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  • कलेक्टर ने किया प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन

    कलेक्टर  चन्दन कुमार ने जिले में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य नये सिरे से कार्य विभाजन किया है। अपर कलेक्टर  सुरेन्द्र कुमार वैद्य को अतिरिक्त जिलादण्डाधिकारी, तहसील कांकेर, चारामा एवं नरहरपुर के राजस्व प्रकरण छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत् प्रस्तुत अपील (धारा-170 ख के अपील को छोड़कर) पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन, प्रकरणों मद परिवर्तन, संबंधी प्रकरणों का निराकरण एवं छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के अंतर्गत प्रस्तुत अपीलीय प्रकरणों का निराकरण। प्रभारी अधिकारी- जिला नजूल अधिकारी, जिला नजूल, नजूल नवकरण शाखा, जिला खेल अधिकारी, खनिज शाखा,  खाद्य शाखा, नगर सेना, प्रस्तुतकार शाखा (रीडर टू कलेक्टर शाखा, कलेक्टर की ओर से जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन, शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर), प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन, जिला विभागीय जॉच शाखा, विवाह अधिकारी, प्रभारी अधिकारी वारिसान प्रमाण पत्र, नक्सल प्रभावितों के योजनाओं की मॉनिटरिंग एवं विकास, लायसेंस शाखा, मुख्य अतिलिपिकार शाखा, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, क्रेडा विभाग, वरिष्ठ लिपिक शाखा-01, 02 एवं 03, सहायक अधीक्षक सामान्य, निरीक्षण, व्यवहारवाद, धार्मिक न्यास, धर्मस्व, पुरातत्व एवं पर्यटन से संबंधित दायित्व सौंपे गये है, इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्यो का भी निर्वहन करना होगा।  
                        अपर कलेक्टर देवनारायण कश्यप को अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कैम्प अंतागढ़, तहसील भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, पखांजूर, दुर्गूकोंदल के राजस्व प्रकरण, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत प्रस्त्ुत अपील (धारा-170 ख के अपील को छोड़कर) पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन, प्रकरणों मद परिवर्तन, संबंधी प्रकरणों का निराकरण एवं छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के अंतर्गत प्रस्तुत अपीलीय प्रकरणों का निराकरण। प्रभारी अधिकारी- उप जिला निर्वाचन अधिकारी-सामान्य, जिला सत्कार अधिकारी (प्रोटोकाल), प्रभारी अधिकारी विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, वित्त एवं स्थापना शाखा, नजारत शाखा, शिकायत, जनदर्शन शाखा, जनशिकायत निवारण प्रकोष्ठ, जनदर्शन से प्राप्त आवेदन पत्रों में टीप अंकित करना, नोडल अधिकारी-लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा, जनगणना, राहत, पुर्नवास शाखा, जिला निर्माण शाखा, सूचना का अधिकारी अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रथम अपीलिय अधिकारी (जिला पंचायत को छोड़कर) सांख्यिकी शाखा, जिला कार्यालय के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कमचारियों के अवकाश एवं अग्रिम, चिकित्सा व्यय, यात्रा भत्ता संबंधी सम्पूर्ण अधिकार प्रत्यायोजित किया जाता है (नीतिगत निर्णय को छोड़कर), तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारी, कर्मचारियो के 01 माह तक अर्जित अवकाश स्वीकृति का अधिकार तथा उससे ऊपर के अवकाश प्रकरण स्वीकृति हेतु कलेक्टर को प्रस्तुत किये जाएंगे। नगरीय कल्याण, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला शहरी, विकास अभिकरण, नोडल अधिकारी विभागीय बैठक, विडियो कॉन्फ्रेंस, समाज कल्याण, कोष लेखा एवं पेंशन, पासपोर्ट शाखा, विकास शाखा, राजस्व शाखा, राजस्व लेखा शाखा संबंधित दायित्व सौपें गये हैं, इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्यों का निर्वहन करना होगा।  
                  संयुक्त कलेक्टर कांकेर  गौरी शंकर नाग को उप जिला निर्वाचन अधिकारी-स्थानीय, जिला योजना सांख्यिकी विभाग, लोक सेवा गारण्टी अधिनियम, अल्प बचत शाखा, विधिक शाखा, अल्पसंख्यक शाखा, मालिक मकबुला प्रकोष्ठ, मुख्य प्रतिलिपिकार शाखा, जिला जनसूचना अधिकारी, चिप्स, लोक सेवा केन्द्र, बीस सूत्रीय आर्थिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण, आवक-जावक शाखा, श्रम, बाल श्रमिक शाखा, प्रपत्र शाखा, राजस्व मुहर्रिर शाखा का दायित्व सौपा गया है।
