श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में आज महाराशलीला, रुक्मणि विवाह, गोपी उद्धव संवाद कथा का विस्तृत वर्णन किया
श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में आज महाराशलीला, रुक्मणि विवाह, गोपी उद्धव संवाद कथा का विस्तृत वर्णन किया,
भागवताचार्य आदरणीय श्री ओम प्रकाश जोशी नेगोपी-उद्धव संवाद कथा श्रीमद्भागवत का एक प्रसंग है, जहाँ कृष्ण के मथुरा जाने के बाद उद्धव गोपियों को ज्ञान और योग का उपदेश देने ब्रज आते हैं, लेकिन गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपनी अनन्य प्रेम-भक्ति से उद्धव के ज्ञान को तुच्छ साबित कर देती हैं और उद्धव स्वयं उनकी प्रेममय भक्ति से प्रभावित होकर ज्ञान का त्याग कर गोपियों के चरणों पर झुक जाते हैं। इस कथा का मुख्य सार यह है कि भक्ति, ज्ञान से श्रेष्ठ है, खासकर जब बात प्रेम की हो, और यह कथा प्रेम की शक्ति और ज्ञान के अहंकार को तोड़ने का एक अद्भुत उदाहरण है अपने मुखाग्र बृंद महारास लीला की कथा के अनुसार, श्री कृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात वृंदावन में अपनी बांसुरी बजाकर गोपियों को आकर्षित किया, और उनकी गहरी भक्ति और प्रेम से मुग्ध होकर, प्रत्येक गोपी के लिए अपना एक स्वरूप प्रकट किया, और उनके साथ रास नृत्य किया। यह दिव्य और आनंदमयी रास, जिसे महारास कहा जाता है, हर गोपी की प्रभु के साथ व्यक्तिगत मिलन की इच्छा को पूरा करता है, और यह स्थूल वासनाओं से परे, अनन्य आध्यात्मिक प्रेम का प्रतीक है,
रुक्मिणी विवाह, जिसे रुक्मिणी हरण भी कहा जाता है, हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान कृष्ण और देवी *रुक्मिणी के विवाह का वर्णन है। यह विवाह भागवत पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है। कथा के अनुसार, रुक्मिणी भगवान कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं, लेकिन उनके भाई रुक्मी, शिशुपाल से उनका विवाह करना चाहते थे। रुक्मिणी ने कृष्ण को एक संदेश भेजा और उनसे आग्रह किया कि वह उन्हें शिशुपाल से बचाएं। कृष्ण, रुक्मिणी के प्रेम और बुद्धिमत्ता से प्रभावित होकर, विदर्भ पहुंचे और रुक्मिणी का हरण कर लिया। इसके बाद, कृष्ण और रुक्म के बीच युद्ध हुआ, जिसमें कृष्ण विजयी हुए। फिर, कृष्ण रुक्मिणी को द्वारका ले गए और उनका विवाह हुआ।
इस अवसर पर अध्यक्ष संगीता सरावगी जी महामंत्री राजश्री ,खुशबूकेडिया Rekha Ji शेखर सिंघानिया संजय सिंघानिया, रेखा चिमन, मिथलेश जी मंजू,50 महिलाओं के साथ पूरी बस लेकर आए गोंदिया से शाहजी महेश अग्रवाल जी दिल्ली से शाहजी राजेंद्र अग्रवाल हनुमान जी जादू जी प्रकाशजी सजजन जी, जयकिशन jakhodiya जी, रवि भैया,भिलाई से निरंजन अग्रवाल की पूरा परिवार अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, सुभाष जी महामंत्री मनमोहन भाजपा और अग्रवाल समाज के संगठन मंत्री योगी अग्रवाल सरिता _आत्मबोध जी, सौरभ युवामंडलअध्यक्ष, आनंदजी पार्षद जोन अध्यक्ष श्वेताविश्वकर्माजी, आनंद जी,श्रीकांत जी, राजू जी, गुड्डू, असालिया जी , CA विनय, स्वर्णभूमि से,
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