    सामान्य प्रशासन समिति की बैठक जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत कुमार धु्रव की उपस्थिति में तथा शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  हेमनारायण गजबल्ला और शिक्षा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में 28 अक्टूबर को जिला पचांयत के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे के द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त शिक्षक संवर्ग के नियमितिकरण एवं समयमान वेतनमान तथा 01 नवंबर 2020 की स्थिति में संविलियन होने वाले  शिक्षकों के प्रस्ताव पर अनुमोदन कराते हुए निर्देश दिया गया कि सभी नियमितिकरण एवं समयमान वेतनमान का परीक्षण करते हुए कार्यवाही की जाये। सामान्य प्रशासन समिति के द्वारा शिक्षक पंचायत संवर्ग जिन्होंने सात वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके है, उनमें 47 व्याख्याता पंचायत, 40 शिक्षक पंचायत तथा 02 वर्ष की सफलतापूर्वक सेवा पूर्ण करने वाले 22 व्याख्याता पंचायत, 14 शिक्षक पंचायत के नियमितिकरण के प्रस्ताव पर समिति के द्वारा अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार जिले में कार्यरत शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय संवर्ग के 956 शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 01 नवंबर 2020 की स्थिति में संविलियन का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शासन को प्रेषित किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ कन्नौजे द्वारा निर्देशित किया गया कि संविलियन से शेष बचे शिक्षकों के सम्बंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर लम्बे समय से अनुपस्थित शिक्षक पंचायत के विरू़द्ध विभागीय जांच करने के निर्देश भी दिए हैं।

  • विशेष लेख : राज्य सरकार के जनहितैषी फैसलों से मिली रियल इस्टेट सेक्टर को संजीवनी  कोरोना संकट काल में भी रियल इस्टेट रहा मंदी से अछूता

    छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा लिए गए जनहितैषी फैसलों का ऐसा असर हुआ कि जब पूरे देश का रियल इस्टेट सेक्टर जहां मंदी से प्रभावित रहा, छत्तीसगढ़ का रियल इस्टेट सेक्टर कोरोना संकट काल में भी मंदी के प्रभाव से अछूता रहा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में लिए गए फैसले से राज्य में अब आम आदमी और कमजोर तबके के लोगों के लिए जमीन के छोटे और मध्यम भू-खंडों की खरीद और बिक्री संभव हो पा रही है। यह यू ही नहीं हुआ, राज्य सरकार ने आम आदमी की परेशानी को समझा और फैसले लिए, सरकार ने अपने मजबूत इरादों के तहत पहले से जमीन के छोटे और मध्यम भू-खंडों की खरीदी और बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाया और एक आदेश जारी कर नागरिकों को होने वाली कठिनाईयों के मद्देनजर त्वरित कार्यवाही कर 5 डेसीमल से छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री, हस्तांतरण और पंजीकरण पर प्रतिबंध हटाया।


     

