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  • सहेली ज्वेलर्स में DRI टीम से झड़प: दुर्ग में 5 ठिकानों पर 20 घंटे कार्रवाई, 5 बैग में ज्वेलरी और दस्तावेज जब्त
    दुर्ग। दुर्ग जिले में सहेली ज्वेलर्स के ठिकानों पर छापा मारने पहुंची DRI (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) टीम करीब 20 घंटे की जांच के बाद जब लौटने लगी तो उनके साथ झड़प हो गई। दुकान संचालकों ने टीम पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए उनसे धक्का मुक्की शुरू कर दी। टीम को बंधक बनाने का भी प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर दुर्ग पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके साथ ही झूमाझटकी की गई। हालांकि फिर टीम के सदस्यों को वहां से बाहर निकाल लिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। Chhattisgarh Crimes दरअसल, DRI की 60 सदस्यीय टीम ने गुरुवार सुबह सहेली ज्वेलर्स के 5 ठिकानों पर छापा मारा था। इनमें दुर्ग और भिलाई में दुकान, मकान और कारखाने में एक साथ कार्रवाई शुरू की गई। टीम के सदस्यों ने सहेली ज्वेलर्स के संचालक सुनील जैन और राजेंद्र जैन के परिवार को नजर बंद कर दिया। उनसे उनके मोबाइल फोन ले लिए गए और घर के अंदर से किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया गया। टीम के सभी सदस्यों ने वहां दस्तावेज खंगाले और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। इस दौरान टीम ने यहां से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी सहित उनसे बने आभूषण बरामद किए। जब अधिकारियों ने इनके दस्तावेज मांगे तो ज्वेलर्स संचालक प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद टीम ने वहां से 5 बैग में हार्ड डिस्क, सीसीटीवी फुटेज, सहित अन्य दस्तावेज और सोना चांदी जब्त कर लिया। देर रात करीब 1 बजे जब टीम जाने लगी तो ज्वेलर्स संचालकों ने उन्हें घेर लिया और बाहर नहीं जाने दिया। इस दौरान उनके बीच काफी बहस और झूमाझटकी भी हुई। मामला बढ़ते देख अधिकारियों ने दुर्ग पुलिस की मदद ली और किसी तरह वहां से निकले। ज्वेलर्स संचालक ने लगाया आरोप डीआरआई की टीम के साथ देर रात मारपीट और धक्कामुक्की की भी खबर मिलने पर दुर्ग सीएसपी जितेंद्र यादव और कोतवाली टीआई पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। उस दौरान वहां पर काफी हंगामा हो रहा था। ज्वेलर्स संचालक ने आरोप लगाया कि बिल देने के बाद भी अधिकारियों ने उनके कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। एसएसपी बीएन मीणा का कहना है कि मारपीट की कोई शिकायत नहीं मिली है। धक्कामुक्की होने की खबर मिली थी। जब डीआरआई के अधिकारी कोई शिकायत दर्ज कराएंगे तो पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी। वायरल हो रहा धक्कामुक्की का वीडियो डीआरआई और ज्वेलर्स संचालक के आदमियों के बीच धक्कामुक्की हुई है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि DRI की टीम को छापेमारी के दौरान अंदर जाने से रोका जा रहा है। इतना ही नहीं उनके द्वारा जब्त किए गए सोने और चांदी को नहीं ले जाने दिया जा रहा है।
  • 8 से 15 दिसंबर तक कई ट्रेनें प्रभावित
    बिलासपुर। रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। संबलपुर–टिटलागढ़ सेक्शन में दोहरीकरण परियोजना के चलते काम चल रहा है। जिसके चलते 8 से 15 दिसंबर तक कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगे। इनमें 4 ट्रेनें को रद्द और 16 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश में जवाद तूफान के कारण दो ट्रेन निरस्त हुआ है। जानकारी के अनुसार ओडिशा रूट की भोपाल से गुजरने वाली दो ट्रेन रद्द हुआ है। रेलवे ने इसकी जानकारी दी है जिसके तहत ट्रेन संख्या 20807 विशाखापट्टनम-अमृतसर और ट्रेन संख्या 22910 पुरी-बलसाड़ एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। दोहरीकरण परियोजना के तहत ये ट्रेनें रहेंगी रद्द 08263 टिटलागढ़-बिलासपुर स्पेशल पैसेंजर 11 से 15 दिसम्बर तक रद्द 08264 बिलासपुर-टिटलागढ़ स्पेशल पैसेंजर 11 से 14 दिसम्बर तक रद्द 18425/18426 पूरी-दुर्ग-पूरी एक्सप्रेस 08 से 14 दिसम्बर तक रद्द
  • जशपुर – युवा महोत्सव कार्यक्रम में प्रस्तुति देने स्कूली बच्चों को माल ढ़ोने वाले पिकप में ठूंस ठूंस कर लाया गया, BEO की घोर लापरवाही
    कांसाबेल:- छत्तीसगढ़ में युवा महोत्सव पूरे जोर शोर से मनाया जा रहा है. और वहीं हम बात करें अगर जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लाक मुख्यालय की तो आज युवा महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और कल समापन होना है जहां मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक रामपुकार सिंह को आमंत्रित किया गया है. बता दे कि यह कार्यक्रम विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कांसाबेल के द्वारा संचालित की जा रही है ऐसे में आज स्कूली बच्चों को कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था. लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि यहां स्कूली बच्चों को बीईओ के द्वारा माल ढोने वाली पिकप में जानवरों की तरह ठूस ठूस कर ले जाया जा गया जहां स्कूली बच्चे नृत्य के वेश भूषा में नजर आ रहें हैं और उन्हें स्कूल से ही कार्यक्रम स्थल ले जाया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही के बाद अगर माल ढोने वाली गाड़ी में स्कूली बच्चे खड़े होकर कार्यक्रम स्थल लिया जा रहा है और किसी तरह की कोई अप्रिय घटना हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? स्कूली बच्चों को स्कूली बस या अन्य वाहन में भी लिया जा सकता था लेकिन यहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शायद कोई गाड़ी नही मिली शायद इसलिए स्कूली बच्चों को पिकप भर कर लाया जा रहा है। इस सम्बंध में जब हमने बीईओ संजीव सिंह से बात की तो उन्होंने मीडिया से इस मामले में कुछ भी कहने से अपना पलड़ा झाड़ लिया. पथलगांव में हिट एंड रन मामले के बाद प्रसाशन अलर्ट है उसके बाद भी शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही विभाग के ऊपर सवालिया निशान खड़ा करता है।
  • छत्तीसगढ़: एक परिवार के 6 लोग पॉजिटिव… महाकाल के दर्शन कर उज्जैन से लौटे थे, संक्रमितों में 2 बच्चे भी… इलाका कंटेनमेंट जोन घोषित…
    छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में शुक्रवार को एक ही परिवार के 6 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। सभी लोग मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। वहां से लौटने के बाद सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी को आइसोलेट कर दिया है। साथ ही इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, शहर के केसर नगर इलाके में रहना वाला परिवार करीब 15 दिन पहले उज्जैन गया था। वहां से लौटने के बाद तबीयत खराब होने पर टेस्ट कराया गया तो उनकी रिपोर्ट एक दिन पहले ही पॉजिटिव आई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिले में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। जिले में लगातार केस बढ़ने शुरू हो गए हैं। राजनांदगांव में अब तक 516 संक्रमितों की हो चुकी मौत जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 516 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार शाम तक जिले में एक्टिव केस की संख्सा बढ़कर 16 हो गई है। खास बात यह है कि जिले में पिछले एक सप्ताह में संक्रमित मरीजों के मिलने की संख्या 0 थी, लेकिन पिछले दो दिनों में इनमें ल्रगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना से बचने के लिए सावधानी जरूरी कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोग जाने से बचें। शादी समारोह व किसी अन्य आयोजनों में जरूरी होने पर ही जाएं। मास्क का निरंतर उपयोग होना चाहिए। अगर किसी प्रकार से कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ही जांच करवा लेनी चाहिए। अभी तो मौसम की वजह से सामान्य तौर पर भी लोगों को सर्दी खांसी हो जा रहा है।
