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  • रविवार को खुली रहेंगी सब्जी एवं किराना दुकानें - कलेक्टर रायपुर
    रविवार और सोमवार को लॉकडॉउन का पालन करते हुए खुलेंगी दुकाने-कलेक्टर डॉ भारतीदासन आमजन शासन द्वारा निर्धारित निर्देशो का अक्षरशः पालन करे रायपुर 11अप्रैल 2020/ कलेक्टर डॉ एस.भारतीदासन ने रायपुर जिले में मीडिया में प्रसारित इस खबर का खंडन किया है कि राजधानी रायपुर में अगले 48 घंटे के दौरान सब्जी और किराना बंद रहेंगी । उन्होंने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा पूर्ववत जारी निर्देश के अनुसार अन्य दिनों की तरह इन दिनो में भी सब्जी और किराना दुकान शासन द्वारा निर्धारित समय के अनुसार खुलेंगी। कलेक्टर ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लॉकडाउन किया गया है।उन्होंने इसके लिए आमजनों को निर्धारित निर्देश का कड़ाई से पालन करते हुए स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए है।
  • बिना तैयारियों के फ़रमान जारी करना प्रदेश के लोगों के साथ मजाक - सांसद सुनील सोनी
    सांसद सोनी का सवाल : मुख्यमंत्री बताएँ, हज़ारों लोगों का परीक्षण कहाँ और कैसा होगा?

    बिना तैयारियों के फ़रमान जारी करना प्रदेश के लोगों के साथ मजाक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और सांसद सुनील सोनी ने कटघोरा में सात नए कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद की गई घोषणाओं के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा कटाक्ष किया है। श्री सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल काम करने के बजाय आत्ममुग्धता और हठधर्मिता की पराकाष्ठा लांघ रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल नित-नए फरमान जारी तो कर रहे हैं लेकिन इन पर अमल करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में विचार नहीं किया जा रहा है।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्री सोनी ने कटघोरा को सील कर पूरे नगर का चिकित्सकीय परीक्षण कराने की घोषणा पर मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया है कि 80 हजार की आबादी के इस नगर के सभी लोगों का टेस्ट कराने के लिए प्रदेश सरकार के पास कितने लैब हैं? प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की क्या इतनी क्षमता है कि वह 80 हजार लोगों का टेस्ट करा सके? मुख्यमंत्री बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे 80 हजार की आबादी को परीक्षण कहाँ और कैसे कराएँगे? श्री सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल डींगे मारने के आदी हैं लेकिन ईमानदारी से उपलब्ध संसाधनों के बूते प्रदेश को कोरोना से मुक्त कराने के बजाय वे इस गहन संकट के दौर में भी सियासी नौटंकी करने की अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं और छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य से मजाक कर रहे हैं।

    श्री सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल एम्स में ही कोरोना का इलाज हो रहा है और प्रदेश सरकार सारे मरीजों को इलाज के लिए वहाँ भेज तो रही है लेकिन एम्स को किसी भी तरह की मदद मुहैया नहीं कराई जा रही है। सच यह है कि एम्स में दो घण्टे में 48 मरीजों का परीक्षण हो रहा है। इस तरह लगातार 20 घण्टे परिश्रम कर लगभग 450 मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है। एम्स प्रबन्धन, डॉक्टर्स, नर्सेस व अन्य सभी सेवाभावी अधिकारियों व कर्मचारियों के पुरुषार्थ के प्रति आभार मानना तो दूर, एम्स पर परीक्षण व इलाज का दबाव बनाने वाली प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री अथवा किसी भी अन्य मंत्री ने एम्स में झाँकने की जहमत तक नहीं उठाई है।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्री सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल बातों का जमाखर्च कर रही है और मैदानी स्तर पर कोरोना संक्रमण के खिलाफ़ जारी इस जंग में वह फिसड्डी ही साबित हो रही है। हर बार अपनी जिम्मेदारियाँ केन्द्र सरकार पर डालकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने दायित्व से मुँह चुराने का काम कर रहे हैं। सरकार कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी जंग में कितनी लापरवाही बरत रही है, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। श्री सोनी ने कहा कि कटघोरा के बाद रतनपुर में एक दरगाह में एकत्रित 16 लोगों पर केस दर्ज होने के बाद यह आशंका पुष्ट हुई है कि लॉकडाउन के प्रति सरकार जरा भी गम्भीर नहीं है।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद सोनी ने मुख्यमंत्री बघेल द्वारा शुक्रवार को वीडियो पत्रकार वार्ता में दी गई सरकारी जानकारियों को सफेद झूठ का पुलिन्दा बताया और कहा कि मुख्यमंत्री समेत तमाम कांग्रेस नेताओं को कोरोना को लेकर निकृष्ट राजनीति से बाज आकर गम्भीरता के साथ प्रदेश को कोरोना मुक्त करने के लिए ईमानदार कोशिश करना चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल कोरोना को लेकर केन्द्र सरकार पर हमलावर होने की सस्ती राजनीति कर रहे हैं। केन्द्र सरकार पर आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री बघेल अपनी इस विफलता पर शर्म महसूस करें कि वे इतने दिनों में इस महामारी की जाँच के लिए न तो एक वार्ड बना पाए हैं और न ही एक लैब। प्रदेश सरकार हर बात के लिए केन्द्र पर दोष मढ़ने के बजाय पहले अपने संसाधन जुटाने और इस महामारी के खात्मे के लिए अपनी तैयारी प्रदर्शित करे। श्री सोनी ने नसीहत दी कि मुख्यमंत्री बघेल इस वक्त केन्द्र सरकार को ज्ञान बाँटने के बजाय कोरोना के खिलाफ रणनीतिक तैयारियों पर ध्यान दें और एचएलएल से जरूरी मेडिकल किट्स मंगवाकर प्रदेश को राहत पहुँचाएँ। मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा हो रही राशि इस जंग में कहीं भी खर्च होती नहीं दिख रही है।

