नेशनल लोक अदालत 7,97,481प्रकरणों का हुआ निराकरण
National Lok Adalat organized, 7,97,481 cases resolved
नेशनल लोक अदालत 7,97,481प्रकरणों का हुआ निराकरण
द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन
जिलान्यायालय रायपुर में कुल 7,97,481प्रकरणों का निराकरण किया गया ।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 10/05/2025 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री बलराम प्रसाद वर्मा , प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान सुधीर कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण व अधिवक्ता संघ के अध्यक्षश्री हितेन्द्र तिवारी, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि एवं स्कूल के छात्र छात्रायें भी उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया।
प्रधानजिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, श्रीमान बलराम प्रसाद वर्मा सर जी ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के तत्वाधान मे पुरे देश भर मेंइस वर्ष काद्वितीयनेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी के संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल व सहज तरीके से न्याय पहुचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरण ,पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के
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जनोपयोगीसेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुॅचने के पूर्व ) का भी निराकरण किया जायेगा।
उन्होने बताया कि, नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार ट्रैफिंक लाउडिस्पीकर के माध्यम से तथा रेल्वे स्टेशन में रेल्वे अलाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से एवं पैरालीगल वालिटिंयर के माध्यम से तथा ग्रामिण क्षेत्रों में कोटवारो के द्वारा मुनादी कराकर नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार कराया गया ।
लोक अदालत मेें जिनका भी राजीनामा योग्य प्रकरण लम्बित है उनकों प्रोत्साहित किया गया । जिन पक्षकारों को किसी भी प्रकार की शंका हो उनको परामर्श हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा तालुका विधिक सेवा समिति, गरियाबंद, देवभोग, राजीम, तिल्दा से सम्पर्क कर अपने प्रकरणों के संबंध में जानकारी लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया ।
श्री रमेश कुमार चौहान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरणरायपुर द्वारा व्यक्त किया गया कि, प्रदेश में पुनः एक बार दिव्यांग जनों के लिये नालसा, सालसा तथा केन्द्र सरकार की योजनाओं की सफलता हेतु माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदयरायपुर द्वारा एक अभूतपूर्व पहल करते हुए समाज कल्याण विभाग रायपुर के सहयोग से दिव्यांग एवं वरिष्ठ जन हितग्राहियों को व्हील चेयर एवं श्रवण यंत्र का वितरण इसी प्रकार श्रम विभाग के सहयोग से नालसा की (असंगठित क्षेत्र के कामगारों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना 2015) के अंतर्गत हितग्राहियों को श्रमिक कार्ड वितरण एवं वन विभाग के सहयोग से पर्यावरण जागरूकता संदेश देते हुए पक्षकारों एवं आमजनों को निःशुल्क पौधा वितरण किया गया ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवंगुरूद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजनप्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोषदिखाईदी, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है।
छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्र्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुॅचे न्यायाधीश/सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुॅचायी गयी । उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया।
मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्रीऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर
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ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 5820प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया ।आज वर्ष 2024 के अंतिम नेशनल लोक अदालत में निम्नानुसार प्रकरण का निराकरण किया गया।
राजस्व न्यायालय-6,71,271 प्रकरण
कुटुम्ब न्यायालय-88
छ0ग0 राज्य परिवहन अधिकरण-03प्रकरण
न्यायालय में लम्बित प्रकरण का निराकरण लगभग-25219प्रकरण
प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 29,678 प्रकरण का निराकरण
जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 6532प्रकरण
मोहल्ला लोक अदालत -5820प्रकरण का निराकरण हुआ।
भाड़ा नियंत्रण अधिकरण -05 प्रकरण का निराकरण हुआ ।
पेंशन लोक अदालत-11 प्रकरण का निराकरण हुआ ।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि46,45,93,229
(सफल कहानी)
माननीय न्यायालय के समझाईष पर पति पत्नि हुए एक :-(माननीय सुधीन कुमार ,प्रधान न्यायाधीष कुटुम्ब न्यायालय रायपुर )
प्रकरण क्रमांक 01- आवेदिका के द्वारा अनावेदिका अपने पति के विरूद्ध भरण-पोशण का प्रकरण इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि, अनावेदक दहेज की मांग लेकर उसके साथ मारपीट व लड़ाई-झगड़ा कर घर से निकाल दिये जाने के कारण मायके में निवासरत है। अनावेदक का ग्राम सावनी में लगभग 01 एकड़ कास्तकारी कृशि भूमि से प्रतिवर्श 40,000/- (चालीस हजार रूपये) एवं पेंटिंग के कार्य से 500/- (पॉच सौ रूपये) प्रतिदिन एवं प्रतिमाह 15,000/-(पन्द्रह हजार रूपये) आय प्राप्त करता है। राजीनामा का प्रयास किया जाकर, कुटुंब न्यायालय रायपुर में नेषनल लोक अदालत में प्रकरण रखे जाने हेतु निर्देषित किया गया था । कुटुम्ब न्यायालय के द्वारा दोनों पक्षों को समझाईष दी गई कि साथ में रहकर अपने दाम्पत्य जीवन
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का निर्वहन करें तथा उसके बीच सुलह का प्रयास किया गया, अंततः पति-पत्नी अपने वाद-विवाद को भूलकर आपस में राजीनामा कर प्रकरण को वापस लेकर सुखद जीवन जीने के लिये एक साथ चले गये।
प्रकरण क्रमांक 02- आवेदिका के द्वारा अनावेदिका अपने पति के विरूद्ध भरण-पोशण का प्रकरण इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि, अनावेदक दहेज की मांग लेकर उसके साथ मारपीट व लड़ाई-झगड़ा कर घर से निकाल दिये जाने के कारण मायके में निवासरत है। अनावेदक प्रिटिंग एवं गैस एजेंसी के व्यवसाय से प्रतिमाह 1,00,000/- (एक लाख) रूपये एवं पुष्तैनी कारोबार से ब्याज में पैसे बांटकर ब्याज के रूप में प्रतिमाह 50,000/- (पचास हजार) रूपये आय प्राप्त करता है। उभयपक्ष के मध्य हुए आपसी राजीनामा के अनुसार वे प्रकरण आगे नही चलाना चाहते राजीनामा का प्रयास किया जाकर, कुटुंब न्यायालय रायपुर में नेषनल लोक अदालत में प्रकरण रखे जाने हेतु निर्देषित किया गया था । कुटुम्ब न्यायालय के द्वारा दोनों पक्षों को समझाईष दी गई कि साथ में रहकर अपने दाम्पत्य जीवन का निर्वहन करें राजी हुए अंततः पति-पत्नी अपने वाद-विवाद को भूलकर आपस में राजीनामा कर प्रकरण को वापस लेकर सुखद जीवन जीने के लिये एक साथ चले गये।
बच्चों के भविश्य को देखते हुए माननीय न्यायालय के समझाईष पर पति पत्नि हुए एक :-(माननीय विवेक कुमार तिवारी प्रथम अतिरिक्त ,प्रधान न्यायाधीष कुटुम्ब न्यायालय रायपुर )
आवेदिका कांति घृतलहरे के द्वारा अपने एवं बच्चों के लिए भरण पोशण हेतु अनावेदक बीजूघृतलहरे के विरूद्ध आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 144 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत् यह वर्तमान आवेदन प्रस्तुत की थी न्यायालय में बच्चो के भविश्य का वास्ता देते हुए दोनों को समझाईस दी गई दोनों बच्चों के भविश्य को देखते हुए साथ में रहकर अपने दाम्पत्य जीवन का निर्वहन करें राजी हुए अंततः पति-पत्नी अपने वाद-विवाद को भूलकर आपस में राजीनामा कर प्रकरण को वापस लेकर सुखद जीवन जीने के लिये एक साथ चले गये।
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