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  • RAIPUR BREAKING : मानव तस्करी में भाजपा की मंडल मंत्री गिरफ्तार
    रायपुर । डोंगरगढ़ में मानव तस्करी मामले में पुलिस ने भाजपा फाफाडीह मंडल की मंत्री गंगा पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक पुलिस ने इस मामले में 3 पुरुष व 2 महिला आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनो डोंगरगढ़ की 21 वर्षीय विवाहित महिला के गायब होने के बाद महिला को सकुशल राजस्थान से बरामद किया गया था जिसके बाद मानव तस्करी का खुलासा हुआ और पुलिस हरकत में आयी। पुलिस ने डोंगरगढ़ की साजदा नामक आरोपी महिला को गिरफ्तार कर पुछताछ की तो कुछ ऐसे बडे खुलासे हुए कि पुलिस के भी होश उड़ गये। पुलिस को साजदा से पुछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले कई सालो से मानव तस्करी का एक बडा संगठित गैंग छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा से गरीब मजबूर युवतियों को काम के बहाने या अच्छी जगह शादी करने का लालच देकर हवाई जहाज से गैंग के हवाले कर दिया जाता था।
  • ACCIDENT : न्यायधानी में बाइक सवार अधेड़ को… अज्ञात वाहन ने मारी ठोकर… मौत, नहीं हुई पहचान
    बिलासपुर में शुक्रवार को एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बाइक सवार अधेड़ की मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन उसे कुचलता हुआ निकल गया। हादसा रतनपुर थाना क्षेत्र के भरारी के पास हुआ है। सूचना पर पहुंची डायल 112 की टीम ने शव को सिम्स की मरच्यूरी में रखवा दिया है। जानकारी के मुताबिक, हादसा बिलासपुर-रतनपुर मुख्य मार्ग पर भरारी के पास हुआ है। किसी वाहन ने पीछे से बाइक को टक्कर मारी है। शव को देखकर आशंका जताई जा रही है कि किसी भारी वाहन ने टक्कर मारने के बाद उसे कुचल कर भाग निकला। पुलिस ने आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शव शिनाख्त नहीं हो सकी।
  • बाबा साहेब अंबेडकर के बनाये संविधान को बदलना ही मोदी आरएसएस और भाजपा का एजेण्डा है
    • समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों की बात कह कर मोदी ने भाजपा की सोच स्पष्ट कर दी
    • दरअसल मोदी और भाजपा की निगाहों में मजदूरों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के हक और हित ही अपना महत्व खो चुके है
      प्रधानमंत्री मोदी के देश के नाम संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर के बनाये संविधान को बदलना ही मोदी आरएसएस और भाजपा का एजेण्डा है। मोदी ने समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी कहकर अपनी नीति नीयत और जन विरोधी रवैया उजागर कर दिया है। मोदी के लिए और भाजपा के लिए मजदूरों, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीबों के लिये बने सारे कानून अपना महत्व खो चुके हैं। मोदी और भाजपा के लिए इन तमाम वर्गों के हकों और हितों की बात ही अपना महत्व खो चुकी है। मोदी और भाजपा के लिए आज सिर्फ अपने चहेते उद्योगपति अंबानी और अडानी के हितों की रक्षा महत्वपूर्ण है। इसीलिये आज पूरे देश में गरीब, मजदूर, किसान मोदी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन दे रहे है, हड़ताल कर रहे है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी और भाजपा देश हित और प्रदेश हित में काम करने की सोच खो चुके हैं। मोदी और भाजपा की संविधान के प्रति मंशा खुल कर स्पष्ट हो गयी है। भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के लोगों ने आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया और संविधान निर्माण की प्रक्रिया में भी इनकी कोई भागीदारी नहीं रही। मोदी की विचाराधारा के बस में संविधान की पवित्रता और महत्व को समझना है ही नहीं। भाजपा और आरएसएस संविधान में सब कुछ बदल देना चाहते हैं। मजदूर के अधिकारों को समाप्त करने वाले और किसान विरोधी नये कृषि कानून इसके जीताजागता सबूत है। केन्द्र सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति वर्गों के हितों को नुकसान पहुंचाने में लगातार लगी हुयी है। 