       पंजीकरण सॉफ्टवेयर में इसके मुताबिक संशोधन किया। छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से जनवरी 2019 से 5 डेसीमल से छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री, हस्तांतरण और पंजीकरण को फिर से शुरू किया गया इस जनोपयोगी फैसले का इस कदर असर हुआ कि पहले दिन ही 105 भू-खंडों का पंजीकरण हुआ। राज्य में 1 जनवरी 2019 से 30 सितम्बर तक एक लाख 46 हजार 928 से ज्यादा छोटे भू-खंडों के क्रय विक्रय के दस्तावेजों का पंजीयन राज्य सरकार के पंजीयन कार्यालयों में कराया गया है।
        छत्तीसगढ़ का रियल इस्टेट कोरोना संकट काल में मंदी से अप्रभावित रहा है। पिछले सितम्बर माह खत्म हुई तिमाही में राज्य में 27 हजार रजिस्ट्रियां की गई। छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 25 जुलाई 2019 से 31 मार्च 2020 तक एक लाख 37 हाजर 487 भू-खंडों की रजिस्ट्री दर्ज की गई इसके एवज में राज्य सरकार को 1174 करोड़ रूपए की राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि पिछले वर्ष रजिस्ट्री के सीजन में इसी अवधि में एक लाख 31 हजार 179 रजिस्ट्रियां की गई थी और सरकार को 737 करोड़ रूपए का ही राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह से पिछले वर्ष की तुलना में इसी अवधि में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। आंकड़ों में यह वृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार के उस फैसले के बाद आई जिसमें जुलाई 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की कीमत यानि कलेक्टर गाईड लाईन में 30 प्रतिशत की कमी की गई थी जिसे चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए दरों को यथावत रखा गया है।
        दस्तावेजों के पंजीयन ऑनलाइन ई-पंजीयन प्रणाली से किए जा रहे हैं जिसमें दस्तावेजों को उसी दिन पंजीकृत किया जाकर पक्षकारों को दस्तावेज प्रदान किया जाता है। पक्षकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के बाद और आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करने के बाद उप-पंजीयक कार्यालय में जाकर थोड़े से समय में ही पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण होती है। कोविड-19 से संक्रमण की सुरक्षा को देखते हुए पंजीयन हेतु ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट बुकिंग को अनिवार्य किया गया है, अपॉइंटमेंट प्राप्त पक्षकार निर्धारित समय में ही पंजीयन कार्य हेतु उपस्थित होते हैं। इस व्यवस्था के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान भी पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। दस्तावेज पंजीयन के साथ ही साथ दस्तावेज नकल एवं खोज हेतु भी अपॉइंटमेंट बुकिंग प्रारंभ की गई है। पक्षकार द्वारा पंजीयन फीस का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है। शुल्क भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधा सहित स्वाइप मशीन अधिकांश पंजीयन कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है।

  • छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के नए आयाम

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पिछले दो वर्ष के दौरान अनेक दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लिए गए हैं। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य में नवीन औद्योगिक नीति 01 नवम्बर 2019 से 2024 लागू की गई। छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों को बिजली दर में रियायत, अनुदान, सहायता, विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने की सुविधाजनक व्यवस्था के लिए एकल विण्डो प्रणाली साथ ही स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की प्राथमिकता देने सहित अनेक फैसलों से उद्योग जगत को काफी राहत मिली है।
    भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के विकास एवं प्रोत्साहन के लिये किये गये विशेष प्रयासों हेतु राज्य को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। राज्य में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने हेतु की जा रही कार्यवाही एवं विकास के लिए बनाए गए इको-सिस्टम हेतु औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग, भारत सरकार द्वारा राज्य को बेस्ट इमर्जिंग स्टार्ट-अप इको सिस्टम स्टेट के रुप में घोषित किया गया है।
        छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषि आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने राज्य में 200 फूड पार्क की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इस हेतु विभिन्न जिलों के 146 विकासखण्डों में से 101 विकासखण्डों में भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है। इनमें प्रमुख जिले रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, बेमेतरा, बालौद, बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, सूरजपुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा आदि है। अब तक 15 विकासखण्डों में कुल 204.517 हेक्टेयर शासकीय भूमि का आधिपत्य राजस्व विभाग के माध्यम से उद्योग विभाग को प्राप्त हुआ है जिनमें अधोसंरचना विकास के कार्य प्रारंभ है ।
    लघु उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों को शासकीय खरीदी में बढ़ावा देने के उद्देश्य से जेम (
    Govt. e-Marketplace) के स्थान पर राज्य के स्वयं के विपणन पोर्टल (ceps.cg.gov.in) 01 अक्टूबर 2019 से प्रारंभ किया गया है। पोर्टल प्रारंभ होने पश्चात से अब तक 31 विभागों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है और लगभग राशि 323.86 करोड़ रूपए की शासकीय खरीदी की गई है। जिला जगदलपुर के ग्राम बेलर, बड़ेपरोदा, बरांजी, बेलियापाल, दाबपाल, धुरगांव, टाकरागुड़ा आदि ग्रामों की 1764.61 हेक्टेयर निजी भूमि जन आकांक्षाओं को दृष्टिगत रखकर किसानों व भूमि स्वामियों को उनकी अधिग्रहित भूमि वापस की गयी है।
    वाणिज्य और उद्योग विभाग की नीति के तहत आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन किया गया है। भू-प्रब्याजि-औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन हेतु भू-प्रब्याजि में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। भू-भाटक में एक प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में 10 एकड़ तक आबंटित भूमि को लीज़ होल्ड से फ्री-होल्ड किये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम के विभिन्न नियमों का सरलीकरण किया गया है एवं इस हेतु अधिसूचना जारी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों के पास शेष अनुपयोगी भूमि वापिस प्राप्त कर अन्य इकाईयों को आबंटन करने की सहमति प्रदान की गई है।
        निम्न जिलों में नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रारंभ की गई है-
    खम्हरिया, जिला मुंगेली, परसगढ़ी कोरिया, परसगढ़ी, जिला कोरिया, अभनपुर, जिला रायपुर, मौहापाली-सियारपाली, सिलपहरी, बिलासपुर शामिल है।
        युवाओं को वस्त्र उद्योग से संबंधित विभिन्न ट्रेडों जैसे अपैरल मेन्यूफेक्चरिंग टैक्नालॉजी, प्रोडक्शन सुपर विज़न, अपैरल पैटर्न मेकिंग, क्वॉलिटी कंट्रोल, कटिंग, टेलरिंग, सिलाई मशीन आपरेटर से संबंधित रोजगार मूलक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये जिला सुकमा में अपेरल ट्रेनिंग एण्ड डिजाईंग संेटर की स्थापना गत वर्ष 02 मार्च को की गयी है, जिसमें प्रतिवर्ष 240 युवाओं को प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
        राज्य की नवीन औद्योगिक नीति (2019-2024) 01 नवम्बर 2019 से लागू की गयी है। जिला रायपुर में 10 एकड़ भूमि पर जेम्स एण्ड ज्वैलरी पार्क की स्थापना प्रस्तावित है। परियोजना हेतु 10 एकड़ भूमि का आधिपत्य दिनांक 11 जून 2020 को प्राप्त। परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत 350 करोड़ रूपए है एवं परियोजना आगामी 3 वर्ष में पूर्ण करने की योजना है।
    राज्य में उपार्जित किये जा रहे धान में से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यकता के उपरांत शेष लगभग 6 लाख मे. टन धान का उपयोग एथेनाल के उत्पादन में किया जा सकता है। इसके परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस अतिशेष धान को नष्ट होने के स्थान पर के समुचित सदुपयोग के दृष्टिगत् मार्कफेड से अनिवार्यतः क्रय की शर्त पर एथेनॉल/जैव इंधन के उत्पाद हेतु बायो रिफाईनरी उद्योग की स्थापना को प्राथमिकता उद्योगों में सम्मिलित किया गया है।
    राज्य शासन की इस मंशा के अनुरुप उद्योग विभाग द्वारा इस क्षेत्र में निवेश आमंत्रित करने हेतु निवेश की अभिरुचि (ई.ओ.आई.) जारी की गई है। कई इच्छुक निवेशकों द्वारा ई.ओ.आई. पर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन संयंत्रों की स्थापना के लिये कार्यवाही जारी है।  वर्ष 2019-20 में राज्य में नवीन उद्योगों की स्थापना के लिये कुल 23 इकाईयों के द्वारा एमओयू का निष्पादन किया गया है जिसमंे लगभग  8614.76 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश एवं 16,463 व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित है। एमओयू निष्पादन पश्चात इकाईयों के द्वारा अब तक 72.15 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जा चुका है। इनमें मुख्यतः खाद्य प्रसंस्करण, बायो-एथेनाल उत्पादन एवं कोर सेक्टर के उत्पाद सम्मिलित हैं।
    वित्तीय वर्ष 2019-20 में विभिन्न बैंकों के द्वारा 494 हितग्राहियों को कुल 10.14 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया है जिसमें विभाग द्वारा मार्जिन मनी के रुप में  1.73 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। विभिन्न अनुदानों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 848 इकाईयों को रुपये 22.83 करोड़ की राशि ब्याज अनुदान के अंतर्गत तथा 80.13 करोड़ रूपए स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अंतर्गत वितरित की गई है।  जनवरी 2019 से जून 2020 की अवधि में राज्य में 847 इकाईयों द्वारा रु. 14,983 करोड़ का पूंजी निवेश कर 15,400 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है।
    नेशनल एससी,एसटी हब के प्रचार प्रसार हेतु सभी जिलों में इच्छुक निवेशकों तथा उद्यमियों को जानकारी प्रदान करने तथा बढ़ावा देने के लिये वेबिनार आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं द्वारा आनलाईन भाग लिया जा रहा है। स्टील उत्पादन-कोरोना 19 वैश्विक महामारी में भी राज्य के द्वारा 27 लाख टन स्टील उत्पादन किया गया है जो कि देश में सर्वाधिक है।

