101 फीट ऊंचे दशानन रावण का होगा दहन, भव्य आतिशबाजी से जगमगाएगा डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान विधायक पुरन्दर मिश्रा ने तैयारियों को लेकर दी जानकारी

101 फीट ऊंचे दशानन रावण का होगा दहन, भव्य आतिशबाजी से जगमगाएगा डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान विधायक पुरन्दर मिश्रा ने तैयारियों को लेकर दी जानकारी

101 फीट ऊंचे दशानन रावण का होगा दहन, भव्य आतिशबाजी से जगमगाएगा डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान

विजयादशमी पर उमड़ेगा जनसैलाब, लगभग 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना; राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने दी तैयारियों की जानकारी, पार्किंग, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर

रायपुर। राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में विजयादशमी के पावन अवसर पर भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। 101 फीट ऊंचे दशानन रावण के दहन और भव्य आतिशबाजी के बीच पूरा दशहरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठेगा। इस भव्य आयोजन में लगभग 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है।

इस गरिमामय आयोजन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम  रमेन डेका जी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा , रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी सहित प्रदेश के मंत्रीगण, विधायकगण, पूर्व विधायक एवं निगम-मंडल के जनप्रतिनिधिगण शामिल होंगे।

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने तैयारियों को लेकर दी जानकारी

विजयादशमी उत्सव की तैयारियों को लेकर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा जी ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से हमें सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। दशानन रावण का दहन बुराइयों के अंत और सद्गुणों की विजय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान में आयोजित होने वाला यह उत्सव राजधानी की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, परिवार और श्रद्धालु शामिल होते हैं। लगभग 5 लाख लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ सभी नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पार्किंग से सुरक्षा तक, व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी

पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था: उत्सव में पहुंचने वाले नागरिकों के वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग तथा यातायात के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे, ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े।

पेयजल व्यवस्था: बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।

सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन: लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ के सुव्यवस्थित संचालन तथा आवश्यक दिशा-निर्देशों के पालन को प्राथमिकता दी जाएगी।

चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता: किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं के समन्वय पर ध्यान दिया जाएगा।

स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था: दशहरा मैदान और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।

महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुविधा: सभी आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वातावरण, सुगम आवागमन और सुविधाजनक आयोजन की व्यवस्था की जाएगी।

अग्निशमन एवं आतिशबाजी सुरक्षा: दशानन रावण के दहन और भव्य आतिशबाजी के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा जी ने आयोजन से जुड़े सभी संबंधित विभागों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और आयोजन समिति से आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने का आह्वान किया, ताकि विजयादशमी का यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों और दशानन रावण के अंत का संदेश देगा विजयादशमी उत्सव

श्री मिश्रा ने कहा कि दशहरा केवल दशानन रावण के पुतले के दहन तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का शाश्वत संदेश देता है। मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, न्याय, कर्तव्य, त्याग और आदर्श आचरण का मार्ग दिखाता है, वहीं दशानन रावण का अंत अहंकार, अन्याय और अधर्म के पतन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें यह संकल्प लेने का अवसर देती है कि हम अपने जीवन से अहंकार, द्वेष, अन्याय और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को दूर कर समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करें। भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर एक संस्कारित, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

नागरिकों से परिवार सहित उत्सव में शामिल होने की अपील

विधायक  पुरन्दर मिश्रा जी ने नागरिकों से अपील की कि वे परिवार सहित दशहरा उत्सव में शामिल होकर इस गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा के साक्षी बनें। साथ ही प्रशासन एवं आयोजन समिति के दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और दशानन रावण के दहन एवं आतिशबाजी के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

इस वर्ष डब्ल्यूआरएस कॉलोनी का दशहरा उत्सव 101 फीट ऊंचे दशानन रावण के दहन, भव्य आतिशबाजी और लाखों श्रद्धालुओं की संभावित सहभागिता के साथ राजधानी रायपुर में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजयगाथा के साथ यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा।