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  • मानसून की दगाबाजी से किसानों के माथे पर पड़ी चिंता की लकीरें, अब अच्छी बारिश के लिए किसान भगवान की शरण में
    धमतरी. बारिश का सीजन होने के बाद भी मानसून की दगाबाजी से किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट दिखाई दे रही है। ऐसे में पानी की कमी के चलते खेतों में लगी धान की फसलों को नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।उनका कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो धान के पौधे मर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन में इस साल जिले में करीब 1 लाख 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने धान की फसल लगाया है। मौसम विभाग ने भी इस साल पर्याप्त बारिश होने का अनुमान लगाया था। जून महीने में झमाझम बारिश होने के बाद अब खेतों में धान की फसलों को पानी की जरूरत है, तब मानसून की दगाबाजी ने किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है। ग्राम पोटियाडीह के किसान चंद्रशेखर साहू, परसुली के किसान नरोत्तम, लीलर के किसान कैलाश नेताम ने बताया कि उन्होंने इस साल अच्छी बारिश होने की उम्मीद से खराब होने की है, लेकिन बारिश नहीं होने से खेतों में पड़ी धान की बीज खराब होने लगी है। ऐसे में यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बारिश की कामना को लेकर हवन-पूजन उधर बारिश की कामना को लेकर नगरी वनांचल समेत अन्य क्षेत्रों के किसान हवन पूजन का सहारा ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऐसा करने से इंद्रदेव प्रसन्न होकर बारिश करते हैं। जिले में बारिश एक नजर में भू अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में एक जून से अब तक 346.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक मगरलोड तहसील में 466 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, वहीं नगरी तहसील में सबसे कम 239.1 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है। इसी तरह भखारा तहसील में 447.6 मिलीमीटर, कुरूद में 378.9 मिलीमीटर, धमतरी में 289.8 मिलीमीटर और कुकरेल तहसील में 255.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
  • BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ के इस जिले में लगाया गया संपूर्ण लॉकडाउन, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
    बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले में कमी देखने को मिल रही है। लेकिन कई जिलों में अभी भी कोरोना के मामले बढ़ने लगे है। वहीं बलरामपुर में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है। बलरामपुर कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार यहां सभी दुकानें बंद रहेंगे। इस सख्ती को कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि राज्य में कोरोना के मामले कंट्रोल में हैं। बता दें कि प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट कम हो चुकी है। वहीं रिकवरी दर काफी सुधरी है। राज्य में रोजाना संक्रमितों की संख्या भी काफी कम हो चुकी है।
  • छत्तीसगढ़ – पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी, 47 के किये गए ट्रांसफर, देखें आदेश
    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी की गई है। यहां प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के कुल 47 कर्मचारियों के ट्रांसफर आर्डर जारी किया गया है। देखिए पूरी सूची –
  • छत्तीसगढ़: हेलीकॉप्टर में बारात लेकर पहुंचे दूल्हे राजा, शादी में दिया सामाजिक संदेश
    लोरमी: मुंगेली जिले के गांव पेड्री तालाब में आज का दिन खास रहा। पहली बार गांव में कोई दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आया। दूल्हा अपने पिता और रिश्तेदारों के साथ हेलीकॉप्टर में सवार होकर पेड्री तालाब पहुंचा। दुल्हन को हेलीकॉप्टर से अपने घर ले गया। इतना ही नहीं दोनों ही पक्षों ने इस शादी से अलग संदेश भी दिया। शादी में शामिल होने वालों के लिए गुटखा, शराब का सेवन नहीं करना अनिवार्य शर्त रखी गई। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगेगा। कोटा के पेंड्रापाट निवासी अमरनाथ यादव अपने बेटे रामेश्वर के साथ बहू को लेने के लिए गांव लीटिया से उड़ान भरी। पेशे से किसान अमरनाथ ने बताया उनके पिता बिहारीलाल यादव की इच्छा थी कि उनके पोते की बारात हेलीकाप्टर से जाए।