  • राज्य सूचना आयुक्त श्री पवार ने कानून की परिधि में रहकर आदेश पारित किए- मुख्य सूचना आयुक्त  सेवा निवृत्ति पर श्री पवार की भावभीनी बिदाई

    छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त  मोहन राव पवार को सेवा निवृत्ति होने पर कल राज्य सूचना आयोग में भावभीनी बिदाई दी गई। इस मौके पर मुख्य सूचना आयुक्त  एम. के. राउत ने कहा कि राज्य सूचना आयुक्त श्री पवार आयोग में कुशलता से कार्य सम्पादित किए और कानून की परिधि में रहकर आयोग के द्वितीय अपील के प्रकरणों में आदेश पारित किए। उन्होंने कहा कि यद्यपि श्री पवार प्रशासनिक क्षेत्र से नहीं थे किन्तु व्यावहारिक और कानूनी ज्ञान रखते थे। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धाराओं का अनुपालन करते हुए आयेाग में द्वितीय अपील के प्रकरणों में आदेश पारित किए।
             राज्य सूचना आयुक्त  अशोक अग्रवाल ने कहा कि सूचना आयुक्त  मोहन राव पवार का व्यवहार सरल, सौम्य था। उन्हे सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धाराओं का काफी ज्ञान था और वे राज्य में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आयोजित कार्यशालाओं में सहज रूप से ज्ञान बांटते थे। श्री पवार के साथ आयोग में 3 वर्ष का साथ रहा, जो महत्वपूर्ण था। सूचना आयुक्त  मोहन राव पवार ने आयोग से अपनी बिदाई बेला में कहा कि आयोग में काम सीखने का बहुत अवसर मिला। हमें हमेशा विचारों का आदान-प्रदान करते रहना चाहिए, जिससे संवादहीनता समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि पद, प्रतिष्ठा का अभिमान नहीं होना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त श्री पवार की बिदाई समारोह के अवसर पर सचिव  आई.आर.देहारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राज्य सूचना आयुक्त श्री पवार को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की ओर से शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक श्री धनंजय राठौर, अवर सचिव श्रीमती आभा तिवारी, स्टाफ आफिसर सर्वश्री अशोक तिवारी, ए. के. सिंह, एस. आर. दीवान सहित अधिकारी, कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • Mahabharat में राम भक्त हनुमान ने तोड़ा था धनुर्धर अर्जुन का घमंड, लगाई थी ये शर्त

    कहते हैं कि एक बार हनुमान ने किसी बात पर अर्जुन से शर्त लगाई थी और वो शर्त जीतकर अर्जुन का घमंड चकनाचूर कर दिया था. इसी प्रसंग के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