  • महिला पटवारी की घूसखोरी हुई कैमरे में कैद… कहा- 2 हज़ार देदो काम हो जाएगा…
    उज्जैन में किसान की मौत के बाद जब उसके पुत्र ने अपना नाम दस्तावेजों पर चढ़ाने के लिए आवेदन किया तो महिला पटवारी ने ₹2000 रिश्वत की मांग कर डाली. अब महिला पटवारी का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं. दस्तावेजी कार्रवाई पूर्ण करने के नाम पर मांगी रिश्वत दरअसल बडनगर तहसील के फतेहपुर में रहने वाले मनीष अग्निहोत्री ने बताया कि उसके पिता राधेश्याम अग्निहोत्री की मौत हो चुकी है, जिसके बाद उनकी पैतृक जमीन के दस्तावेजों पर उनका नाम चढ़ाया जाना था. इसके लिए उनके द्वारा तहसील में विधिवत आवेदन किया गया. यह मामला जब महिला पटवारी पूजा परिहार के पास पहुंचा तो पूजा परिहार ने दस्तावेजी कार्रवाई पूर्ण करने के नाम पर ₹2000 की रिश्वत मांग ली. मनीष अग्निहोत्री ने बताया कि वह ₹1000 की राशि पूजा परिहार को दे चुका है. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद बड़नगर के तहसीलदार राधेश्याम पाटीदार ने कार्रवाई के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख दिया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
  • CG TRANSFER BREAKING : प्रदेश के कई IPS अधिकारीयों के तबादले, इन जिलों के बदले गए SP, जानिए किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट
    छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा/ राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किया है। आधा दर्जन जिलों के एसपी बदले गए हैं। राज्य सरकार ने कई जिलों के एसपी बदल दिए हैं। आरक्षक से दुर्व्यवहार करने वाले बलौदा बाजार के एसपी को हटा दिया गया है। उनकी जगह पर दीपक झा जा रहे। वहीं गरियाबंद एसपी पारुल माथुर को बिलासपुर भेजा गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन एतद्द्वारा प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से निम्नांगित भारतीय पुलिस सेवा राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख कॉलम-04 में दर्शित पद पर रथाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त तक पदस्थ करता है। राज्य शासन द्वारा भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत पुलिस अधीक्षक जित्ता लौदाबाजा-गाटापारा में संवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय पुलिस सेवा के पुलिस उप महानिरीक्षक के पद के समकक्ष घोषित किया जाता है।
  • बलौदाबाजार में धोखाधड़ी – महिला समूहों के लोन की रकम 34 लाख हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार
    बलोदा बाजार – जिले में अपराधों पर रोकथाम हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी श्री विजय चौधरी के नेतृत्व में थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार के अपराध क्रमांक 835/2021 धारा 420, 409 भादवि के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया । नाम आरोपी – देवेन्द्र साहू पिता रामगुलाल साहू उम्र 41 साल निवासी गायत्री मंदिर के पीछे लवन रोड बलौदाबाजार थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार एक्सीस बैंक के वर्ष 2020 के माह अक्टुबर में आडिट के दौरान पता चला कि QUESS CORP LTD के द्वारा रिलेशन शिप मैनेजर के पद हेतु एक्सिस बैंक शाखा बलौदाबाजार को उपलद्ध कराये गये देवेन्द्र साहू के द्वारा वर्ष 2020 में मार्च माह से नवम्बर माह तक अपने पद पर कार्य करते हुए अपने पद का दुरूपयोग कर 17 समुह जिसमें कुल 92 सदस्य है के नाम से एक्सिस बैंक बलौदाबाजार से माईक्रो फायनेंस