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  • मुख्यमंत्री के दिल की हुई जांच ----

    श्री सत्य सांई अस्पताल परिसर (सौभाग्यम) के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अरविन्द त्यागराजन ने हृदय रोग के परीक्षण के लिए विकसित अत्याधुनिक एचडी स्टेथेस्कोप भेंट किया। इस स्टेथेस्कोप में तीन इलेक्ट्रोड लगे हैं। स्टेथेस्कोप को दिल के ऊपर रखने पर स्मार्ट फोन की स्क्रिन पर दिल का ईसीजी और हार्ट रेट की जानकारी दिखती है। जिससे हृदय रोग की पहचान की जा सकती है। डॉ. त्यागराजन ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस यंत्र की सहायता से गांव में ही बच्चों के हृदय रोग की स्क्रिनिंग आसानी से की जा सकती है। इसके लिए पैरामेडिकल स्टाफ को आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस भेंट के लिए डॉ. त्यागराजन को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर श्री सत्यसांई अस्पताल के निदेशक डॉ. आशीष कटेवा ने मुख्यमंत्री के दिल की जांच की।   

     
  • रिंग रोड पर कार डिवाइडर से टकराई - ड्राइवर गंभीर
    रायपुर : तेलीबांधा टाटीबंध रिंग रोड पर अशोक मिलेनियम के पास हाइवे पर तेज़ रफ़्तार Creta कार ने डिवाइडर को टक्कर मारी - कार की जोरदार टक्कर से चालक गंभीर रूप से घायल - कार का नंबर CG 04 LH 9111 है
  •  जिम्मेदारों पर कार्यवाही कौन करेगा ?  गिधपुरी से लगे महानदी में रेत का अवैध उत्खनन करने वाले लोग नदी में अचानक आये बाढ़  में ।25 फसे --
    बलौदाबाजार ब्रेकिंग गिधपुरी से लगे महानदी में रेत का अवैध उत्खनन करने वाले लोग नदी में अचानक आये बाढ़ में फसे -- ।25 लोगो को बलौदाबाजार सिटी कोतवाली व लवन गिधपुरी पलारी सहित जिले के अन्य थानों की टीम ने पहुचकर बचाया - किसी के हताहत होने की खबर नहीं - मौके पर जिले के एस पी कलेक्टर , एस डी एम सहित सभी थाने के टीम
  • खरियार रोड   नुवापाडा : साहिपाला में तेज तूफ़ान ने मचाया तांडव
    साहिपाला में तेज तूफ़ान ने मचाया तांडव डेम का पानी तक उछाल मारा खरियार रोड   नुवापाडा जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर बरगड़ जिला सीमा से लगे साहीपाला मे रविवार सुबह 11:30 बजे तेज बारिश के बीच आया   तुफान ने साहीपाला के निकट गुरजीभाटा गांव में खूब तबाही मचाया।हजारो की संख्या में पेड़ व दर्जनों घर तबाह हो गए 40-50 बिजली के खम्बे उखाड़ गए वही  कई घर पेड़ के गिरने से नीचे दब गए। प्रलयंकारी तूफ़ान ने पल भर में गुरजीभाटा व साहिपाल के जनजीवन को तहसनहस कर दिया। टूट चुके घरों में दुबक कर बैठे लोगो ने बताया कि तेज शोर के साथ डैम के पानी को उछाल मारते हुए तेज हवा बस्ती की ओर बढ़ी। बड़े बड़े पेड़ों को धराशायी करते हुए तेज हवा घरों को ढहाती गुजरी तेज हवा की चपेट मे आने से कई घरों की छानी उड कर दुर दुर तक फेका गई। बिजली के खम्बे ट्रांसफार्मर सब खेतो में धरासायी हो गए। बाताया गया है की तुफान के पहेले बादल पुरी तरह से काला हो गया और फिर लाल एवम सफेद रंग मे बदल गया  था लगभग 100 मीटर के दायरे पर इसका असर दिखाई दे रहा था श्यामलाल बाग़ जिनके घर के सामने का पेड़ धरासायी हो गया एवम घर की छानी (टीन) उड़ गई। ने बताया कि एक पल के लिए तो लगा की तूफ़ान के रूप में साक्षात मौत आई है। महेश साहू, हीरालाल साहू, पलटन केवट, कामलसाय साहू ,भोखसिंग केवट के खेतों में अनेक पेड़ धरासायी हुए वही हरिसिंग माझी घर ढह गया व खेत में पेड़ गिर गए । हेतराम तांडी के घर में दरार आ गई। उन्होंने बताया कि उन्हें तो लगा था कि वे घर के मलबे में दब जायेंगे। रमेश एवम झगरी तांडी, 8 लोगो के परिवार के मुखिया अलंत तांडी के घर पर पेड़ गिर जाने की वजह से घर ढह गया है। तूफ़ान के रुकने पर वे किसी तरह झोपड़ी से बाहर निकले व चैन की सांस ली। अंदाज लगाया जा रहा है कि 100 मीटर चौड़े एवम लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में तूफ़ान ने कहर बरपाया है। बीजू एक्सप्रेस वे मुख्य मार्ग पर मार्ग निर्माण कर रही।कंपनी के कैप में भी तबाही का आलम देखने को मिला। अस्थाई कैम्प से टिन की चद्दर कई किलोमीटर दूर पड़ी मिली। इतना ही नही वहा की मशीनरी को भी काफी नुकसान हुआ है। समाचार लिखे जाने तक इस तुफान की चपेट पर आने से एक व्यक्ती के घायल होने की सुचना है। बरहाल मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम घटना स्थल पर पहुंच बचाव व राहत कार्य पर लग जाने की सुचना मिली है ।
  • रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया गोंचा गुड़ी का शुभारंभ : भगवान जगन्नाथ से मांगा प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ जी के मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। डॉ. सिंह श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित नेत्रोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान के 13 स्वरुपों के दर्शन किए। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर गोंचा गुड़ी का शुभांरभ किया और रथयात्रा के सम्मान में तुपकी चलाई। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप, वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, सांसद श्री दिनेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री संतोष बाफना, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री कमलचंद भंजदेव, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती जबिता मंडावी, जगदलपुर नगर निगम के सभापति श्री शेषनारायण तिवारी, कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन, 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री हेमंत पाण्डे, गोंचा आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र पाणीग्राही सहित आरण्यक ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  •  गर्मी से छुटकारा मिला राजधानीवासियों को
    लगभग 1 माह की देरी से मानसून रायपुर पहुंचा मानसून विभाग के दावों के बावजूद शहर में गर्मी लगातार लोगों को परेशान कर रही थी
  •  आया सावन झूम के
    राजधानी रायपुर में दोपहर बाद अचानक अंधेरा छा गया सड़कों पर लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े जमकर हुई बरसात से शहर की सड़कें लबालब हो गई वाहनों का चलना मुश्किल हो गया निचली बस्तियों में पानी भर गया कई जगह 5 कॉलोनियों में भी घरों में पानी भर गया परंतु इसके बावजूद लोगों ने राहत की सांस ली क्योंकि गर्मी से लोग बेहद परेशान थे आज हुई बारिश से ऐसा लगने लगा की मानसून ने दस्तक दे दी है
  •  लो आ गई बरसात
    जी हां लो आ गई बरसात दोपहर बाद जमकर बरसे बादल अचानक आई बरसात से दिन में ही अंधेरा छा गया राजधानी तरबतर हो गई सड़कों में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा मुसलाधार बारिश से निचली बस्तियों में पानी भर गया नौबत यहां तक आ गई कि लोगों के घरों में पानी घुसने लगा इन सबके बावजूद लोगों ने राहत की सांस ली क्योंकि पिछले कई दिनों से लोग गर्मी और उमस से परेशान थे पानी गिरने से लोगों ने राहत की सांस ली
  • रायपुर : बैंकों में राशि जमा करने वालों के हितों की सुरक्षा के  लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश

    रायपुर : बैंकों में राशि जमा करने वालों के हितों की सुरक्षा के  लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश

  • रायपुर : मुख्यमंत्री को उच्च स्तरीय समिति ने सौंपी अपनी रिपोर्ट : पंचायत-नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों की मांगों पर गहन विचार-विमर्श के बाद समिति ने बनाई रिपोर्ट

    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आज रात यहां उनके निवास कार्यालय में मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने पंचायत और नगरीय निकाय संवर्गों के शिक्षकों की विभिन्न मांगों के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपी। उल्लेखनीय है कि इन शिक्षकों के वेतन भत्तों, पदोन्नति, अनुकम्पा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति से संबंधित मांगों पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने समय-समय पर बैठकों का आयोजन किया और उन बैठकों में पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से सुझाव भी प्राप्त किए। उनके सुझावों पर गहन विचार-विमर्श के बाद समिति द्वारा अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जो आज मुख्यमंत्री को सौंपी गई। राज्य शासन द्वारा गठित आठ सदस्यों वाली इस समिति में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव  आर.पी. मंडल, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव  अमिताभ जैन, सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव  गौरव द्विवेदी, आदिम जाति विकास विभाग की विशेष सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले और पंचायत संचालनालय के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा शामिल थे।

     
  • JP Nadda
    JP Nadda 05-Jun-2018

    Kendriy Mantri JP Nadda Pahunche Raipur

  • सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने इस क्रिकेटर से मांगी माफी, जान लें क्या है वजह संसद में तीसरे सप्ताह भी गतिरोध बना हुआ है

    नई दिल्ली: संसद में तीसरे सप्ताह भी गतिरोध बना हुआ है और इस बीच तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) व वाईएसआर कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के लिए दी गई नोटिसों पर सोमवार को चर्चा शुरू नहीं हो सकी. इससे पहले शुक्रवार को नोटिस दिया गया था और मंगलवार को दोनों पार्टियां एक बार फिर से अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर नोटिस देंगी. सोमवार को लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. वहीं सदन में मौजूद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और सभी दल सहयोग दें.
    सरकार ने राज्‍यसभा में फाइनेंस बिल भी लिस्‍टेड किया है, जबकि 11 दिनों से हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी है. इससे पहले सरकार इस बिल को लोकसभा में हंगामे के बावजूद पास करा चुकी है. सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही  एक घंटे स्थगित होने के बाद सदन की बैठक दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रस्ताव के नोटिस सदन पटल पर रखने को कहा, ताकि इस पर चर्चा शुरू की जा सके. प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए इसे कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन होना चाहिए. लेकिन जैसा कि पिछले दो सप्ताह से हो रहा है. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) और टीआरएस सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और वे अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए.
    कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सहित कई विपक्षी दलों ने इन नोटिसों पर अपना समर्थन जताया. लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से खड़े होने को कहा, ताकि प्रस्ताव के समर्थक सदस्यों को गिना जा सके. इस दौरान टीआरएस और अन्नाद्रमुक के सांसद हाथों में तख्तियां लिए लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए. महाजन ने कहा कि जो लोग खड़े हैं, वह उन्हें नहीं गिन पा रही हैं. उन्होंने कहा, "कृपया अपनी-अपनी सीटों पर जाएं. यदि सदन व्यवस्थित नहीं है तो ऐसे में मैं नोटिसों पर चर्चा शुरू नहीं करा सकती."
    इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार है. राजनाथ ने कहा, "हम किसी भी तरह की चर्चा के लिए तैयार हैं. हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए भी तैयार हैं. मैं सभी राजनीतक दलों से सहयोग की अपील करता हूं."
    केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले संवाददाताओं को बताया, "हम अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि सदन में हमारे पास समर्थन है. हम आश्वस्त हैं." तेदेपा के सांसद थोटा नरसिम्हन ने कहा कि पार्टी सदस्य पहले सदन में प्रस्ताव पेश करने पर जोर देंगे. उन्होंने कहा कि तेदेपा ने तृणमूल, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों से बात कर ली है.
    तेदेपा के एक अन्य सांसद आर.एम.नायडू ने कहा कि वे संसद में यथासंभव विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, यह जानते हुए कि सरकार के पास पर्याप्त संख्या होने की वजह से यह अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा. नायडू ने कहा, "सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे हमारा समर्थन करें. हम इस पर यथासंभव समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस पर चर्चा हो सके. हम सरकार गिराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं."
    मौजूदा समय में लोकसभा में 539 सदस्य हैं, जिसमें से भाजपा के 274 सांसद हैं, जो अविश्वास प्रस्ताव गिराने के लिए आवश्यक 270 से अधिक है. भाजपा के पास शिवसेना और अकाली दल जैसी सहयोगी पार्टियों का भी समर्थन है. शिवसेना ने अभी अविश्वास प्रस्ताव पर अपने पत्ते नहीं खोलने का फैसला किया है.(साभार NDTV)