    महाभारत का युद्ध अब तक के सबसे बड़े युद्धों में से एक माना जाता है जिसमें पांडवों की विजय हुई थी. कहा जाता है कि इस पूरे युद्ध में हनुमान जी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजमान रहे थे. दरअसल, कलयुग में हनुमान ही एक ऐसे देव हैं जिन्हें अमरत्व प्राप्त हैं. कहते हैं कि जब प्रभु श्रीराम ने जब जल समाधि ली थी, तो अपने परम भक्त हनुमान को यहीं पृथ्वी पर रुकने का आदेश उन्होंने दिया, इसीलिए माना जाता है कि वो आज भी पृथ्वी पर साक्षात रूप में रहते हैं. इससे जुड़ा एक प्रसंग आनंद रामायण में मिलता है, जिसमें हनुमान जी अर्जुन के घमंड को तोड़ते हैं. वहीं हनुमान व अर्जुन का एक प्रसंग भी काफी विख्यात हैं. 

     

    कहते हैं कि एक बार हनुमान ने किसी बात पर अर्जुन से शर्त लगाई थी और वो शर्त जीतकर अर्जुन का घमंड चकनाचूर कर दिया था. इसी प्रसंग के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. 

     

    रामेश्वरम में हुई थी अर्जुन और हनुमान की मुलाकात

     

    कहा जाता है कि एक बार रामेश्वरम में अर्जुन और हनुमान जी की मुलाकात हुई थी. तब दोनों में राम रावण युद्ध को लेकर कुछ चर्चा होने लगी. इस पर अर्जुन ने कहा कि आपके प्रभु राम तो वीर योद्धा और धनुर्धर थे, तो उन्होंने लंका जाने के लिए पत्थरों की बजाय बाणों से ही सेतु का निर्माण क्यों नहीं कर दिया। इस पर हनुमान जी ने जवाब दिया कि बाणों का पुल वानर सेना के भार को सह नहीं सकता था. इस पर अर्जुन ने बड़े ही घमंड से कहा कि वे ऐसा पुल बना देते, जो टूटता ही नहीं.

     

    हनुमान ने लगाई थी शर्त

     

    अर्जुन को खुद पर काफी अभिमान था इसीलिए उन्होंने कहा कि वो सामने तालाब में बाणों का पुल तैयार करके दिखाते हैं, वह आपका भार सहन कर लेगा. उस समय हनुमान जी सामान्य रुप में ही मौजूद थे. हनुमान जी ने कहा कि अगर यह सेतु उनका वजन सहन कर लेगा, तो वे अग्नि में प्रवेश कर जाएंगे और यह टूट जाता है तो तुमको अग्नि में प्रवेश करना होगा. यह शर्त उन्होंने अर्जुन के साथ लगाई थी.जिसे अर्जुन ने मान लिया. 

     

    हनुमान जी ने धारण किया विशाल रूप

     

    तब हनुमान जी ने अपना विशाल रूप धारण कर जैसे ही पहला पैर पुल पर रखा. सेतु डगमगाने लगा. दूसरा पैर रखा तो वह चरमराने लगा और पुल की हालत देख अर्जुन ने शर्म से सिर झुका लिया. जब तीसरा पैर हनुमान जी ने रखा तो तालाब खून से लाल हो गया. यह देख हनुमान जी नीचे आए और अर्जुन को अग्नि प्रज्वलित करने को कहा। आग जलते ही हनुमान जी उसमें प्रवेश करने वाले ​थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हुए और उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. तब भगवान कृष्ण ने बताया कि आपके पहले ही पग के रखते यह सेतु टूट गया होता, अगर मैं कछुआ बनकर अपनी पीठ पर आपका भार नहीं उठाता. यह सुनकर हनुमान जी दुखी हुए और उन्होंने क्षमा मांगी. इस तरह अर्जुन का घमंड टूट गया.

     
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