  • छत्तीसगढ़: आर्केस्ट्रा के नाम पर चलता धंधा, मां ने करवाया बेटी से देह व्यापार, देखें पूरी खबर…
    भिलाई। बिहार में आर्केस्ट्रा का ट्रेंड खूब है. छोटे-छोटे आयोजनों में बालाओं से डांस कराते हैं. ऐसे आयोजन आर्केस्ट्रा के माध्यम से होते हैं. ऐसे ही एक आर्केस्ट्रा का खुलासा हुआ है, जो सेक्स रैकेट को ऑपरेट कर रहा था. इसमें भिलाई की दो लड़कियां भी शामिल हैं, जिसे दुर्ग पुलिस ने रेस्क्यू किया है. दोनों लड़कियों को भिलाई की एक महिला ने दलाल को सौंप दिया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि दो लड़कियों में एक लड़की उस महिला की बेटी भी थी. बावजूद दोनों लड़कियों को इस दलदल में धकेल दिया। मां ने बेटी को सेक्स रैकेट के दलदल में धकेला दुर्ग पुलिस की ओर से प्रेस रिलीज जारी हुआ है, जिसमें बताया है कि सेक्स रैकेट के लिए नाबालिग लड़की को बिहार में पैसे लेकर भेजने के आरोप में छावनी पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. बाल कल्याण समिति दुर्ग की जांच रिपोर्ट के आधार पर छावनी पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। कुछ दिनों पूर्व बाल कल्याण समिति पटना बिहार से छावनी क्षेत्र की दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति दुर्ग को सौंपा गया था. जहां जांच पर दोनों लड़कियों ने बताया कि उक्त आरोपित महिला के द्वारा जान-बूझकर नाबालिग लडकियों को पटना, बिहार के विपिन बिहारी गिरी नामक व्यक्ति को सौंप दिया था. जो डांस आर्केस्ट्रा पार्टी के नाम पर दुर्व्यापार करता था.
  • कलेक्टर ने किया ग्रामीण सचिवालय का निरीक्षण स्थानीय समस्याओं का निराकरण ग्रामीण सचिवालय में

    कलेक्टर  चन्दन कुमार ने आज नरहरपुर एवं कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्रामीण सचिवालय का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा स्थानीय समस्याओं का निराकरण ग्रामीण सचिवालय में ही करने के लिए ग्रामीणों को समझाईश दी। उन्हांने आज कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सरंगपाल और नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उमरादाह एवं श्रीगुहान में आयोजित ग्रामीण सचिवालय का निरीक्षण किया तथा ग्रामीण सचिवालय में प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सामान्यतः जाति, निवास, आय प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, फौती कटवाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, फसल बीमा इत्यादि से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किये जा रहे हैं, जिसका कलेक्टर द्वारा अवलोकन किया गया तथा स्थानीय स्तर के छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए ग्रामीण सचिवालय में आवेदन करने हेतु ग्रामीणों को समझाईश देते हुए कहा कि अविवादित मामलों सहित अविवादित नामांतरण, बंटवारा जैसे प्रकरणों का भी निराकरण ग्रामीण सचिवालय में किया जावे।
    कलेक्टर  चन्दन कुमार द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के समय ग्रामीण सचिवालय उमरादाह में 12 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें मुख्य रूप से फौती कटवाने, फसल बीमा कराने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने और विद्युत समस्या संबंधी आवेदन दिये गये थे। ग्रामीण सचिवालय  में ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती द्वारिका भास्कर, उप सरपंच हेमलाल नाग सहित ग्रामीणजन और विभिन्न विभागों के मैदानी कर्मचारी मौजूद थे। इसी प्रकार श्रीगुहान के ग्रामीण सचिवालय में जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र और फसल बीमा से संबंधित 06 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसका निराकरण किया जा रहा था। इसी प्रकार सरंगपाल के ग्रामीण सचिवालय में दो ग्रामीणों द्वारा राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था, मौके पर मौजूद ग्रामीणों से कलेक्टर  चन्दन कुमार ने बातचीत की और कुशल क्षेम पूछा। ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा बताया गया कि प्रत्येक शुक्रवार को ग्रामीण सचिवालय आयोजित किया जाता है, अब तक 22 आवेदनों का निराकरण ग्रामीण सचिवालय में किया जा चुका है, जिसमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र इत्यादि से संबंधित आवेदन शामिल हैं।

  • मौसम के आधार पर किसान अपने खेतां में फसलों का करें प्रबंधन

    जिले में हो रही खंड वर्षा के कारण फसल प्रभावित हो सकती है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। मौसम में असामयिक परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किसान आर्थिक  जोखिम को कम करने के लिए धान फसल के साथ साथ अन्य कम पानी चाहने वाली फसलों को भी प्राथमिकता देवें, साथ ही मेड़ो पर लताओं वाली सब्जिवर्गीय, कन्द्वर्गीय फसलों पुष्पीय पौधों छोटे फलदार पौधों जैसे पपीता केला आदि का भी उत्पादन कर सकते हैं, इसके साथ स्थान को ध्यान में रखते हुए पशुपालन, मुर्गीपालन तथा मत्स्य पालन भी कर सकते हैं लगातार एक ही फसल पर आश्रित रहने पर वित्तीय जोखिम की समस्या उत्पन्न होती है इसके लिए अपने खेत के रकबे या उपलब्ध स्थान के आधार पर अन्य   कृषिगत कार्यों पर भी ध्यान देवें। मौसम आधारित फसलो का बीमा अवश्य करवाए, जल संरक्षण हेतु खेतो के मेड़ो को बांधकर रखे जल संरक्षण के अन्य उपायों जैसे जल संभरण, डबरी, कुआँ निर्माण को भी अपनाये मौसम विज्ञान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर द्वारा जारी मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कांकेर जिले के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, आगामी 5 दिवसों  में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाये रहने के साथ अधिकतम तापमान 33.0-35.0 डिग्री से. और न्यूनतम तापमान 25.0-26.0 डिग्री से., सुबह की हवा में 85-90, आर्द्रता और शाम की हवा में 60-70, आर्द्रता तथा  आने वाले दिनों में हवा दक्षिण, पश्चिम दिशाओं से औसतन 4.0-6.0 किमी प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है।

  • स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण में तेजी लाने नयी रणनीति से होगा कार्य शिक्षा विभाग एवं राजस्व विभाग संयुक्त अभियान चलाकर बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध करायेंगें जाति प्रमाण पत्र

    कोरोना महामारी के कारण स्कूल पिछले शिक्षा सत्र में बंद होने के बाद से स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण के कार्यों में स्थिरता आ गयी थी। जिससे कई बच्चों को जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नही हो सके थे। जिसका संज्ञान लेते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने राजस्व विभाग एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक बुलाकर जाति प्रमाण पत्र निर्माण की गति बढ़ाने एवं स्कूली बच्चों  के जाति प्रमाण पत्र निःशुल्क उपलब्ध कराने हेतु रणनीति पर चर्चा की गई। जिसके तहत् नयी रणनीति का निर्माण बैठक में किया गया।
    नयी रणनीति के तहत् अब जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को जाति प्रमाण पत्र के कोरे आवेदन पत्र मांग की संख्यानुसार उपलब्ध कराये जायेंगें। इन कोरे आवेदन पत्रों को बीईओ के द्वारा संकुल समन्वयक के माध्यम से सभी शालाओं में भेजा जायेगा। शालाओं के शिक्षकों के द्वारा छात्र-छात्राओं के पालकों से सम्पर्क कर आवेदन पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज जैसे अंकसूची, मिशल, वंशावली अथवा पालक के पास उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर पूर्ण किये जायेंगें। यदि छात्र-छात्राओं के भाई-बहन अथवा पिता का जाति प्रमाण पत्र पूर्व से बना है तो उसकी प्रतिलिपि साथ में संलग्न करना होगा। जिससे जाति प्रमाण पत्र बनाने में आसानी हो सके। बीईओ द्वारा अपने विकासखण्ड के सभी 6वीं से 12वीं कक्षा तक के शालाओं के भरे हुए आवेदन पत्रों को पुनः संकुल समन्वयकों एवं प्राचायों द्वारा प्राप्त कर आवेदन पत्रों की बारिकी से जांच कर इन आवेदन पत्रों को तहसीलदार कार्यालय को भेजा जायेगा।
    अनुपलब्ध दस्तावेजों हेतु राजस्व विभाग से मिलेगी सहायता