      केन्द्र सरकार के नए श्रमिक कानून से करीब 40 लाख नौकरियां खत्म होने और आर्थिक गुलामी की स्थिति बनने का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी सरकार मजदूरों और कामकाजी लोगों के दमन को बढ़ावा दे रही है। मोदी सरकार मजदूर कानून में बदलाव कर मोदी सरकार मजदूर और कामकाजी तबके के शोषण के लिये नई तरह की गुलामी की स्थिति बनने में संलिप्त है। इस कानूनों से ही संगठित क्षेत्र में ही 41 लाख नौकरियां खत्म हो जाएंगी और पहले ही सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही बेरोजगारी और बढ़ेगी। 
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भारत में गुलामी प्रथा एक सदी पहले खत्म हो चुकी है, लेकिन मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये ‘पेशेवर सुरक्षा’ स्वास्थ्य व काम करने की स्थिति संहिता-2020 के जरिए आर्थिक गुलामी की व्यवस्था करने में लगी है। भाजपा सरकार ने शोषण रोकने की बजाय मजदूरों और उत्पादन कार्य में लगे कामकाजी तबके के दमन की खुली छूट दे दी है। नए नियमों के अंतर्गत फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों के लिये 12 घंटे की शिफ्ट का प्रावधान किया जा रहा है, जिससे उनके पास फैक्टरी आने के लिये घंटों तक का सफर करने, आराम करने, घर के काम करने या फिर परिवार को देने के लिये समय ही नहीं बचेगा और उनके काम और जीवन का संतुलन बिगड़ जाएगा। इससे भारत में मजदूर एवं कर्मचारी वर्ग की शारीरिक एवं मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ेगा।  
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी सरकार के कानूनों लागू होने के बाद फैक्टरियों में काम करने वाले एक तिहाई कर्मचारियों के पास कोई काम नहीं बचेगा और वो बेरोजगार हो जाएंगे, क्योंकि उद्योग मौजूदा ‘तीन शिफ्ट’ के बजाए सिर्फ ‘दो शिफ्ट’ काम करने की व्यवस्था लागू कर देंगे। 2017-18 में किए गए उद्योगों के वार्षिक सर्वे के अनुसार भारत में अकेले संगठित क्षेत्र में लगभग 1.22 करोड़ कर्मचारी फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे, लेकिर अब भाजपा सरकार द्वारा नए नियमों के तह काम के घंटे बढ़ा दिए जाने के बाद एक तिहाई यानी 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी फौरन बेरोजगार हो जाएंगे। 
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि बिना योजना के लॉकडाउन लागू कर हजारों मजदूरों की मौत की जिम्मेदार भाजपा की गरीब-विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। भाजपा सरकार ने इस कानून के जरिए आधुनिक भारत के निर्माताओं यानी प्रवासी मजदूरों का अपमान किया है और नए नियमों में उनके अस्तित्व के रिकॉर्ड के प्रावधान को समाप्त कर दिया है। जब सरकार से संसद में यह सवाल पूछा गया कि पीड़ितों के परिवारों को कोई भी मुआवजा या आर्थिक सहायता दी है? तो मोदी सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि सरकार के पास ऐसा कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। इसी उत्तर से मोदी सरकार और भाजपा की गरीबों और मजदूरों के प्रति सोच उजागर हो चुकी है। भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित सूची में अनेक आपत्तिजनक कानून प्रावधान है। इसमें उद्योग मालिक कर्मचारियों को प्रतिदिन 12 घंटे से भी ज्यादा काम करने को मजबूर कर सकता है। ये अपवाद भारत में नई तरह की गुलामी प्रथा को शुरू करने के यंत्र है, क्योंकि इनके लागू होने के बाद फैक्टरी और मिल मालिक गरीब और कमजोर तबके का शोषण करने के लिये आजाद होंगे। 
       
  • NH-49 पर हादसा...खड़े ट्रक से टकराई बाइक, दो युवकों की दर्दनाक मौत
    जांजगीर-चाम्पा। जिले के सारागांव थाना क्षेत्र के अफरीद गांव के पास निर्माणाधीन NH-49 पर सड़क किनारे खड़े हाइवा में पीछे से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक दोनों युवकों की पहचान नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच कर रही है। सारागांव थाना प्रभारी सुरेश ध्रुव ने बताया कि बिगड़े हालत में हाइवा गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी। वहीं बाराद्वार की ओर जा रही एक बाइक खड़े ट्रक से टकरा गई।हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तुरंत बीडीएम अस्पताल पहुंचाया गया। जहां दोनों की मौत हो गई।
  • स्कूल फीस के खिलाफ याचिका: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 2 हफ्ते बाद
    बिलासपुर।हाईकोर्ट ने निजी स्कूल एसोसिएशन के द्वारा फीस वसूली के लिए दायर याचिका पर आए सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ अभिभावकों की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच में हुई। अभिभावकों ने बिलासपुर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ 7 रिट अपील प्रस्तुत की है। इसमें बताया कि सिंगल बेंच के आदेश को तोड़मरोड़ कर फीस के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जबकि सितंबर में शासन ने फीस विनियामक आयोग बना दिया है। जिसमें राज्य, जिला और स्कूल स्तरीय कमेटी फीस का निर्धारण करेगी। याचिका में यह भी बताया गया कि कोरोना काल के लॉकडाउन से ही स्कूल बंद हैं। प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालकों ने मनमानी फीस वसूली की है। इसके खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल रखा है। स्कूल संचालकों की ओर से फीस वसूली के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। अभिभावक संघ ने इसका विरोध कर फीस नहीं पटाया। जिसमें कहा गया कि हम फीस देने के खिलाफ नहीं हैं पर लॉकडाउन की स्थिति में सिर्फ ट्यूशन फीस ली जाए, इसके अलावा अन्य फीस वसूल न किया जाए। इसके खिलाफ निजी स्कूल संचालकों के एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने स्कूल संचालकों को नियमानुसार फीस लेने छूट दी। इसके बाद भी स्कूलों ने गलत ढंग से आदेश को तोड़मरोड़कर फीस वसूल रहे हैं। मामले की सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने गुरुवार को सभी सात रिट अपील को सुनने के लिए स्वीकार कर लिया है। जिसकी पूर्व में दायर एक अन्य याचिका के साथ जोड़कर 2 सप्ताह के बाद सुनवाई की जाएगी।
  • BREAKING : छग में महिला तस्करी का मामला… भाजपा की एक नेत्री गिरफ्तार… राजधानी पुलिस का बड़ा खुलासा
    डोंगरगढ़ में मानव तस्करी मामले में पुलिस ने भाजपा फाफाडीह मंडल की मंत्री गंगा पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक पुलिस ने इस मामले में 3 पुरुष व 2 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनो डोंगरगढ़ की 21 वर्षीय विवाहित महिला के गायब होने के बाद महिला को सकुशल राजस्थान से बरामद किया गया था जिसके बाद मानव तस्करी का खुलासा हुआ और पुलिस हरकत में आयी। पुलिस ने डोंगरगढ़ की साजदा नामक आरोपी महिला को गिरफ्तार कर पुछताछ की तो कुछ ऐसे बडे खुलासे हुए कि पुलिस के भी होश उड़ गये। पुलिस को साजदा से पुछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले कई सालो से मानव तस्करी का एक बडा संगठित गैंग छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा से गरीब मजबूर युवतियों को काम के बहाने या अच्छी जगह शादी करने का लालच देकर हवाई जहाज से गैंग के हवाले कर दिया जाता था। पुलिस इस पुरे मामले में अंदर तक पहुंची तो छत्तीसगढ़ में गैंग के लोकल मददगार के रूप में डोंगरगढ़ की साजदा और रायपुर की गंगा पांडे का पता चला जिसके बाद डोंगरगढ़ पुलिस ने मंगलवार को रायपुर पहुँच पंडरी इलाके में रहने वाली गंगा पांडे और उसकी बहन को हिरासत में लेकर डोंगरगढ़ रवाना हो गई। पुलिस की पुछताछ में आरोपिया गंगा ने खुलासा किया कि वो गैंग के लिए हवाई टिकट करवाने का काम करती थी। गंगा रायपुर के महात्मा गांधी वार्ड क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा नगर पंड़री इलाके में अपने पति और 3 बेटो के साथ अपने निजी मकान में पिछले 50 सालो से रहती है। पुलिस का मानना है इस पुरे मामले में छग समेत बाकी राज्यो में भी मानव तस्करी का रैकेट संचालित हो रहा था। इस मामले में गैंग के कई लोकल मददगारो के नाम सामने आये है और उनकी भुमिका की जांच की जा रही है और उनको भी जल्द गिरफ्तार किया जायेगा।
