सुशासन तिहार में हेलीकाफ्टर उड़ रहे है, भीड़ लाने गाड़ियों में डीजल, पेट्रोल फूंका जा रहा, क्या यही मितव्ययिता है?

सुशासन तिहार में हेलीकाफ्टर उड़ रहे है, भीड़ लाने गाड़ियों में डीजल, पेट्रोल फूंका जा रहा, क्या यही मितव्ययिता है?
सुशासन तिहार में हेलीकाफ्टर उड़ रहे है, भीड़ लाने गाड़ियों में डीजल, पेट्रोल फूंका जा रहा, क्या यही मितव्ययिता है?
 

सरकार की मितव्ययिता सिर्फ ढोंग, सुशासन तिहार के प्रोपोगंडा के लिए रोज फूंकी जा रही पेट्रोल, डीजल

 भाजपा सरकार के मितव्ययिता के आदेश को ढोंग करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जब मितव्ययिता की बात कर रही है पेट्रोल, डीजल बचाने शासकीय कर्मचारियों को वर्क फार्म होम का निर्देश दे रही है। आम जनता से पेट्रोल, डीजल का कम उपयोग करने अपील कर रही है। सरकार के मंत्री अपने काफिले के वाहन में कमी का दावा कर रहे है। साइकिल चलाकर रील बना रहे है। ऐसे में सुशासन तिहार पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रही है? सुशासन तिहार के नाम से रोज हेलीकॉप्टर उड़ाये जा रहे है। भीड़ लाने एवं अधिकारियों के तिहार में पहुँचने गाड़ियों में जो हजारों लीटर डीजल, पेट्रोल फूंके जा रहे है इस पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रही है? सरकार के कथनी एवं करनी में अंतर है। जनता पेट्रोल, डीजल के लिए आधी रात से लाईन लग रही है। पेट्रोल पंप के बाहर नो स्टॉक का बोर्ड लगा है। सरकार तिहार मना रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता जानना चाहती है जब डीजल, पेट्रोल संकट है फिर सुशासन तिहार के आयोजन के लिए पेट्रोल, डीजल कहां से आ रहा है? ट्रक, ट्रैक्टर, बस सहित छोटे मंझौल वाहन स्वामी को पर्याप्त डीजल नहीं मिल रहा है। मोटर साइकिल के लिए मात्र 300 रु. एवं कार के लिए 1000 रु. तक पेट्रोल देने की सीमा तय कर दी गई है और सरकार खुद डीजल, पेट्रोल उड़ाकर सुशासन तिहार का प्रोपोगंडा कर रही है। ये जनता का मजाक उड़ाया जा रहा है। कांग्रेस मांग करती है सुशासन तिहार का प्रोपोगंडा बंद कर जनता को डीजल, पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में दिया जाये।