    प्राप्त आवेदनों को तहसीलदारों के द्वारा अपने कार्यालय में पटवारियों के माध्यम से इन आवेदनों की जांच कराई जायेगी एवं आवेदन हेतु वांछनीय सभी आवश्यक दस्तावेज जो आवेदन में उपलब्ध नहीं होगें उन्हें राजस्व विभाग के द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। भूमिहीन आवेदकों तथा अन्य विवादित प्रकरणों को ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराकर निराकृत कर तहसीलदार द्वारा प्रकरणों को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भेजा जायेगा। एसडीएम द्वारा इन प्रकरणों की समीक्षा कर ई-डिस्ट्रिक्ट मेनेजर ई-गवर्नेस सोसाइटी जिला कार्यालय कोण्डागांव को इन्हे ऑनलाईन एन्ट्री तथा जाति प्रमाण पत्र ऑनलाईन डाऊनलोड करने हेतु भेजा जायेगा। ई-डिस्ट्रिक्ट मेनेजर द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों की ऑनलाईन एन्ट्री जाति प्रमाण पत्र के पोर्टल ूूूण्मकपेजतपबजण्बहेजंजमण्हवअण्पद में करते हुए जाति प्रमाण पत्र डाऊनलोड किया जायेगा।
    उसके पश्चात निर्मित जाति प्रमाण पत्रों को जिला शिक्षा अधिकारी को प्रदान किया जायेगा। ई-डिस्ट्रिक्ट मेनेजर द्वारा ऑनलाईन एन्ट्री और जाति प्रमाण पत्र डाऊनलोड करने के कार्य में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा सहायता दी जायेगी। एसडीएम कार्यालय द्वारा जाति प्रमाण पत्रों को जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से लेमिनेशन कवर में डालकर संबंधित बीईओ को उपलब्ध कराया जायेगा। बीईओ द्वारा संकुल समन्वयकों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्रों को संबंधित शालाओं के प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यो को उपलब्ध कराया जायेगा। जिसे स्कूलों के माध्यम से स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किया जायेगा।
    बीईओ कार्यालय एवं विद्यालय में रखे जायंेगें जाति प्रमाण पत्रों के रिकार्ड
    बीईओ कार्यालय एवं शाला द्वारा इन जाति प्रमाण पत्रों का रिकार्ड ऑनलाईन प्रमाण पत्र के क्रमांक के साथ पंजीबद्ध कर रखा जायेगा, ताकि गुम हो जाने पर भी पुनः ऑनलाईन प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सके। स्कूलों में भी इनकी एक प्रतिलिपि रखी जायेगी। इस प्रकार स्कूली छात्र-छात्राओं की जाति प्रमाण पत्र को एक निश्चित समय-सीमा में शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के सम्मिलित प्रयास से तैयार कराकर निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे छात्र-छात्राओं और उनके पालकों को विभिन्न कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। जिले के विद्यालयों में अध्ययनरत जिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र तैयार कर वितरण किया जाना लंबित हैं। उपरोक्त लंबित प्रकरणों को शिक्षा विभाग एवं राजस्व विभाग के समन्वय से निराकृत कर निःशुल्क जाति प्रमाण पत्र तैयार कर वितरण किया जायेगा। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा समन्वयन स्थापित करने के लिए सभी विकासखण्डों में एसडीएम के नेतृत्व में तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों, बीईओ, संकुल समन्वयकों, संस्था प्रमुखों की बैठक आयोजित की जायेगी। जिसके अनुसार गुरूवार को केशकाल एसडीएम डीडी मण्डावी के नेतृत्व में बैठक अयोजित की गई। जिसमें तहसीलदार आशुतोष शर्मा सहित बीईओ, संकुल समन्वयकों एवं संस्था प्रमुखों ने जाति प्रमाण पत्र निर्माण हेतु कार्यनीति पर चर्चा की।
     

  •  कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया, वर्ष 2020 के पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित

    देश के 722 कृषि विज्ञान केन्द्रों में वर्ष 2020 का सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र का पुरस्कार, कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को प्राप्त हुआ है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा आई.सी.ए.आर. के 93 वें स्थापना दिवस पर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को वर्ष 2020 पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
    आई.सी.ए.आर. के 93 वें स्थापना दिवस पर 16 जुलाई 2021 को केन्द्रीय मंत्री कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण  नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय राज्यमंत्री (कृषि एवं किसान कल्याण) सुश्री शोभा करंडलजे, एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री (कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण)  कैलाश चौधरी, महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, कृषि उत्पादन आयुक्त छ.ग. शासन श्रीमती एम. गीता, इं.गॉ.कृ.वि.वि. रायपुर के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल, कृषि प्रसार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के उपमहानिदेशक डॉ ए.