  • अब माताओं और बहनों के आंचल में नजर आ रहा भगवान श्रीराम के दरबार का अलौकिक नजारा: मंत्री गुरु रूद्रकुमार : हाथकरघा संघ ने लांच की ‘रामायण साड़ी‘

     

    ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की विशेष पहल पर जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर के सिद्धहस्त बुनकरों द्वारा कोसा की साड़ियों के आंचल में भगवान  राम के अलौकिक दरबार की डिजाईन की बुनाई की जा रही है। फलस्वरूप माताओं-बहनों के आंचल में अब भगवान  राम के दरबार का अलौकिक नजारा दिखाई देने लगा है। हाथकरघा विभाग ने इन साड़ियों को ‘रामायण साड़ी‘ के नाम से लांच किया है। रामायण साड़ी इतनी आकर्षक है कि लोग इसको पसंद करने के साथ ही हाथों-हाथों खरीदने लगे हैं। रामायण साड़ी बिलासा एंपोरियम रायपुर में उपलब्ध होने के साथ-साथ ऑनलाइन बिक्री के लिए भी उपलब्ध है।

        मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित करने के साथ ही हाथकरघा विभाग द्वारा चंद्रपुर के बुनकरों द्वारा कोसा की साड़ियों के आंचल पर अपनी कल्पनाशीलता से श्री राम जी के दरबार के डिजाईन बुनी जा रही है। गौरतलब है कि इससे पूर्व हाथकरघा विभाग द्वारा कौशिल्या कलेक्शन के नाम से सांड़ियों की नई श्रृखंला लांच की गई थी। इन साड़ियों में चंदखुरी स्थित माता कौशिल्या के मंदिर के वास्तुकला की डिजाईन उकेरी गई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य के बुनकरों और शिल्पियों द्वारा तैयार वस्त्रों एवं उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू की गई है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने हाथकरघा संघ को छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला-संस्कृति की डिजाईन को प्रमोट करने को कहा है।

         हाथकरघा संघ द्वारा रामायण साड़ी की मार्केटिंग  की भी व्यवस्था की जा रही है।  राम वन गमन पथ में शामिल सभी पर्यटन स्थलों पर पूर्व में लांच की गई कौशल्या कलेक्शन के साथ-साथ रामायण साड़ियों और वस्त्रों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी-सह-विक्रय किया जाएगा। माता कौशल्या मंदिर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक इन वस्त्रों को खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि रामायण साड़ी को चंद्रपुर के परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति द्वारा तैयार किया जा रहा है। ग्रामोद्योग संचालक श्री सुधाकर खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बुनकरों ने कोविड संक्रमणकाल को भी अपनी लगन और मेहनत से आपदा को भी अवसर में बदला है। इस अवधि में बुनकरों ने अपनी कल्पनाशीलता से छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहरों जैसे माता कौशिल्या मंदिर की वास्तुकला और भगवान श्री राम के दरबार के अलौकिक दृश्य को साड़ियों में उतारने का सराहनीय काम किया है। उल्लेखनीय है कि चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। इसकी धार्मिक महत्ता एवं मंदिर की मान्यता को देखते हुए हाथकरघा विभाग द्वारा इससे पूर्व कौशिल्या कलेक्शन के नाम से साड़ियों एवं वस्त्रों की नई श्रृंखला लॉन्च की गई थी, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बुनकरों को फायदा हुआ। 

  • प्रदेश में कोरोना की रफ्तार तेज… मौत के आकड़े चिंताजनक… आज मिले 1753 नए मरीज… वहीं आज 17 की मौत… देखिए जिलेवार आँकड़े….
    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। आज 1753 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। 1,552 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए है। प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है। अब छत्तीसगढ़ में कुल एक्टिव मरीज 23957 हो गए हैं। आज कुल 17 कोरोना मौतें हुई हैं। इन जिलों से मिले इतने संक्रमित स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दुर्ग 169, राजनांदगांव 136, बालोद 100, बेमेतरा 48, कबीरधाम 39, रायपुर 219, धमतरी 53, बलौदाबाजार 79, महासमुंद 59, गरियाबंद 13, बिलासपुर 149, रायगढ़ 167, कोरबा 120, जांजगीर-चांपा 60, मुंगेली 17, जीपीएम 7, सरगुजा 70, कोरिया 33, सूरजपुर 40, बलरामपुर 47, जशपुर 7, बस्तर 24, कोंडागांव 31, दंतेवाड़ा 36, सुकमा 0, कांकेर 15, नारायणपुर 1, बीजापुर 11 अन्य राज्य 3 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक कुल 230956 संक्रमित मिले है,जिसमें 204198 मरीज स्वस्थ्य हो चुके है।2801 की मृत्यु हो चुकी है।शेष 23957 मरीजों का उपचार जारी है।प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है।
  • जगदलपुर के कोपागुड़ा में बनेगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल : मुख्य सचिव ने निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश

    एन.एम.डी.सी. परिक्षेत्र विकास निधि की हाईपावर कमेटी की बैठक सम्पन्न

     

     मुख्य सचिव  आर.पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में एन.एम.डी.सी. परिक्षेत्र विकास निधि हेतु गठित हाईपावर कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में बस्तर संभाग में एन.एम.डी.सी के समन्वय से किए जा रहे विकास कार्यो से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। श्री मण्डल ने बस्तर संभाग के लघु वनोपज ईमली, चिरौंजी, तिखूर, शहद, काजू आदि का गुणवत्तापूर्वक प्रसंस्करण करने और इसके माध्यम से वनवासियों के आजीविका में सुधार लाने के निर्देश भी दिए है। बैठक में वर्ष 2020-21 में बस्तर संभाग के सभी जिलों में एन.एम.डी.सी. द्वारा सामुदायिक सहभागिता मद में कराए जाने वाले नवीन कार्यो का अनुमोदन किया गया।
        मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तहसील जगदलपुर के ग्राम कोपागुड़ा में ’सुपर स्पेशलिटी अस्पताल’ का निर्माण एवं संचालन एन.एम.डी.सी. द्वारा किया जाना है। बैठक में जानकारी दी कि अस्पताल के निर्माण के हेतु ग्राम कोपागुड़ा में भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है। मुख्य सड़क से अस्पताल निर्माण स्थल तक पहुंच मार्ग का निर्माण भी कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने एन.एम.डी.सी. के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए। नगरनार के ग्राम चोकाबाड़ा में प्रस्तावित आई.टी.आई. भवन और पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा उससे जुड़े आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का प्रस्ताव वनमण्डाधिकारी कार्यालय रायपुर में यथा शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। एन.एम.डी.सी. द्वारा सीएसआर मद में कराए गए कार्यो का उपयोगिता प्रमाण पत्र छायाचित्रों सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। सीएसआर मद में स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यो को समय-सीमा के भीतर पूरा करने सतत् निगरानी रखने के निर्देश बस्तर संभागायुक्त को दिए गए। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास के सचिव  डी.डी. सिंह, राज्यपाल के सचिव  अमृत कुमार खलखो एवं बस्तर संभागायुक्त  जी.आर. चुरेन्द्र सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़: कोरोना काल में भी होगी पीएससी, 30 डिप्टी कलेक्टर समेत 137 पद भरेंगे,आज नोटिफिकेशन संभव
    रायपुर। राज्य सेवा भर्ती परीक्षा (छत्तीसगढ़ पीएससी) ने कोरोना काल में भी अफसरों की भर्ती के लिए परीक्षा की तैयारी कर ली है। इस बार 30 डिप्टी कलेक्टर समेत 137 पदों के लिए परीक्षा ली जाएगी। लेकिन पता चला है कि डीएसपी का एक भी पद नहीं रहेगा, क्योंकि आयोग को गृह विभाग से इस आशय की सूचना नहीं मिली है। यही नहीं, पिछले साल के मुकाबले इस साल आधे पदों के लिए ही भर्ती परीक्षा लेने जा रहा है। पीएससी की ओर से इसका नोटिफिकेशन गुरुवार, 26 नवंबर को जारी हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीएसपी के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन स्तर पर फ़ाइल अभी भी चल रही है। इसलिए वहां से पीएससी को पदों के बारे में सूचना नहीं भेजी गई है। यही नहीं, कोरोना संक्रमण की वजह से कुछ और विभाग भी समय पर आयोग को रिक्त पदों पर भर्ती की जानकारी नहीं भेज पाए हैं। इसीलिए पिछले साल के मुकाबले इस बार आधे ही पद हैं। पिछले साल 242 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। हालांकि पीएससी अफसरों का यह भी कहना है कि पदों की संख्या प्रीलिम्स के पहले तक बढ़ाई-घटाई जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि आयोग की तरफ से बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास, जिला पंजीयक, रोजगार अधिकारी एवं श्रम विभाग ने रिक्त पदों की सूचना अब तक नहीं भेजी, इसलिए कम पद निकाले जा रहे हैं। शिक्षक भर्ती भी पूरी नहीं : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के करीब 14 हजार पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए साल 2019 से प्रक्रिया चल रही है। पहले आवेदन मंगाए गए। फिर परीक्षा हुई। इसके नतीजों के आधार पर मेरिट तैयार की गई। इसके अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन हुआ। संभावना थी कि अप्रैल-मई 2020 तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। लेकिन नवंबर तक की स्थिति में भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि दस्तावेज सत्यापन का काम अभी भी चल रहा है। अब नए साल में ही नियुक्ति होगी। कृषि कॉलेजों में भर्ती अधूरी इंदिरा गांधी कृषि विवि से संबद्ध छह सरकारी कृषि कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर और गैर शैक्षणिक पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पिछले साल नवंबर में आवेदन मंगाए गए थे। इसके तहत कृसि कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 66 पदों पर भर्ती होगी। जबकि इन्हीं कॉलेजों में गैर शैक्षणिक के 36 पद भरे जाएंगे। कोरोना की वजह से यह भर्ती भी पूरी नहीं हो पायी है। अफसरों का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की जा चुकी है। इंटरव्यू का आयोजन किया जाना है। कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य रही तो अगले महीने इंटरव्यू का आयोजन हो सकता है। वहीं कोरोना के मामले बढ़े तो फिर देरी होगी। व्यापमं का कोटा भी खाली कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार व्यापमं का कोटा भी खाली रहा। इस साल व्यापमं से एक भी परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया। चाहे वह भर्ती परीक्षा हो, पात्रता परीक्षा या फिर प्रवेश परीक्षा। अफसरों का कहना है कि स्कूल व कॉलेज