                डिप्टी कलेक्टर कांकेर सी.एल. ओंटी को प्रभारी अधिकारी- राम वन गमन पर्यटन परिपथ, भू-अभिलेख शाखा, भू-अभिलेखागार (हिन्दी, अंग्रेजी, अभिलेख कोष्ठ), भू-व्यपवर्तन, परिवर्तित भूमि शाखा, राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण, पशु एवं कृषि संगणना शाखा, वन अधिकार पट्टा वास्तविक कब्जा के पुष्टि कर प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करना। वक्फबोर्ड शाखा, अधिक अन्न उपजाऊ शाखा का दायित्व सौंपा गया है।
                    संयुक्त कलेक्टर कांकेर  के.एस. पैकरा को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यपालिक दण्डाधिकारी, चारामा का दायित्व सौंपा गया है। उन्हें अनुभाग क्षेत्रांतर्गत भाड़ा नियंत्रण अधिकारी, रजिस्ट्रार, पब्लिक ट्रस्ट, स्वामित्व अधिकारी की समाप्ति अधिनियम 1950 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का भुगतान, ऋण विमुक्ति अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण का निपटारा, असिस्टेंट कस्ट्रेडियम ऑफ इव्हाक्यू प्रापर्टीज, भारतीय स्टाम्प एक्ट की धारा 2(9)ब एवं अधिसूचना क्रमांक 393 सी.आर/89/आठ दिनांक 14 जून 1943 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट ऑफ स्टाम्पस के कृत्य, शस्त्र अधिनियम धारा-4 के अंतर्गत अनुसूची-2 के खाना क्रमांक 4 में दर्शाये अनुसार शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक प्प्प् (ख) प्प्प् (ग) प्प्प् (घ) प्प्प् (ङ) की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, अपने क्षेत्र की फसल संरक्षण अनुज्ञप्तियों की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, भू-अर्जन अधिकारी कांकेर अनुविभाग, छत्तीसगढ़ लोक बेदखली अधिनियम 1974 के अंतर्गत सक्षम अधिकारी, अपने अनुविभाग की विकास एवं कृषि योजनाओं का पर्यवेक्षण, जनसंपर्क, स्थानीय विकास तथा आदिम जाति योजनाओं के समस्त कार्यों का पर्यवेक्षण तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण, रोस्टर के अनुसार तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालय, थाना तथा अन्य कार्यालयों का निरीक्षण, प्रमाण पत्र, शपथ पत्र का सत्यापन इत्यादि दायित्व  सौंपे गये है।
                 डिप्टी कलेक्टर कांकेर उत्तम सिंह पंचारी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यपालिक दण्डाधिकारी अंतागढ़ का दायित्व सौंपा गया है। उन्हे अनुभाग क्षेत्रांतर्गत भाडा नियंत्रण अधिकारी, रजिस्ट्रार, पब्लिक ट्रस्ट, स्वामित्व अधिकारी की समाप्ति अधिनियम 1950 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का भुगतान, ऋण विमुक्ति अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण का निपटारा, असिस्टेंट कस्ट्रेडियन ऑफ इव्हाक्यू प्रापर्टीज, भारतीय स्टाम्प एक्ट की धारा 2(9)(ब) एवं अधिसूचना क्रमांक 393 सी.आर./89/आठ/दिनांक 14 जून 1943 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट ऑफ स्टाम्पस के कृत्य, शस्त्र अधिनियम धारा 4 के अंतर्गत अनुसूची 2 के खाना क्रमांक 4 दर्शाये अनुसार शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक प्प्प् (ख) प्प्प् (ग) प्प्प् (घ) प्प्प् (ङ) की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, अपने क्षेत्र की फसल संरक्षण अनुज्ञप्तियों की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, भू-अर्जन अधिकारी कांकेर अनुविभाग, छत्तीसगढ़ लोक बेदखली अधिनियम 1974 के अंतर्गत सक्षम अधिकारी, अपने अनुविभाग की विकास एवं कृषि योजनाओं का पर्यवेक्षण, जनसंपर्क, स्थानीय विकास तथा आदिम जाति योजनाओं के समस्ता कार्यों का पर्यवेक्षण तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण। रोस्टर के अनुसार तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालय, थाना तथा अन्य कार्यालयों का निरीक्षण, प्रमाण पत्र, शपथ पत्र का सत्यापन का दायित्व सौंपे गये हैं।

