पी.जी कॉलेज कांकेर के छात्र-छात्राओं के द्वारा सरगुजा जिले का किया गया भौगोलिक भ्रमण।

पी.जी कॉलेज कांकेर के छात्र-छात्राओं के द्वारा सरगुजा जिले का किया गया भौगोलिक भ्रमण।
पी.जी कॉलेज कांकेर के छात्र-छात्राओं के द्वारा सरगुजा जिले का किया गया भौगोलिक भ्रमण।
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कांकेर। भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ.चेतन राम पटेल के निर्देशन में तथा भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो.एस.आर.दर्रो एवं भूगोल परिषद् प्रभारी डॉ. शिवेन्द्र कुमार धुर्वे एवं डॉ. योगिता साहू के मार्गदर्शन में एम.ए.प्रथम सेमेस्टर एवं एम.ए.तृतीय सेमेस्टर भूगोल के छात्र-छात्राओं के द्वारा पाठ्यक्रम में विषय वस्तु के अनुसार सरगुजा जिले के मैनपाट का भौगोलिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को भौगोलिक तथ्यों से परिचित कराना, पर्वतीय, पठारी और प्राकृतिक क्षेत्रों की भौतिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके अतिरिक्त पर्यटन स्थलों के रूप में धार्मिक स्थलों का अवलोकन कराना भी है।

भौगोलिक भ्रमण का शुभारंभ कांकेर के घड़ी चौंक में प्रातः 10.00 बजे आरंभ हुआ है। भ्रमण में सबसे पहले राजीव लोचन मंदिर एवं त्रिवेणी संगम (महानदी, पैरी एवं सोंढुर नदी) का अवलोकन किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ का चंपारण जिसे पहले चंपाझार के नाम से जाना जाता था, जिसमें मुख्य रूप से महाप्रभु वल्लभाचार्य से संबंधित मंदिर है का अवलोकन कराया गया इसके पश्चात आदिवासी संग्रहालय रायपुर, चंदखुरी मंे स्थित कौशल्या माता मंदिर भगवान राम की माता कौशल्या को समर्पित विश्व प्रसिद्ध एकमात्र मंदिर है जो 10 वीं शताब्दी का माना जाता है। जिसमें माता कौशल्या की वह प्रतिमा स्थापित है वहां वे बाल स्वरूप भगवान राम को गोद में लिए हुए है।

भौगोलिक भ्रमण के दूसरे दिवस सरगुजा जिले का मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है यहां तिब्बती संस्कृति और बुद्ध मंदिर स्थित है। इस क्षेत्र में टाइगर प्वाइंट पिकनिक और प्राकृतिक सुदंरता के लिए लोकप्रिय स्थल है,इस क्षेत्र में ठिनठिनी पत्थर एक अनोखा पत्थर है। जलजली प्वाइंट, उल्टा पानी एवं आदि का भी अवलोकन कराया गया है।

भौगोलिक भ्रमण के तीसरे दिवस रतनपुर के महामाया मंदिर, खूंटाखाट बांध का अवलोकन कराया गया, इसी दिन दोपहर में जंगल सफारी जिसमें जैव विविधता प्राकृतिक वनस्पति जीव जन्तुओं जिसमें शेर, टाइगर, भालू इत्यादि जीव जन्तुओं का अवलोकन कराया गया। इसके अतिरिक्त चट्टानों के कटाव, मृदा अपरदन जल प्रवाह वर्तमान में पर्यटन स्थलों पर प्रदूषण के कारण एवं समाधान पर चर्चा किया गया। इस भौगोलिक भ्रमण में एम.ए.प्रथम सेमेस्टर के छात्र सोमारू पोडयाम, चन्द्रप्रकाश कोरचे, संजू ध्रुवा, कु.यामिनी जैन, कु.मुस्कान शर्मा, कु.खिलेश्वरी वट्टी, युगल किशोर, विकास कुमार, अंजली नाग एवं एम.ए.तृतीय सेमेस्टर से कु.दीपिका प्रधान, कु.ओनिका पटेल, कु.लतेश्वरी, कु.ग्रेसमी इत्यादि छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।