आरंग में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की संवेदनशीलता: कार्यक्रम में हुई देरी तो छात्राओं को सुरक्षित घर पहुंचाने का कराया इंतज़ाम
आरंग में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की संवेदनशीलता: कार्यक्रम में हुई देरी तो छात्राओं को सुरक्षित घर पहुंचाने का कराया इंतज़ाम
आरंग: शासकीय बद्रीप्रसाद लोधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आरंग में आयोजित 'दीक्षारंभ एवं लोकार्पण' कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की संवेदनशीलता देखने को मिली। अतिथियों के देरी से पहुंचने के कारण दूर-दराज से आई छात्र-छात्राओं को समय पर घर लौटने की चिंता सता रही थी। स्थिति को समझते हुए मंत्री ने मंच से ही छात्राओं के सुरक्षित परिवहन की घोषणा की और उन्हें वाहनों के माध्यम से घर भिजवाया।
मंच से किया ऐलान, तुरंत मंगवाई गईं बसें
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की परेशानी को भांपते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने मंच से ही नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन को निर्देश दिए कि बच्चों को बसों से उनके घर पहुंचाया जाए। मंत्री के ऐलान के तुरंत बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने अपनी दो निजी बसें महाविद्यालय परिसर में मंगवा लीं।
अपने काफिले और निजी वाहनों से भी भिजवाया
बसों के अलावा, मंत्री ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए कुछ छात्राओं को अपने स्वयं के शासकीय काफिले की गाड़ियों से रवाना किया। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने भी कई छात्राओं को अपने निजी वाहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
25 किलोमीटर दूर से आते हैं छात्र-छात्राएं
गौरतलब है कि आरंग के इस महाविद्यालय में आसपास के गांवों और दूर-दराज के इलाकों से छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। कई बच्चे लगभग 25 किलोमीटर दूर से सफर तय कर पहुंचे थे। कार्यक्रम के देर से समाप्त होने के कारण शाम ढलने पर उन्हें बस या परिवहन साधन न मिलने का डर सता रहा था।
दिग्गज जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
आज आयोजित इस भव्य दीक्षारंभ और लोकार्पण समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अतिथि मौजूद रहे।
छात्रों और प्रबंधन ने जताया आभार
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन की इस संवेदनशील और त्वरित पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। महाविद्यालय प्रबंधन, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने जनप्रतिनिधियों के इस आत्मीय कदम के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।