ग्रुप लोन कुल रकम 33 लाख 71 हजार रूपये को स्वीकृत कर आहरण किया किंतु लोन की राशि को समुह के ग्राहको को वितरण नही करते हुए स्वयं हडप लिया। इसके बाद आठ समुहो के 34 ग्राहक जिन्हे पूर्व में लोन दिया गया था, जिनका मासिक किस्त बैंक में जमा हो रहा था कि देवेन्र्ह साहू के द्वारा मासिक किस्त की कुल रकम 64,933 रूपये को स्वयं तथा अपने अधीनस्थ फिल्ड अफसरो के माध्यम से कलेक्सन करवाकर अपने पास रख लिया जिसे बैंक में जमा न करते हुए स्वयं हडप लिया इस तरह देवेन्द्र साहू के द्वारा एक्सीस बैंक एवं ग्राहको के साथ धोखाधडी कर लोन एवं मासिक किस्त की कुल राशि 34,35,933 रूपये का गबन कर फरार हो गया है । प्रार्थी के रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी का पता तलाश कर आज दिनांक 03.12.2021 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है । उक्त कार्यवाही में प्र0आर0 मो0 अरसद खान, आरक्षक मुकेश तिवारी, हेमंत बंजारे का विशेष योगदान रहा ।
  • भाटापारा – 1.5किलो गांजे के साथ महिला गिरफ्तार, घूम घूम कर बेचती थी गांजा
    थाना भाटापारा शहर वरिष्ठ अधिकारियो के दिशा निर्देश और मार्गदर्शन पर निरीक्षक महेश ध्रुव के कुशल नेतृत्व में धर पकड कार्यवाही हेतु स्टाप को निर्देश दिया गया था कि दिनांक 01-12-2021 को जरिये मुखबीर से सूचना मिला कि सीता बाई खत्री महासत्ती वार्ड भाटापारा थाना भाटापारा शहर अपने घर मकान में मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने की सूचना पर थाना भाटापारा पुलिस सउनि विजय केशरिया , नेतराम पटेल महिला प्रधान आरक्षक पुष्पा राठौर आरक्षक श्रीचंद ध्रुव , कमल किशोर साहू एवं गवाहों को साथ लेकर घेराबंदी, रेड कार्यवाही की। मामले में सीता बाई खत्री पति स्व: पारूमल खत्री उम्र 71 साल साकिन महासत्ती वार्ड भाटापारा थाना भाटापारा शहर को पकडे आरोपीया के कब्जे से कुल 1kg50 ग्राम तथा नगदी रकम 590/रू मौके पर जप्त कर कब्जा पुलिस में लिया गया आरोपीया का कृत्य अपराध धारा NDPS का घटित करना पाये जाने से ndps एक्ट के तहत पूरी कार्यवाही कर गिरफ्तार कर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में गया । आरोपिया के खिलाफ़ पूर्व में भी गांजा की कार्यवाही किया गया है। अरोपीया को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया । कार्यवाही में सउनि विजय केशरिया , नेतराम पटेल महिला प्रधान आरक्षक पुष्पा राठौर आरक्षक श्रीचंद ध्रुव , कमल किशोर साहू शामिल रहे। थाना भाटापारा शहर में अवैध जुआ-सटटा, शराब,गांजा मादक पदार्थ पर लगातार कार्यवाही की जा रही है*
  • अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक

    छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भुनेश्वर बघेल ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यां की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जिला वार समीक्षा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से की गई। इस दौरान सत्र 2019, 2020 एवं 2021 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यो की समीक्षा की गई। इनमें अप्रारंभ कार्य, प्रगतिरत कार्य, अपूर्ण कार्य के आधार पर समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट रूप से अधिकारियों कहा गया कि अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए इन कार्यां की स्वीकृति दी जाती है। इसे समय पर प्राथमिकता से पूर्ण करायें।
    बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यां के लिए जनपद पंचायत नोडल होता है। इसलिए इन कार्याे को प्राथमिकता से पूर्ण कराने में इनका महत्वपूर्ण भूमिका होता है। इसके लिए जिला पंचायत में होने वाली बैठकों में प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्याें के संबंध में चर्चा करें।
