सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि कॉफी पाउडर में कॉकरोच और अन्य कीड़े पाए जाते हैं.
कॉफी दुनियाभर में सबसे ज्यादा पिए जाने वाले पेय में से एक है. सुबह की शुरुआत हो या ऑफिस में काम का तनाव, कॉफी अक्सर लोगों की पहली पसंद होती है. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि कॉफी पाउडर में कॉकरोच और अन्य कीड़े पाए जाते हैं. यह सवाल लोगों को चिंतित करता है कि कहीं हम अपनी पसंदीदा ड्रिंक के नाम पर अनजाने में कीड़े तो नहीं पी रहे. इस विषय पर गहराई से विचार करना जरूरी है ताकि सच और अफवाह के बीच का फर्क समझा जा सके.
गौरतलब है कि कॉफी बीन्स खेतों से लेकर प्रोसेसिंग यूनिट तक कई चरणों से गुजरती है. खेती के दौरान नमी, मिट्टी और स्टोरेज की स्थिति के कारण कीड़े-मकोड़े आसानी से आकर्षित होते हैं. भले ही बीन्स को मशीनों से साफ किया जाता हो, लेकिन हर एक कॉफी बीन को अलग-अलग चेक करना संभव नहीं होता. ऐसे में हल्के-फुल्के कीड़े या उनके हिस्से बीन्स में रह जाते हैं. अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) भी मानती है कि खाद्य पदार्थों में थोड़ी मात्रा में कीड़ों के अंश मिलना सामान्य है
FDA ने साफ-साफ कहा है कि हर खाद्य पदार्थ में कुछ हद तक कीड़े या उनके छोटे हिस्से मिल सकते हैं. उदाहरण के लिए, 100 ग्राम चॉकलेट में कुछ कीड़े के टुकड़े मिलना नियमों के अनुसार स्वीकार्य है. कॉफी पाउडर में भी यही नियम लागू होता है. इसका कारण यह है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन में पूर्ण शुद्धता असंभव है. FDA के अनुसार, यह स्तर इंसानों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं है. इसलिए कॉफी में पाए जाने वाले ये अंश खतरनाक नहीं बल्कि स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं.
लोगों की चिंता का मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैलने वाली खबरें हैं. कई बार कहा जाता है कि कॉफी पाउडर में जानबूझकर कॉकरोच मिलाए जाते हैं, जो कि सच नहीं है. असलियत यह है कि कॉफी बीन्स को स्टोर करने के दौरान कॉकरोच या अन्य कीड़े उन पर आ सकते हैं. ग्राइंडिंग के समय ये कीड़े पूरी तरह हट नहीं पाते और पाउडर में मिल जाते हैं. हालांकि, यह मात्रा बेहद कम होती है और इसे जानबूझकर नहीं मिलाया जाता.
कॉफी में कॉकरोच या अन्य कीड़ों के छोटे अंश मिल जाने का यह मतलब नहीं कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. असल में ये प्रोटीन का स्रोत भी होते हैं. दुनिया के कई हिस्सों में कीड़े-मकोड़े खाना सामान्य माना जाता है. फिर भी, कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है. जिन लोगों को सी-फूड एलर्जी होती है, उन्हें कॉफी से भी कभी-कभी समस्या हो सकती है. इसलिए इसका असर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है.
लोग अपनी कॉफी को लेकर इतने भावुक होते हैं कि इस तरह की खबरें सुनकर डरना स्वाभाविक है. उपभोक्ताओं को यह लगता है कि वे जिस चीज के लिए पैसा दे रहे हैं, उसमें शुद्धता होनी चाहिए. लेकिन वास्तविकता यह है कि बड़े स्तर पर उत्पादन में थोड़ी-बहुत अशुद्धि आना आम बात है. इसके बावजूद, कॉफी बनाने वाली कंपनियां पूरी कोशिश करती हैं कि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और स्वादिष्ट कॉफी ही पहुंचे.
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