के. सिंह, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जबलपुर के निदेशक डॉ. एस. आर. के. सिंह, कलेक्टर  श्याम धावड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  कुणाल दुदावत एवं निदेशक विस्तार सेवाएं इं.गॉ.कृ.वि.वि. रायपुर डॉ. एस.सी. मुखर्जी की गरिमामय उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र कोेरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह राजपूत को सर्टिफिकेट, साईटेशन एवं 7 लाख रूपये का चेक प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्ति पर कृषि विज्ञान केंद्र कोरिया के समस्त वैज्ञानिकों ने संसदीय सचिव एवं बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अम्बिका सिंह देव, सविप्रा उपाध्यक्ष एवं भरतपुर-सोनहत विधायक श्री गुलाब कमरो तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल का सदैव मार्गदर्शन व सहयोग प्रदाय करने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया।
    कलेक्टर  श्याम धावड़े ने इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र की पूरी टीम को इस सम्मान पर बधाई एवं इसी तरह बेहतर कार्य करते रहने हेतु प्रोत्साहित किया है।
    वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह राजपूत ने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा 55 एकड़ में गौठान ग्रामों में चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चारा फसलों की उन्नत किस्मों जैसे-नेपियर, बहुवर्षीय ज्वार का प्रार्दश प्रक्षेत्र स्थापित किया गया है। गौठान ग्रामों में नगदी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 35 एकड़ में हल्दी की उन्नत प्रजातियाँ जैसे-रोमा, बी.एस.आर-2 एवं रश्मि का प्रदर्शन प्रक्षेत्र स्थापित किया गया है।
    महात्मा गांधी नरेगा के अनुमेय कार्य पड़त भूमि विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत कृषकों की सामूहिक बाड़ियों का चयन कर 75 एकड़ में ड्रिप पद्धति से फलदार मातृवाटिका तैयार कर अंतरवर्तीय खेती के रुप में सामूहिक बाड़ियों में फसल विविधकरण के अंतर्गत 40-50 एकड़ में पड़त भूमि विकास के अंतर्गत लेमनग्रास, खस, पामारोजा, सिट्रोनेला एवं शकरकन्द इत्यादि का रोपण कर पड़त भूमि की फसल सघनता को 300 प्रतिशत तक आंका गया। बाड़ी विकास कार्यक्रम में सब्जियों की उन्नत प्रजाति सह फलदार पौध रोपण का तकनीकी प्रदर्शन 200 बाड़ियों में क्रियान्वित किया गया। घुरवा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी कृषक समूह द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया एवं मनरेगा से 100 केचुआ टांका की स्थापना कर केचुआ खाद, वर्मीवाश एवं केचुआ का विक्रय किया जा रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा गौठान ग्रामों में महिला समूह को गुणवत्ता युक्त केचुआ खाद उत्पादन एवं केचुआ उत्पादन का प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन निरंतर प्रदान किया गया।

           दलहन एवं तिलहन फसलों की उन्नत प्रजातियों का कल्स्टर प्रदर्शन कृषि अभियांत्रिकी तकनीक जैसे-कतार बोवाई, जीरो सीड ड्रिल, मल्टीक्राप प्लांटर से बोवाई का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण किसानों को प्रक्षेत्र पर दिया गया। जिले में मशरुम की विभिन्न प्रजातियों जैसे-पैरा, दुधिया, ऑयस्टर एवं बटन मशरुम का बीज तैयार कर उन्नत मशरुम उत्पादन तकनीक का प्रचार-प्रसार अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के माध्यम से किया गया। जिले में उच्च गुणवत्ता के फलदार पौधे एवं औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सरी पौध तैयार कर जिले के कृषकों को पौध सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