खुलने के बाद ही परीक्षा आयोजित की जाएगी। स्कूल इस साल खुलने की संभावना कम है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस साल व्यापमं से कोई परीक्षा नहीं होगी। जबकि व्यापमं से साल में करीब दर्जन भर प्रवेश परीक्षाएं और इतनी ही संख्या में भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इन पदों पर भर्ती पद – संख्या डिप्टी कलेक्टर – 30 वित्त सेवा – 15 लेखा सेवा – 15 नायब तहसीलदार – 20 सहकारिता निरीक्षक – 10 फरवरी में प्री एग्जाम पीएससी प्रीलिम्स परीक्षा फरवरी तथा मेंस जून में प्रस्तावित है और यह पीएससी का पुराना शिड्यूल है। यही नहीं, पीएससी श्रम विभाग के तहत बीमा चिकित्सा अधिकारी के 52 पद के लिए 28 नवंबर को परीक्षा लेने जा रहा है। सहायक संचालक कृषि पद के लिए 14 दिसंबर को और जल संसाधन, पीडब्लूडी, पीएचई और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के 89 पदों के लिए भी दिसंबर में ही परीक्षा होगी। इन परीक्षाओं के लिए आवेदन पहले ही मंगाए जा चुके हैं।
  • गरियाबंद- सविधान दिवस के अवसर पर… पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने दिलाई सविधान के प्रस्तावना कि शपथ
    सविधान दिवस 26.11.2020 आज दिनांक 26 नवम्बर 2020 को ”सविधान दिवस“ के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के द्वारा कार्यालय में उपस्थित समस्त अधिकारी/कर्मचारीयो को सविधान के प्रस्तावना की शपथ दिलाई। ”भारत का संविधान उद्देशिका हम , भारत के लोग , भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व – सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए , तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक , आर्थिक और राजनैतिक न्याय , विचार , अभिव्यक्ति , विश्वास , धर्म और उपासना की स्वतंत्रता , प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए , तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर , 1949 ई 0 ( मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी , संवत् दो हजार छह विक्रमी ) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत , अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं “
  • BIG NEWS : पुलिस कस्टडी में जूनियर इंजीरियर की मौत… मामले में 10 वर्दीधारियों पर गिरी गाज… पढ़ें क्या है पूरा मामला
    सूरजपुर। सूरजपुर के लटोरी पुलिस चैकी क्षेत्र में विद्युत विभाग के जेई पूनम सिंह कतलम की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में चैकी प्रभारी समेत चैकी में पदस्थ दस पुलिसकर्मियों को लाईन अटैच कर दिया गया है। आपको बता दें लटोरी चैकी स्थित करवां सब स्टेशन में 22 नवंबर की रात शराब पार्टी के बाद मारपीट हुई थी, जिसके बाद हरिश्चंद्र राजवाडे नामक युवक की मौत हुई थी। उसका शव सब स्टेशन के बाहर ही पड़ा मिला था। पुलिस पूछताछ में जेई पूनम कतलम सहित चार की पहचान हत्यारोपी के रुप में हुई थी। आरोपियों में से एक पूनम कतलम को शाम करीब चार बजे अस्पताल पहुँचाया गया, जहां तड़के उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी पूनम कतलम को चैकी नहीं लाया गया था और पूछताछ के दौरान ही उसकी तबियत बिगड़ गई थी। हालाँकि शव को लेने पहुँचे परिजनों ने पुलिस के दावे को गलत बताया था। मृतक के भाई ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद उसके भाई के साथ मारपीट की। हालांकि मृतक पूनम कतलम की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। बता दें कि लटोरी चैकी प्रभारी सुनील सिंह को हटाकर सुमंत पांडेय को नया प्रभारी बनाया गया है।