स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, अस्पतालों में डॉक्टर नदारद, मेडिकल कॉलेज प्रोफेसर विहीन, CGMSC और फार्मेसी काउंसिल बनी वसूली गैंग - कांग्रेस
रायपुर/06 नवंबर 2026। बदहाल हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है। राज्य के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की हालत यह है कि वहां न तो इलाज के लिए डॉक्टर हैं और न पढ़ाने के लिए प्रोफ़ेसर। रायपुर के सरकारी मेडिकल कालेज में पर्याप्त फैकल्टी नही है, संविदा भर्ती के 152 पदो में ज्वाईनिंग केबल दो की हुई है, सरकार की हठधर्मिता और कम वेतन की वजह से प्रोफेसर ज्वाईन नहीं कर रहे है। गरीब जनता जांच और दवा के लिए दर-दर भटक रही है, और दूसरी तरफ सीजीएमएससी व फार्मेसी काउंसिल कमीशनखोरी के खेल में मशगूल हैं। भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों का कार्यस्थल नहीं, बल्कि दलालों और वसूली गैंग का अखाड़ा बना दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पाेरेशन व फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। गुजरात की ब्लैक लिस्टेड कंपनियों से दवा खरीदी का सुनियोजित भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार फर्जी डिग्री वाले अयोग्य स्टोर कीपर को फार्मेसी काउंसिल का रजिस्ट्रार बनाकर वसूली गैंग संचालित किया जा रहा है। दवा खरीदी, टेंडर प्रक्रिया और ट्रांसफर-पोस्टिंग का एक समानांतर वसूली गैंग सक्रिय हो गया है, जिसके कारण अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयों का टोटा है और मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के बड़े-बड़े फर्जी दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राजधानी रायपुर से लेकर दूर-अंचल के जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सीएचसी में डॉक्टर गायब हैं। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों और फैकल्टी की भारी कमी के कारण मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और अस्पतालों में इलाज दोनों भगवान भरोसे हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पाेरेशन और फार्मेसी काउंसिल वर्तमान में मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। गरीब और मध्यम वर्ग अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा प्राइवेट अस्पतालों में लुटवाने को मजबूर है। जांच के लिए महीनों की वेटिंग और इलाज के अभाव में दम तोड़ते मरीज भाजपा सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान सुराजी गांव योजना, हाट-बाजार क्लिनिक योजना, मोहल्ला क्लीनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के जरिए घर-द्वार तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से हुई थीं। आज उसी मजबूत व्यवस्था को इस सरकार ने कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा दिया है। भाजपा सरकार के संरक्षण में स्वास्थ्य विभाग दलालों का अड्डा बन गया है, जहां जनता के स्वास्थ्य से ज्यादा ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर के खेल चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ का गरीब आदिवासी और ग्रामीण इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। महतारी वंदन और बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार गरीबों को एक अदद पैरासिटामोल और डॉक्टर तक मुहैया कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इस जन विरोधी सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में पहुंचा दिया है। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, मेडिकल कॉलेज खाली हैं और आपके सिंडिकेट की तिजोरी भर रही है, इसका जवाब जनता मांग रही है।