    कृषकों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन (कोरिया एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) की स्थापना की गई। ताकि कृषक उत्पादों का संग्रहण कर मूल्यवर्धन एवं प्रसंस्करण द्वारा कृषकों को सीधी एवं अधिक आय प्राप्त हो सके। जिला प्रशासन कोरिया के वित्तीय सहयोग से एवं कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के तकनीकी मार्गदर्शन में किसान उत्पादक संगठन के लिए प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन उत्पादों हेतु दुग्ध प्रसंस्करण, सगंध तेल निष्कासन हेतु भाप आसवन संयंत्र, दाल मिल, राईस मिल, खाद्य तेल मिल, सगंध अगरबत्ती निर्माण मशीन की स्थापना कर 20-25 मानक उत्पाद तैयार कराकर विपणन के लिए खादी इंडिया, ट्राईफेड इंडिया, हस्त शिल्प विकास बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग इत्यादि को उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान उत्पादक संगठन में 573 पंजीकृत कृषक है, किसान उत्पादक संगठन में आदिवासी कृषकों की भागीदारी 72 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष में किसान उत्पादक संगठन द्वारा 42 लाख रुपये का टर्नओवर किया गया।
    हनी मिशन को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी कृषकों का समूह बनाकर मधुमक्खी पालन के साथ-साथ मधुमक्खी पेटी का निर्माण भी करके कृषक अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहे है। महिला समूहों की आजीविका उन्नयन हेतु हस्त निर्मित सगंध साबुन व सगंध अगरबत्ती का निर्माण कर विक्रय किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया द्वारा प्रचार-प्रसार के साधनों से निरंतर जिले के कृषकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रदाय किये जा रहे हैं। कृषि, उद्यानिकी एवं संबंधित गतिविधियों में नवोन्मेषी कार्य जैसे-सिंदूर हर्बल पावडर, लेमनग्रास चायपत्ती, शकरकंद आटा, हल्दी, नीलगिरी एवं सौंफ की पत्तियों व टहनियों से सगंध तेल निष्कासन एवं गौठान ग्रामों में सौंफ की खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया द्वारा नवीनतम, उन्नत एवं नवोन्मेषी तकनीकियों का प्रचार-प्रसार अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, प्रक्षेत्र परीक्षण एवं प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर दिया जा रहा है।

     
  • गरियाबंद : मनरेगा का साथ मिला तो मेहनती महेश का जीवन बदल गया : मछली पालन के साथ साग-सब्जी उत्पादन कर लेते है दोहरा लाभ

    मेहनती हाथों को जब किसी का सहारा मिल जाता है, तो वे जीवन बदलने का सपना भी आसानी से पूरा कर लेते है। मेहनती और अपने काम के प्रति दृढ़ विश्वासी महेश को जब मनरेगा का साथ मिला तो उनकी आमदनी बढ़ गई और जीवन को भी अपने सांचे में ढालने लग गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से हो रहे आजीविका संवर्धन के कार्यो ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है। जीवन-यापन के साधनों को सशक्त कर इसने लोगों की आर्थिक उन्नति के द्वार खोले है। कोविड-19 से निपटनें एवं लागू देशव्यापी लॉक-डाउन के दौर में भी, महात्मा गांधी नरेगा से निर्मित संसाधनों ने हितग्राहियों की आजीविका को अप्रभावित रखा है। नए संसाधनों ने उन्हे इस काबिल भी बना दिया है कि अब विपरीत परिस्थितियों में वे दूसरों की मदद कर रहे है।
        लॉक-डाउन में जब लोग रोजी-रोटी की चिंता में घरों में बैठे हैं, तब गरियाबंद के सीमांत और मेहनती किसान  महेश निषाद अपनी डबरी से मछली निकालकर बाजारों में बेच रहे हैं। डबरी के आसपास की जमीन में उगाई गई सब्जियां  उन्हें अतिरिक्त आमदनी दे रही हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण पैदा हुए विपरीत हालातों के बीच भी उनका 8 सदस्यों का परिवार आराम से गुजर-बसर कर रहा है।  महेश निषाद की इस बेफ्रिक्री का कारण मनरेगा के तहत उनके खेत में बना डबरी है। इस डबरी ने मछली पालन के रूप में कमाई का अतिरिक्त साधन देने के साथ ही बरसात में धान की फसल के बाद सब्जी की खेती को भी संभव बनाया है।  
    जिले के फिगेंश्वर विकासखंड अंतर्गत कोपरा गांव के किसान  महेश निषाद के खेत में निर्मित डबरी ने उनके जीवन की दशा और दिशा बदल दी है। जिला पंचायत द्वारा उनके आवेदन पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए वर्ष 2019 में 3 लाख 10 हजार रूपये के लागत से मनरेगा अंतर्गत 25 मीटर लंबी, 22 मीटर चौड़ी एवं 10 मीटर गहरी निजी डबरी खोदने की स्वीकृति दी। इस डबरी के निर्माण के दौरान  महेश निषाद के परिवार के साथ ही अन्य ग्रामीणों को भी कुल 1060 मानव दिवसों का सीधा रोजगार मिला। इससे वे खुद और उनकी पत्नी ने 25-25 दिन साथ -साथ काम करके 9 हजार 500 रूपए की मजदूरी प्राप्त की।
     महेश निषाद बताते है कि डबरी निर्माण के पहले वे धान की फसल के बाद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। लेकिन जब से डबरी निर्माण हुआ है, तब से धान की खेती के साथ मछली पालन भी कर रहे है। डबरी के आसपास चारों ओर सब्जी-भाजी तथा फलों के पेड़ भी लगाए हैं। पिछले एक वर्ष से वे मछली पालन और सब्जी बेचकर सालाना करीब 70 हजार रूपए की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा ने उनकी जिंदगी बदल दी है। डबरी ने उनकी आजीविका को स्थायी और सशक्त बनाया है। अभी डबरी के आसपास नमी वाली जगहों पर फल और सब्जियां उगा रहे है। यहां आम, जामुन, शीशम के पौधे एवं अरहर, गोभी, बैगन, तिल, टमाटर, मेथी, और बरबट्टी की सब्जी लगाया गया है। लॉक-डाउन में सब्जी की जो भी पैदावार हुई, उसे बाजार में बेचनें के साथ-साथ गांव के जरूरतमंद परिवारों को भी दिया है। उन्होंने इस डबरी निर्माण के लिए शासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।

     
  • कलेक्टर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन

    भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जितेन्दर यादव तथा डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे का कांकेर जिले में पदस्थापना के फलस्वरूप कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों के मध्य नये सिरे से कार्य विभाजन किया गया है।
    अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य को अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) के अलावा वित्त एवं स्थापना शाखा, नजारत शाखा, जिला नजूल अधिकारी, जिला नजूल, नजूल नवकरण शाखा, जिला खेल अधिकारी, खनिज शाखा, खाद्य शाखा, नोडल अधिकारी-लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा, नगर सेना, प्रस्तुतकार शाखा (रीडर टू कलेक्टर शाखा, कलेक्टर की ओर से जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन, शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर) जिला निर्माण शाखा, प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रथम अपीलिय अधिकारी (जिला पंचायत को छोड़कर) जिला विभागीय जॉच शाखा, सांख्यिकी शाखा, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, कोष लेखा एवं पेंशन, विवाह अधिकारी, प्रभारी अधिकारी वारिसान प्रमाण पत्र का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, इसके साथ ही जिला कार्यालय के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के अवकाश एवं अग्रिम, चिकित्सा व्यय, यात्रा भत्ता संबंधी सम्पूर्ण अधिकार प्रत्यायोजित किये गये हैं। (नीति गत निर्णय को छोड़कर) तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारी-कर्मचारियों के 01 माह तक अर्जित अवकाश स्वीकृति का अधिकार तथा उससे ऊपर के अवकाश प्रकरण स्वीकृति हेतु कलेक्टर को प्रस्तुत किये जाएंगे। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये कार्यों का निर्वहन करना होगा।
    डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रेमलता मण्डावी को कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं शिकायत, जनदर्शन शाखा, जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, जनदर्शन से प्राप्त आवेदन पत्रों में टीप अंकित करना, भू-अभिलेख शाखा, भू-अभिलेखागार (हिंदी, अंग्रेजी अभिलेख कोष्ठ), भू-व्यपवर्तन, परिवर्तित भूमि शाखा, राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण, पशु एवं कृषि संगणना शाखा, जनगणना, राहत, पुनर्वास शाखा, नक्सल प्रभावितों के योजनाओं की मॉनिटरिंग एवं विकास, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला शहरी विकास अभिकरण, जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग, नोडल अधिकारी विभागीय बैठक, विडियो कॉन्फ्रेंस, लायसेंस शाखा, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पासपोर्ट शाखा, विकास शाखा, प्रपत्र शाखा, राजस्व शाखा, राजस्व लेखा शाखा का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।  
    डिप्टी कलेक्टर श्री सी.एल. ओंटी को कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा अल्प बचत शाखा, विविध शाखा, वन अधिकार पट्टा वास्तविक कब्जा के पुष्टि कर प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करना, अल्प संख्यक शाखा, मालिक मकबूजा प्रकोष्ठ, मुख्य प्रतिलिपिकार शाखा, क्रेडा विभाग, जिला जनसूचना अधिकारी, समाज कल्याण, चिप्स, लोक सेवा केन्द्र, वरिष्ठ लिपिक शाखा-01, 02 एवं 03, सहायक अधीक्षक, सामान्य निरीक्षण, व्यवहारवाद, धार्मिक न्यास, धर्मस्व, पुरातत्व एवं पर्यटन, बीस सूत्रीय आर्थिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण, आवक-जावक शाखा, श्रम, बाल श्रमिक शाखा, वक्फबोर्ड शाखा का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।
    भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री जितेन्दर यादव को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी भानुप्रतापपुर बनाया गया है। इसके अलावा अनुभाग क्षेत्रान्तर्गत भाड़ा नियंत्रण अधिकारी, रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट तथा सत्कार अधिकारी, स्वामित्व अधिकारी की समाप्ति अधिनियम 1950 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का भुगतान, ऋण विमुक्ति अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण का निपटारा, असिस्टेंट कंस्ट्रेडियन ऑफ इव्हाक्यू प्रापर्टीज, भारतीय स्टॉप एक्ट की धारा 2 (9)(ब) अधिसूचना क्रमांक 393 सी.आर./89/आठ दिनांक 14 जून 1943 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट ऑफ स्टाम्पस के कृत्य, शस्त्र अधिनियम धारा 4 के अंतर्गत अनुसूची 2 के खाना क्रमांक 3 दर्शाये अनुसार शस्त्र अनुज्ञप्तियों की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, भू-अर्जन अधिकारी भानुप्रतापपुर अनुविभाग, सत्कार अधिकारी अनुविभाग स्तर, छत्तीसगढ़ लोक बेदखली अधिनियम 1974 के अंतर्गत सक्षम अधिकारी, अपने अनुविभाग की विकास एवं कृषि योजनाओं का पर्यवेक्षण, जनसंपर्क, स्थानीय विकास तथा आदिम जाति योजनाओं के समस्त कार्यों का पर्यवेक्षण तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण, रोस्टर के अनुसार तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालय, थाना तथा अन्य कार्यालयों का निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है, इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये कार्यों का निर्वहन करना होगा।
    डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंतागढ़ का दायित्व सौंपा गया है। प्रभारी अधिकारी के रूप में अनुभाग क्षेत्रान्तर्गत भाड़ा नियंत्रण अधिकारी, रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट तथा सत्कार अधिकारी, स्वामित्व अधिकारी समाप्ति अधिनियम 1950 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का भुगतान, ऋण विमुक्ति अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण का निपटारा, असिस्टेंट कंस्ट्रेडियन ऑफ इव्हाक्यू प्रापर्टीज, भारतीय स्टाम्प एक्ट की धारा 2()(ब) अधिसूचना क्रमांक 393 सी.आर./89/आठ दिनांक 14 जून 1943 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट ऑफ स्टाम्पस के कृत्य, शस्त्र अधिनियम धारा 4 के अंतर्गत अनुसूची 2 के खाना क्रमांक 3 दर्शाये अनुसार शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक 3(सी) तीन(डी) और पांच की स्वीकृति एवं नवीनीकरण, भू-अर्जन अधिकारी अंतागढ़ अनुविभाग, सत्कार अधिकारी अनुविभाग स्तर, छत्तीसगढ़ लोक बेदखली अधिनियम 1974 के अंतर्गत सक्षम अधिकारी, अपने अनुविभाग की विकास एवं कृषि योजनाओं का पर्यवेक्षण, जनसंपर्क, स्थानीय विकास तथा आदिम जाति योजनाओं के समस्त कार्यों का पर्यवेक्षण तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण, रोस्टर के अनुसार तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालय, थाना तथा अन्य कार्यालयों का निरीक्षण एवं कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये कार्य का निर्वहन करेंगे।

  • BIG BREAKING : मुखबिरी के संदेह में नक्सलियों ने ग्रामीण को उतारा मौत के घाट, फेंके गए पर्चा
    गरियाबंद: जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने मुखबिर के आशंका में एक ग्रामीण की हत्या कर मौत के घाट उतार दिया है। हत्या के बाद उसके शव को वहीं पर छोड़कर भाग गए है। वहीं शव के पास नक्सलियों ने पर्चा भी छोड़ा है। मृतक की पहचान परशुराम भुजिया के रूप में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, ये घटना गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के आमा मोरा की है। जहां मुखबिर की सुचना में नक्सलियों ने ये घटना को अंजाम दिया है। मृतक के भाई और गांव के कोटवार ने मैनपुर थाना में ये सूचना दी है।