भाजपा सरकार ने पैसा बचाने आरटीई में भर्ती नियम बदलकर गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन लिया

भाजपा सरकार ने पैसा बचाने आरटीई में भर्ती नियम बदलकर गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन लिया
भाजपा सरकार ने पैसा बचाने आरटीई में भर्ती नियम बदलकर गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन लिया
 
  • भाजपा सरकार ने पैसा बचाने अपने पूर्व सरकार के फैसले को बदला जिसके कारण आरटीई में 24 हजार से अधिक सीट कम हो गई ये गरीबो के साथ अन्याय

रायपुर/13 फरवरी 2026। आरटीई में इस वर्ष 24 हजार से अधिक सीट कम होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार पैसा बचाने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों की नर्सरी, पीपी-वन एवं पीपी-टू में भर्ती के नियम खत्म कर सीधा क्लास वन में ही भर्ती की अनिवार्यता कर गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन लिया है। इस नियम से आरटीई के तहत पिछले वर्ष की तुलना में 44,173 सीट पर भर्ती की जगह अब मात्र 19 हजार 466 सीटों पर ही भर्ती होगी, मतलब 24 हजार से अधिक सीट खत्म कर दी गई। इससे गरीबों को अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नर्सरी व पीपी-वन पढ़ाने मोटी रकम खर्च करना पड़ेगा। ताकि पीपी-टू के बाद उसी स्कूल में आरटीई के तहत बच्चे का एडमिशन हो सके।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून बनाये तो स्पष्ट रूप से नियम बनाया की निजी स्कूलों में भर्ती नर्सरी से क्लास वन तक होगी। भाजपा सरकार ने आरटीई में नियम बदलने अपने ही पूर्व सरकार के 2014 के लागू फैसले को बदल दिया। अब गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा कैसे मिलेगी? सरकारी स्कूलों की स्थिति इस सरकार में वैसे ही दयनीय है। कांग्रेस सरकार नेगरीब बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी की शिक्षा देने स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम योजना शुरू किया था। प्रदेश में सैकड़ों स्कूलों को उन्नत आधुनिक बनाया था। भाजपा की सरकार ने उस योजना को ही बंद कर दिया, जो स्कूल चल रहे है वहां शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा, भारी अव्यवस्था है। अब आरटीई में भी बदलाव कर गरीब बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा से दूर कर दिया। भाजपा आखिर बच्चों को शिक्षा से दूर क्यों करना चाहती है? प्रदेश के भविष्य को क्यों खराब कर रही है? कांग्रेस मांग करती है आरटीई में नर्सरी, पीपी-वन, पीपी-टू से एडमिशन की प्रक्रिया को पुनः बहाल करे, ताकि बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सके।