    बैठक में प्राधिकरण के सदस्यों ने मांग किया कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण अंतर्गत किसी प्रकार की मांगों के लिए प्राधिकरण के सदस्यों की मांग को प्राथमिकता दिया जाए। प्राधिकरण अंतर्गत अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर तदनुसार विचार करें। अध्यक्ष श्री बघेल ने बताया कि प्राधिकरण के पास सीमित बजट होता है। मांग और कार्य की महत्ता को देखते हुए स्वीकृति दी जाती है। उन्होंने अगले समय से प्रति सदस्य 10 लाख रुपये की मांग स्वीकृति देने की बात कही।
    बैठक में सदस्यों ने यह भी मांग किया कि अनुसूचित जाति बाहुल्य वाले क्षेत्रों में प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्याे में प्राथमिकता दिया जाए। साथ ही सदस्यों ने प्राधिकरण अंतर्गत समुदाय के विभिन्न गतिविधियों पर आधारित विकास कार्याे को प्राथमिकता देने की मांग रखा। जिसमे पुस्तकालय, कम्प्यूटर ट्रेनिंग, विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण पर फोकस करने कहा। बैठक में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्ययक्ष श्री के एल नंद, उपायुक्त दुर्ग संभाग श्री अजय कुमार मिश्रा सहित प्राधिकरण के सदस्यगण उपस्थित थे।

  • ’’कोरोना महाटीकाकरण तिहार’’ जिले के समस्त सरपंचो के साथ कलेक्टर की हुई मेगा बैठक

    /जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आये जिले के सभी विकासखण्डो से आये सरपंचो के साथ कलेक्टर  पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में महाबैठक का आयोजन किया गया था। बैठक मुख्यतः आगामी 12 दिसम्बर को जिले में प्रस्तावित कोरोना महाटीकाकरण अभियान के परिपेक्ष्य में आहुत था। अभियान के उद्देश्य एवं आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होने बताया कि जिले की एक बड़ी आबादी को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है चूकिं कोरोना की तीसरी लहर में नये वेरिएंण्ट के आने से यह और भी जरूरी हो गया है। सभी जानते है कि कोरोना की पहली लहर ग्रामो तक नही पंहुची थी और उससे अधिकतर उम्रदराज लोग ही प्रभावित हुए थे जबकि दूसरी लहर ने अधिक खतरनाक स्वरूप दिखलाते हुए युवा वर्ग को भी चपेट में लिया था। अब तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रो को बचाने की जिम्मेदारी पूरे प्रशासन एवं जनप्रतिधियों की है। जिले में वैक्सीन के पहले डोज के लिए अब सिर्फ 25 से 26 हजार लोग ही बचे हुए है और लगभग 90 हजार लोगो को दूसरा डोज लगना बाकि है। अतः सरपंचो, सचिवों एवं सभी ग्राम प्रमुखों का यह महती उत्तरदायित्व है कि इस टीकाकरण मे सहयोग देंवे ताकि जिले में शत् प्रतिशत लोगों को टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके । इस प्रकार 12 दिसम्बर को महाटीकाकरण अभियान ने टीकाकरण में अब तक बची हुई आबादी को टीका लगवाना सुनिश्चित किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होने शत् प्रतिशत टीकाकरण करने वाले ग्रामों के सरपंचो की सराहना भी किया।
    उन्होने महामारी से बचाव साधनो चिकित्सा एवं उपचार के संबध में बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रो में आक्सीजन प्लांट की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा जिला मुख्य चिकित्सालय मेे 3 आक्सीजन उपकरण लगाये जा चुके है। 12 दिसम्बर को आयोजित टीकाकरण अभियान में 1 ही दिन में 1 लाख से अधिक लोगो का हर ग्राम पंचायत नगरीय निकाय, कस्बे, पारा, मोहल्लो-टोलो में वैक्सीकरण करने का प्रयास किया जायेगा और इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था की जा चुकी है।  
    बैठक में कलेक्टर ने इसके अलावा ग्रामों में अधोसंरचानात्मक विकास, आवागमन के साधनो पर चर्चा करते हुए कहा कि अदंरूनी गांव मंे सड़क एवं पुल-पुलिया का निर्माण पहले आवश्यकता है और इसके लिए इस वर्ष 3 करोड़ की राशि की लागत वाले पुल-पुलिया एवं सीसीरोड की स्वीकृति दी जा चुकी है। और और जिन-जिन ग्राम पंचायतो में इनकी आवश्यकता है वे तत्काल प्रस्ताव बनाकर जिला पंचायत में जमा करें। उन्होने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत् इन सभी कार्यो को पूरा किया जायेगा और उन्ही ग्रामों के कामगारों को नियुक्त करना सरपंचो की भी जिम्मेदारी है। जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होने कहा कि ग्रामों के हर घर तक पेयजल हेतु नल कनेक्शन देना मिशन का मुख्य उद्देश्य है और इस कार्य में लगे विभागीय कर्मचारियों को ग्रामीण पूरा सहयोग देंवें। इसके साथ सुपोषण की चर्चा करते हुए उन्होने बताया कि बच्चो का मानसिक विकास 5 वर्ष तक हो जाता है और इसी उम्र में अगर बच्चे का सही देखभाल और खानपान न होने से बच्चा कुपोषण के चपेट में आ जाता है और कुपोषण का दुष्प्रभाव ताउम्र पीछा नही छोड़ती। इसलिए ऐसे बच्चो को पोषण पुर्नवास केन्द्र भिजवाने की पहल सरपंचो को किया जाना चाहीए। इसके लिए प्रशासन द्वारा ’’नगंत पिला’’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है साथ ही आंगनबाडी केन्द्रो में रेड-टु-ईट फूड के अलावा रागी अनाज से बने पोषक आहार भी बच्चो के डाइट में शामिल किया गया है। इस तरह सरपंचो को अपने ग्रामो के विकास कार्यो के अलावा शिक्षा और सुपोषण जैसे जनहितकारी एवं सामाजिक व्यवस्थाओं पर भी लगातार निगरानी रखनी चाहिए। गौठानो की उपयोगिता के संबध में उन्होने कहा कि गौठानो को आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित करना शासन का प्रमुख लक्ष्य है जहां स्वसहायता समुह के माध्यम से साग, सब्जी उत्पादन डेयरी पशुपालन, कुक्कुट पालन एवं मत्स्य पालन करके रोजगार स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर गांव की संकल्पना को साकार किया जा सकता है और जिले के गौठानो मे महिलाओं द्वारा इस कार्य को बखुबी किया जा रहा है। अतं में उन्होने यह भी बताया कि इन क्षेत्रो में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ग्राम पंचायत ,सरपंचो एवं पंचो को 26 जनवरी मे एवार्ड भी दिये जायेंगे।
    बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा ने जानकारी दी कि जिले मे 18 से 45 वर्ष के आयु वाले 2 लाख से अधिक व्यक्तियों को पहला डोज लग चुका है जबकि 45 आयु वर्ग को 1 लाख 27 हजार टीका लग चुका है। इस प्रकार 576 ग्रामों में एक साथ टीकाकरण करवाया जायेगा इसके लिए सभी ग्राम पंचायतो में इस संबंध में दीवार लेखन करवा कर तथा 11 दिसम्बर को सभी पारा टोलो मे मुनादी एवं माइक के माध्यम से भी ग्रामीणों को अवगत एंव जागरूक करायें। इसके अलावा इस विषय के संबंध में सभी पंचायते ग्राम प्रमुखो शिक्षको, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मितानिनो की एक लघु बैठक आयोजित अवश्य करें। ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण आबादी को कव्हर किया जा सके।
    इसके साथ ही बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ कुमार तिवारी ने कानून व्यवस्था के सबंध में सरपंचो से चर्चा किया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रो में होने वाली किसी भी गंभीर घटना कि जानकारी पुलिस प्रशासन को अवश्य देंवें। ग्रामों में विवाद होने की स्थिति में किसी को भी कानून और व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नही दी जायेगी और पुलिस प्रशासन इसमें पूरी क्षमता से अपना कार्य करेगा।
    इस बैठक में विभिन्न ग्रामों से आये सरपंचो द्वारा अपनी मांग और समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया इसमें ग्राम गम्हरी के सरपंच ने गौठान और चबुतरा निर्माण की मांग रखी जिसके लिए कलेक्टर द्वारा तुरंत स्वीकृति भी दिया गया। इस क्रम में ग्राम उमरगांव के सरपंच द्वारा आश्रित गांव कोकड़ा भाटा में पदस्थ शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति की शिकायत की गई। इस पर कलेक्टर ने उक्त शिक्षक को तत्काल निलंबन करने के आदेश दिये गये। इसके अलावा ग्राम भण्डारवण्डी से कोकड़ा जुगानार तक सड़क निर्माण, कुकाड़गारका पाल मंे ट्यूटर खेतरपाल के अपूर्ण स्वास्थ्य केन्द को पूर्ण करने,्र चांदा गांव में स्कूल मरम्मत करने, ग्राम बालोण्ड एवं परौदा में पुलिया निर्माण, ग्राम पारोण्ड में अतिरिक्त प्रसवकक्ष की स्थापना, टेमरूगांव मे पंचायत भवन निर्माण, संबंधी मांगो पर भी कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दिया गया।

  • कलेक्टर एवं एसपी ने सड़क हादसे में घायल मरीज को एम्बुलेंस बुलाकर पहुंचाया अस्पताल गंभीर रूप से घायल मरीज को रिफर किया गया जिला अस्पताल

    माकड़ी कोण्डागांव मार्ग पर गुरूवार को सायं 6.00 बजे बड़गांव के निकट बाईक सवार दो व्यक्तियों का अचानक से संतुलन बिगड़ जाने से रोड़ पर एक्सीडेंट हो गया था। इस दौरान धान उपार्जन केन्द्रों का दौरा कर लौट रहे कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की नजर घायलों पर पड़ी। जिसपर कलेक्टर एवं एसपी द्वारा वाहन से उतरकर घायलों को देखा एवं तुरंत एम्बुलेंस मंगाकर स्वयं मरीजों को एम्बुलेंस में चढ़ाया। एम्बुलेंस में मरीजों को बिठाकर माकड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुंचाया गया। जहां मरीजों की प्राथमिक जांच कर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई।
    इस संबंध में थाना प्रभारी माकड़ी देवेन्द्र दर्रो ने बताया कि सायं 6.00 बजे 25 वर्षीय भगत नाग, पिता मानिकराम नाग एवं 27 वर्षीय राजकुमार पोयाम, पिता मैदर पोयाम बाईक पर सवार होकर माकड़ी स्थित अपनी बहन के घर से उनसे मुलाकात कर वापस गृह ग्राम दण्डवन लौट रहे थे। इस दौरान बाईक का संतुलन बिगड़ जाने से रास्ते पर उनका एक्सीडेंट हो गया। जिसमें गाड़ी चला रहे भगत को चेहरे एवं हाथों पर मामुली चोटें आई थी। जबकि पीछे बैठे राजकुमार पोयाम को चेहरे के साथ पैर एवं हाथों में कुछ गंभीर चोटें लगी थी। जिसके लिए कलेक्टर एवं एसपी द्वारा एम्बुलेंस द्वारा घटनास्थल से माकड़ी अस्पताल में पहुंचाया गया था। जहां प्राथमिक ईलाज के बाद राजकुमार की चोटों को गंभीर मानते हुए डॉक्टरों द्वारा राजकुमार को जिला अस्पताल में परीक्षण एवं ईलाज हेतु रिफर कर दिया गया है। जबकि भगत को कुछ चोटें आयी हैं मगर वह स्वस्थ हैं एवं उनका ईलाज जारी है।

  • मानसिक स्वास्थ्य हेतु उरन्दाबेड़ा, धनोरा एवं मर्दापाल थानों में लगाई गई ‘तनाव प्रबंधन कार्यशाला‘ कोण्डागांव पुलिस लाईन, विश्रामपुरी एवं ईरागांव थाना में 03 दिसम्बर को हुई कार्यशाला

     जिले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘संवेदना‘ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु ‘तनाव प्रबंधन कार्यशाला‘ का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य शासन की ओर से मास्टर ट्रेनर के रूप में साइकाईट्रिक समाज सेवी प्रशांत पाण्डे, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक, कम्यूनिटी नर्स पी अतीत राव द्वारा उरन्दाबेड़ा, धनोरा एवं मर्दापाल थानों में मानसिक तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तनावमुक्ति एवं तनाव प्रबंधन के संबंध में बताया गया साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, तनाव के कारक, तनाव के लक्षण, मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए सभी की मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी की गई।
    इस कार्यशाला में उरन्दाबेड़ा थाने से 60, धनोरा में 70 एवं मर्दापाल थाने में 70 पुलिस एवं अन्य बलों के जवानों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को कोण्डागांव पुलिस लाईन, विश्रामपुरी एवं ईरागांव में भी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जहां राज्य से आये अतिथि चिकित्सकों के अलावा मधु जैन, देवव्रत एवं सोनल तालुकदार ने भी विभिन्न गतिविधियों द्वारा तनाव प्रबंधन के बारे में बताया।