  • शिशल शिल्प बन रहा जनजातीय महिलाओं की आजीविका का साधन: मंत्री गुरु रूद्रकुमार : हस्तशिल्प विकास बोर्ड आयोजित कर रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम

    ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार की संवेदनशील पहल पर शिशल शिल्प जनजाति महिलाओं की आजीविका का साधन बन रहा है। उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग विभाग के हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा ग्रामीण अंचलों में लोगों को विभिन्न शिल्प कलाओं पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है और उन्हें  घर पर ही रोजगार उपलब्ध करा रहा है। इसी कड़ी में हस्तशिल्प विकास बोर्ड जगदलपुर, जिला बस्तर द्वारा ग्राम पंचायत गरावंड के पुजारीगुड़ा ग्राम में शिशल शिल्प का 3 माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
    हस्तशिल्प विकास बोर्ड जगदलपुर, जिला बस्तर के महाप्रबंधक  एल एस वट्टी ने बताया कि ग्राम पंचायत गरावंड अंतर्गत पुजारीगुड़ा ग्राम में विभागीय योजना अंतर्गत तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिशल शिल्प से जुड़ी  20 जनजाति महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 12 अक्टूबर से 10 जनवरी 2022 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को 1500 रुपए प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के उपरांत शिल्प कला उनकी आजीविका का साधन बन जायेगा और उन्हे घर पर ही रोजगार उपलब्ध हो जायेगा। शिल्पकारों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए शिल्पकला को हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा बाजार भी मुहैया कराया जाएगा।

  • छत्तीसगढ़: NSUI नेता को लड़की ने पीटा, पत्रकारिता विश्वविद्यालय में क्लास से निकलते ही बरसाए थप्पड़, अश्लील चैट वायरल करने का आरोप
    रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक लड़की ने स्टूडेंट नेता को पीट दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में लड़की, युवक को थप्पड़ मारती नजर आ रही है। युवक NSUI में पदाधिकारी है। खबर है कि लड़की भी NSUI से जुड़ी हुई है। एक अश्लील मैसेज वायरल होने की वजह से यह हालात बने। चैट दिखाकर युवती ने पीटा। चैट दिखाकर युवती ने पीटा। यूनिवर्सिटी सूत्रों ने बताया कि निखिल नाम के NSUI पदाधिकारी ने लड़की के खिलाफ कुछ ऐसे मैसेज वायरल किए थे जिसमें उसके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसी बात से गुस्से में आकर लड़की ने निखिल को स्टूडेंट्स के सामने एक के बाद एक कई थप्पड़ मार दिए। आरोप है कि निखिल ने अश्लील मैसेज बनाया है। इसके बाद यह वायरल हुआ। हाल ही में ये घटना तब हुई जब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट अपनी पढ़ाई के बाद स्टूडियो से बाहर आ रहे थे। कैंपस में मौजूद कुछ युवकों ने इसका वीडियो वायरल कर दिया। दूसरे गुट की साजिश वीडियो में लड़की के थप्पड़ खाते दिख रहे युवक निखिल के परिजनों ने दावा किया कि निखिल के कुछ प्रतिद्वंदियों ने जानबूझकर यह वीडियो और विवाद की खबरों को वायरल किया है। निखिल NSUI नेता है यूनिवर्सिटी में ABVP के भी कुछ छात्र हमेशा मौजूद रहते हैं। निखिल के घर वालों को लगता है कि उन्हीं ने युवती के साथ मिलकर ये हरकत की होगी।
  • मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने माता हिंगलाजिन की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन बकावंड विकासखंड के गिरोला स्थित माता हिंगलाजिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसदद्वय  दीपक बैज और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचन्द जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक  राजमन बेंजाम तथा क्रेडा के अध्यक्ष  मिथलेश स्वर्णकार भी इस दौरान मौजूद थे।

