झारखंड के जामताड़ा, राजस्थान और नोएडा के साइबर ठग भारतीयों को बनाते हैं निशाना - छत्तीसगढ़ के रायपुर में चल रहे कॉल सेंटर से अमेरिका वालों को बनाया जा रहा शिकार
झारखंड के जामताड़ा, राजस्थान और नोएडा के साइबर ठग भारतीयों को बनाते हैं निशाना - छत्तीसगढ़ के रायपुर में चल रहे कॉल सेंटर से अमेरिका वालों को बनाया जा रहा शिकार

विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का रायपुर में भंडाफोड़
रायपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी में संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह खासतौर पर अमेरिका सहित विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।
इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन के तहत पुलिस ने थाना गंज और न्यू राजेन्द्र नगर क्षेत्र में संचालित तीन कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विभिन्न राज्यों—गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, पंजाब एवं मेघालय—के निवासी शामिल हैं। गिरोह के दो मुख्य सरगना गुजरात के निवासी बताए गए हैं।

तीन ठिकानों से चल रहा था संगठित नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गिरोह द्वारा थाना गंज क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स में दो तथा न्यू राजेन्द्र नगर स्थित अंजनी टॉवर में एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से अत्याधुनिक तकनीकों और इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से विदेशों में लोगों को संपर्क किया जाता था।
ठगी का तरीका बेहद सुनियोजित
गिरोह का संचालन कई चरणों में किया जाता था—
विदेशी नागरिकों का डेटा जुटाकर उन्हें लोन या सिबिल सुधार का झांसा दिया जाता था
बैंकिंग जानकारी लेकर फर्जी चेक और तकनीकी माध्यम से खातों में राशि डाली जाती थी
बाद में उसी राशि को “कंपनी की मदद” बताकर गिफ्ट कार्ड के जरिए वापस मंगवाया जाता था
इन गिफ्ट कार्ड्स को ऑनलाइन माध्यम से नकदी में बदला जाता था
अंततः हवाला के जरिए रकम मास्टरमाइंड तक पहुंचाई जाती थी
पूरे नेटवर्क में कॉलिंग, टेक्निकल और रिडेम्प्शन जैसे अलग-अलग ग्रुप काम करते थे, जिनमें भारत के साथ-साथ विदेशों (विशेषकर चीन) से जुड़े लोग भी शामिल थे।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
आरोपी पीड़ितों को डराने के लिए फर्जी अरेस्ट वारंट, बैंक दस्तावेज और अन्य कागजात तैयार रखते थे। “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर तत्काल भुगतान के लिए दबाव बनाया जाता था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
67 मोबाइल फोन
18 लैपटॉप
28 कंप्यूटर सेट
03 वाई-फाई राउटर
कुल लगभग 16.53 लाख रुपये मूल्य के उपकरण जब्त किए हैं।
कानूनी कार्रवाई
दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गंज और थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता एवं पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) श्री संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा संबंधित थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अब साइबर अपराधियों के लिए शहर सुरक्षित ठिकाना नहीं रह गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ऐसे गिरोहों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
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