     
  • बस्तर के विकास के लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी: मुख्यमंत्री श्री बघेल

    विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज अपने प्रवास के दूसरे दिन बकावण्ड विकासखण्ड के गिरोला में पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों से मुलाकात कर चर्चा की। मुख्यमंत्री के गिरोला आगमन पर वहां के पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
        मुख्यमंत्री श्री बघेल ने माता हिंगलाजिन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क, स्कूल और भवन बनाना तो सभी सरकारों का काम है। लेकिन हमारी सरकार का उद्देश्य सड़क, स्कूल और भवन बनाने के साथ-साथ व्यक्ति का विकास करना है। हमने सुपोषण और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के साथ ही यहां के बन्द पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने की शुरुआत की है। गरीब से गरीब लोगों को अनाज देने की व्यवस्था हमने की है। इसके साथ ही धान खरीदी, वनोपज खरीदी, गोबर खरीदी एवं तेंदूपत्ता खरीदी के माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार सुधारी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत भूमिहीनों को सालाना 6 हजार रुपये भी देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बकावंड तहसील मुख्यालय में महीने में 15 दिन एसडीएम कार्यालय संचालित करने और स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किए बिना उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए किसी आदिवासी को उसकी जमीन से नहीं हटाया जाएगा। कारखाने और फैक्ट्रीज शासकीय भूमि में लगाए जाएंगे। इनमें 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में अब बस्तर की नई पहचान बन रही है। सुकमा में इमली से इमली कैंडी बन रही है, दंतेवाड़ा के डेनेक्स ब्रांड के कपड़े दूसरे राज्यों तक पहुँच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से चर्चा में कहा कि बस्तर के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
        कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, सांसदद्वय  दीपक बैज और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चन्दन कश्यप, विधायक  राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर  जी.आर. चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक  सुंदरराज पी., मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर रजत बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हिंगलाजिन मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे जगदलपुर के पत्रकार भवन: प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण की दी मंजूरी

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बस्तर संभाग के नये भवन निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री आज अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने उपस्थित पत्रकारों के साथ चर्चा की। पत्रकारों द्वारा इस अवसर प्रेस क्लब के नये भवन की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पत्रकारों द्वारा प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण हेतु जमीन का पट्टा देने तथा पत्रकारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं वेब पोर्टल के अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। 

  • गिरोला में मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का भव्य स्वागत

    गिरोला स्थित मां हिंगलाजिन के दर्शन करने पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का भव्य स्वागत किया गया। हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री श्री बघेल के साथ प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा और सांसद  दीपक बैज भी साथ पहुंचे। गिरोला में बनाये गए अस्थायी हेलीपेड़ में मुख्यमंत्री का स्वागत बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, नारायणपुर विधायक  चन्दन कश्यप, चित्रकोट विधायक  राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर  जीआर चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक  सुंदरराज पी, मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय लोक नर्तकों द्वारा पारम्परिक लोक नृत्यों के साथ किया गया। महिलाओं ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत आरती से किया।

  • *पटरियों पर किसान सभा के धरना से कोयला ढुलाई बाधित, 2 घंटे जाम से 3 करोड़ के नुकसान का अंदेशा, आंदोलनकारी किसानों से पुलिस की झड़प*

     

    कोरबा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज कोरबा में अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ सैकड़ों किसानों ने गेवरा-दीपका रेल खंड पर पटरियों पर धरना दिया। दो घंटे से ज्यादा के इस धरने के कारण लगभग 5000 टन कोयले की ढुलाई बाधित होने और एसईसीएल को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अंदेशा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को बलपूर्वक पटरियों से हटाया और उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई। 
     
    उल्लेखनीय है कि गेवरा रोड स्टेशन से रेलवे सबसे ज्यादा राजस्व वसूल करता है। यहां एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान है, जो एशिया की सबसे बड़ी खदान है और हर साल 42 मिलियन टन कोयले की ढुलाई रेल से ही होती है। किसान सभा ने इसी रेल खंड को आज के आंदोलन में अपना निशाना बनाया, जिसके कारण किसी यात्री ट्रेन के रुकने की तुलना में रेलवे को ज्यादा नुकसान हुआ और एसईसीएल से भी कोयला ढुलाई बुरी तरह बाधित हुई। 
     
    इस आंदोलन को टालने के लिए पुलिस और रेल प्रशासन की सभी कोशिशें विफल हो गई और किसान सभा नेताओं ने आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध ठुकरा दिया था। पुलिस की सख्ती को देखते हुए कल रात से ही किसान सभा के प्रमुख नेता भूमिगत हो गए थे और आज योजनाबद्ध तरीके से किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, प्रशांत झा और दीपक साहू की अगुआई में गांवों से किसान निकलकर पटरियों पर आ धमके, जिसका अंदाज प्रशासन को भी नहीं था। 
     
    बड़ी संख्या में रेल्वे और जिला पुलिस बल ने गंगानगर के पास किसानों को रेल्वे पटरियों पर नहीं पहुँचने देने के लिए नाकेबंदी कर रखी थी, लेकिन किसानों ने पुलिस को चकमा देते हुए एक किमी. दूर गांव के दूसरे रास्ते से पटरियों तक पहुंच गए। सैकड़ों किसानों ने तीनों किसान विरोधी कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिता वापस लेने, सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का कानून बनाने और लखीमपुर खीरी जन संहार के दोषी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग की तख्तियां लिए, नारे लगाते उन्होंने पटरियों पर धरना दे दिया और पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर पाई। दो घंटे बाद ही उन्हें पटरियों से हटाने के लिए पुलिस हरकत में आ पाई। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा है और आंदोलनकारियों के साथ उनकी झड़प भी हुई है। 
     
    किसान सभा नेताओं ने इस सफल रेल रोको आंदोलन के लिए किसानों को बधाई देते हुए किसान विरोधी कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रखने की बात फिर दुहराई है।
    कोरबा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज कोरबा में अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ सैकड़ों किसानों ने गेवरा-दीपका रेल खंड पर पटरियों पर धरना दिया। दो घंटे से ज्यादा के इस धरने के कारण लगभग 5000 टन कोयले की ढुलाई बाधित होने और एसईसीएल को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अंदेशा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को बलपूर्वक पटरियों से हटाया और उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई। 
     
    उल्लेखनीय है कि गेवरा रोड स्टेशन से रेलवे सबसे ज्यादा राजस्व वसूल करता है। यहां एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान है, जो एशिया की सबसे बड़ी खदान है और हर साल 42 मिलियन टन कोयले की ढुलाई रेल से ही होती है। किसान सभा ने इसी रेल खंड को आज के आंदोलन में अपना निशाना बनाया, जिसके कारण किसी यात्री ट्रेन के रुकने की तुलना में रेलवे को ज्यादा नुकसान हुआ और एसईसीएल से भी कोयला ढुलाई बुरी तरह बाधित हुई। 
     
    इस आंदोलन को टालने के लिए पुलिस और रेल प्रशासन की सभी कोशिशें विफल हो गई और किसान सभा नेताओं ने आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध ठुकरा दिया था। पुलिस की सख्ती को देखते हुए कल रात से ही किसान सभा के प्रमुख नेता भूमिगत हो गए थे और आज योजनाबद्ध तरीके से किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, प्रशांत झा और दीपक साहू की अगुआई में गांवों से किसान निकलकर पटरियों पर आ धमके, जिसका अंदाज प्रशासन को भी नहीं था। 
     
    बड़ी संख्या में रेल्वे और जिला पुलिस बल ने गंगानगर के पास किसानों को रेल्वे पटरियों पर नहीं पहुँचने देने के लिए नाकेबंदी कर रखी थी, लेकिन किसानों ने पुलिस को चकमा देते हुए एक किमी. दूर गांव के दूसरे रास्ते से पटरियों तक पहुंच गए। सैकड़ों किसानों ने तीनों किसान विरोधी कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिता वापस लेने, सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का कानून बनाने और लखीमपुर खीरी जन संहार के दोषी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग की तख्तियां लिए, नारे लगाते उन्होंने पटरियों पर धरना दे दिया और पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर पाई। दो घंटे बाद ही उन्हें पटरियों से हटाने के लिए पुलिस हरकत में आ पाई। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा है और आंदोलनकारियों के साथ उनकी झड़प भी हुई है। 
     
    किसान सभा नेताओं ने इस सफल रेल रोको आंदोलन के लिए किसानों को बधाई देते हुए किसान विरोधी कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रखने की बात फिर दुहराई है।
  • नारायणपुर : कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्षदात्री समिति की बैठक 21 अक्टूबर को

    कलेक्टर धर्मेष कुमार साहू की अध्यक्षता में 21 अक्टूबर अपरान्ह 3 बजे कलेक्टोरेटे के सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्षदात्री समिति (बैंकर्स) की बैठक आहुत की गयी है। बैठक में बैंकों की जमा/अग्रिम अनुपात, किसान क्रेेडिट कार्ड की प्रगति, एनआरएलएम, एनयूएलएम, अंत्योदय, कृशि विभाग की विभिन्न योजनाओं, पषुपालन, मछलीपालन,  पीएम मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, वनाधिाकर पट्टा यदि भुईयां पोर्टल में अपडेट है तो ऋण देने की समीक्षा, बैंकों में आईआरसी फाईल सूची तहसीलदार को देने, बैंकों द्वारा एनपीए की सूची संबंधित विभाग को वसूली हेतु देना, भारतीय रिजर्व बैंक की गाईडलाईन अनुसार 5 किलोमीटर के अंतराल में बीसी, सीएसपी, बैंक मित्र की पदस्थापना, आधार पंजीयकरण सेंटर की स्थापना, जिले मे स्थापित एटीएम की जानकारी, ग्राहकों की षिकायत, बैंकों द्वारा समय पर अनुदान राषि खातों में समायोजित करने की जानकारी, बैंकों द्वारा समूह, व्यक्तिगत प्रकरण पर ऋण वितरण किये जाने के संबंध में, विगत बैंक का पालन प्रतिवेदन आरसेटी द्वारा दिये जाने वाले प्रषिक्षण की समीक्षा सहित अन्य विशयों पर चर्चा एवं समीक्षा की जायेगी। उक्त बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को उपस्थिति सुनिष्चित करने का आग्रह अग्रणी जिला प्रबंधक नारायणपुर ने किया है।

  • राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु अधिकारियों को सौंपे गये दायित्व

    राज्य शासन के दिये गये निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर 01 नवम्बर को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए अपर कलेक्टर 

     

     

    डी.एन. कश्यप को नोडल अधिकारी नियुक्त है। जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर द्वारा लिये गये निर्णय एवं सौंपे गये दायित्व का निर्वहन नोडल अधिकारी के संरक्षण में किया जाएगा।
    उक्त कार्यक्रम हेतु जिले के अधिकारियों को भी दायित्व सौंपा गया है, जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रण पत्र एवं प्रशस्ति पत्र छपवाने की कार्यवाही करेंगे। पुलिस विभाग कांकेर द्वारा सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता टेंट, स्टेज, माईक, एवं बेरिकेट्स की व्यवस्था करेंगे। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल कांकेर के कार्यपालन अभियंता को विद्युत व्यवस्था, संबंधित विभाग प्रमुख को महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं का प्रदर्शन हेतु, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु तथा जिला शिक्षा अधिकारी और आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त जिला स्तर पर स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन कराने की व्यवस्था करेंगे। जिला खनिज अधिकारी शॉल, श्रीफल, मोमेंटो की व्यवस्था तथा जिला के संबंधित विभाग प्रमुख कार्यक्रम के कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सामाग्री अथवा चेक का वितरण किये जाने की व्यवस्था करेंगे। जिला खाद्य अधिकारी को स्वल्पाहार की व्यवस्था, मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पेयजल, फायर बिग्रेड एवं साफ-सफाई की व्यवस्था तथा प्रोटोकॉल अधिकारी जिला कार्यालय कांकेर को आमंत्रण कार्ड वितरण करने की जिम्मेदारी दी गई है।

  •  बस्तर के विकास की चर्चा का सार्थक स्थल है मुरिया दरबार : मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने मुरिया दरबार को विश्वसनीय दरबार बताते हुए कहा कि इस दरबार में की गई मांगे पूरी होती हैं। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के तहत सिरहासार में आज आयोजित मुरिया दरबार में मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने टेम्पल कमेटी के लिए एक लिपिक और एक भृत्य की भर्ती की घोषणा करने के साथ ही यहां स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय का नामकरण वीर झाड़ा सिरहा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने दंतेश्वरी मंदिर में आधुनिक ज्योति कक्ष के निर्माण की घोषणा भी की।आज मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए सिरहासार पहुंचने पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का स्वागत मांझी-चालकियों द्वारा पारंपरिक पगड़ी पहनाकर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष  दीपक बैज, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  विक्रम मंडावी, कोंडागांव विधायक  मोहन मरकाम, चित्रकोट विधायक  राजमन बेंजाम, दंतेवाड़ा विधायक श्रीमती देवती कर्मा, बस्तर के माटी पुजारी  कमलचंद भंजदेव, क्रेडा अध्यक्ष  मिथिलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन, नाईक-पाईक, जोगी-पुजारी सहित बस्तर दशहरा समिति के सदस्य उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर विश्व में सबसे ज्यादा दिनों तक चलने वाले बस्तर के दशहरे का इस साल भी मिलकर किए गए संचालन को बहुत सुंदर बताते हुए इसके लिए बस्तर दशहरा समिति के सभी सदस्यों और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरे की कई विशेषताएं हैं,  जिसके कारण देश-विदेश के लोग हर साल इसमें शामिल होने के लिए बस्तर आते हैं। शासन-प्रशासन और पूरे बस्तर संभाग के लोग जिस तरह एकजुटता और आपसी सहयोग के साथ 75 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को सफल बनाते हैं, वह भी बस्तर दशहरे की विशेषता है। उन्होंने लोगों को एकजूट रखने के लिए इस संस्कृति और परंपराओं को आवश्यक बताते हुए इसे सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पीछे अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने की चिंता भी एक बड़ा कारण थी। आज हम लोग इसी दिशा में प्राथमिकता के साथ काम कर रहे हैं।

    बस्तर के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने के लिए बीते तीन वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पहले तीजा-पोरा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पर्व जैसे लोक त्यौहारों में सरकारी छुट्टी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार ने छुट्टियां शुरु की, ताकि छत्तीसगढ़ के लोग अपने त्यौहारों का ठीक तरह से आनंद ले सकें। इन्हीं त्यौहारों के माध्यम से हमारे संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते है। बस्तर में देवी-देवताओं को मानने की संस्कृति को विशिष्ट बताते हुए कहा कि बस्तर इकलौता स्थान है, जहां देवी-देवताओं की आराधना करने के साथ ही उनके साथ अपना संपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। वे अपने देवताओं के साथ खाते हैं, गाते हैं, नाचते हैं और देवताओं से रुष्ट भी होते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की इस संस्कृति के बारे में देश-दुनिया को जानने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए ही बस्तर संभाग में देवगुड़ियों और गोटुलों का संरक्षण किया जा रहा है। देवगुड़ियों के विकास और सौंदर्यीकरण के काम में पैसों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।  बस्तर और बस्तर की आदिम संस्कृति की चर्चा तो पूरी दुनिया में होती है, लेकिन लोग आज भी इसके बारे में अच्छी तरह नहीं जानते हैं। यहां की आदिवासी संस्कृति से पूरी दुनिया को परिचित कराने के लिए ही हम लोगों ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन शुरु किया है। सन् 2019 में रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया था। इसमें देश के 25 राज्यों के 2500 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। साथ ही साथ बांग्लादेश, श्रीलंकाए बेलारूस, मालदीव, थाईलैंड और युगांडा के कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया था। यह आयोजन तीन दिनों तक चला था। सन् 2020 में कोरोना.संकट के कारण यह आयोजन नहीं हो पाया था। लेकिन अब स्थिति बेहतर है, इसलिए इस साल भी राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी है। हमारे जनप्रतिनिधि पूरे देश में यात्रा करके न्योता बांट रहे हैं। इस बार राष्ट्रीय जनजातीय नृत्य महोत्सव 28 से 30 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होगा। देशभर के आदिवासी कलाकार इस बार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इस अवसर सभी को आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने का न्यौता भी दिया।
    श्री बघेल ने कहा कि मुरिया दरबार का अपना शानदार इतिहास रहा है। इसमें शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह मुरिया दरबार हमारी संस्कृति की लोकतांत्रिक परंपराओं का सुंदर उदाहरण है। इस मुरिया दरबार में राजाए प्रजाए अधिकारी-कर्मचारी सब मिल-बैठकर बात करते हैं। गांव-समाज की समस्याओं पर बात करते हैं। अब तक जो विकास हुआ है, उस पर बात करते हैं और भविष्य में किस तरह विकास करना है इसकी योजना भी बनाते हैं। आज मैं इस दरबार में आप लोगों को विश्वास दिलाता हूंए विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति पर चलते हुए हमने जिस सुंदर, सुखद और समृद्ध बस्तर के निर्माण का वादा आपसे किया हैं, उस दिशा में इसी तरह ईमानदारी से काम करते रहेंगे।
     इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने बस्तर की लोक संस्कृति को संरक्षित करने के लिए गांवों में देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख रुपए और गोटुल निर्माण के लिए 10 लाख रुपए प्रदान करने के आभार व्यक्त किया। उन्होंने बस्तर दशहरा को सफल बनाने के लिए के लिए कड़ी मेहनत करने वाले मांझी-चालकी, मेम्बरिन सहित अन्य सदस्यों के मानदेय बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
    इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने कहा कि पहले  बस्तर दशहरा समिति से जुड़े सदस्यों के मानदेय नहीं मिलने या कम मिलने जैसी समस्याएं थीं, जिसे वर्तमान सरकार ने दूर किया है। इससे सदस्यों में खुशी है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण हेतु होने वाली पेड़ों की कटाई की भरपाई नए पौधे लगाने की परंपरा की शुरुआत हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रथ निर्माण के लिए 53 वृक्ष काटे गए थे, जिसके एवज में साल के 500 पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मांझी चालकी भवन के लिए भी 15 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। संसदीय सचिव  रेखचंद जैन और कलेक्टर  रजत बंसल ने इस अवसर पर संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मांझी-चालकी, कार्यकारिणी सदस्यों को मानदेय राशि का वितरण भी किया।

    राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि मिलेगी राज्य स्थापना दिवस पर

    मुख्यमंत्री ने मुरिया दरबार में बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि का भुगतान राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राज्य स्थापना दिवस में आमंत्रित भी किया।

  • ‘फैसले को लेकर कोई तारीख तय नहीं हुई, कल फिर जाऊंगा दिल्ली’ मंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान
    अंबिकापुर : मेडिकल कॉलेज में पांच नवजात बच्चों की मौत को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान मचा हुआ है। इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दिल्ली दौरा रद्द कर सीधे अंबिकापुर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से मामले को लेकर चर्चा की और जांच के निर्देश दिए। वहीं, कल मंत्री सिंहदेव ने बताया कि वे कल फिर दिल्ली दौरे पर जाएंगे। मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि दिल्ली जाइए तो एक ही बात की चर्चा होती है। राजनीति में कई कामों को लेकर दिल्ली जाना होता है। कल फिर दिल्ली जाऊंगा, फैसले को लेकर कोई तारीख तय नहीं हुई है। फैसला हाईकमान के पास सुरक्षित है। सबसे निवेदन कर रहा हूं सब्र रखिए, हाई कमान के पास देशभर के मसले आते हैं। एक एक कर सबका निराकरण होता है। जज साहब के पास फैसला सुरक्षित है, वो क्या फैसला सुनाते हैं? वो तो जब जज साहब लिख के देंगे तभी पता चलेगा।