     

     
  • *शराब दुकान खोलने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी को हाई कोर्ट में चुनौती*

    CG 24 News

    बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट मे पहली बार वीडियो कौनफ्रेंनसिंग के माध्यम से 5 मामलों की सुनवाई हुई । हाई कोर्ट मे न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा एवं न्यायमूर्ती गौतम भादुड़ी की खण्ड पीठ ने की सुनवाई। 5 मामलों की सुनवाई में रायपुर की समाज सेविका ममता शर्मा द्वारा अपने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से लॉक डाउन के समय मे राज्य द्वारा शराब दुकानों के खोलने हेतु गठित कमिटी को चुनौती दी गई थी। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के शक्ति का प्रयोग करते हुए NDMA ( नेशनल डीसास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) ने लॉक डाउन घोषित किया है, इसी अनुक्रम मे केंद्रीय गृह सचिव जो NEC (नेशनल एक्सीकुटिव कमिटी ) के पदेन चेयरपर्सन होते है उनके द्वारा कोरोना महामारी से निबटने हेतू गाईडलाईन जारी की। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता रोहित ने तर्क दिया, कि उक्त अधिनियम की धारा 18, 24 वा 38 का पठन करने से यह स्पष्ट है, कि राज्य को आपदा प्रबन्धन हेतू अपने नियम बनाने है, परंतु वे नियम NDMA द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुपालन मे होने चाहिये। यचिकाकर्ता के अनुसार राज्य को लॉक डाउन समय मे शराब बेचने का अधिकार ही नही है, क्योंकि केंद्र द्वारा जिन वस्तु को बिक्री हेतू वा जिन कार्यो को किये जाने की छुट अपने नोटिफिकेशन मे उल्लेखित की है, उसमे खाने की वस्तु, पेट्रोल, गैस दवाई आदि का उल्लेख है। परंतु शराब को इसमे छुट नही दी गई है।

               इस कारण राज्य द्वारा शराब की बिक्री का प्रयास किया जाना विधि विरुध है, साथ ही शराब दुकानो के खोले जाने से मजदुर वर्ग के लोग जो मजदूरी भी नही कमा पा रहे है, उनपर शराब सेवन के कारण दोहरी मार पड़ेगी। हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने उक्त मामले मे शासन को जवाब प्रस्तुत करने हेतू आदेशित करते हुए 13 अप्रैल को अगली सुनवाई निर्धारित की है। ब्यूरो रिपोर्ट CG 24 News

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के संक्रमितों की संख्या फिर हुई 9
    *CORONA BREAKING-छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के 7 नए केस आए सामने, राज्य में अब कुल 9 एक्टिव केस* *कोरबा जिले के कटघोरा में सामने आए सभी नए मरीज, तबलीगी जमात से जुड़े होने की चर्चा* April 9, 2020 रायपुर- छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव के 7 नए मामले सामने आए हैं. राज्य में अब कोरोना के कुल 9 एक्टिव केस हो गए हैं. बताया जा रहा है कि सभी पाॅजिटिव पाए गए मरीज कोरबा जिले के कटघोरा के रहने वाले हैं. उन्हें एम्स लाने की तैयारी की जा रही है. राज्य सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है. बताया जा रहा है कि सातों नए पाॅजिटिव केस तबलीगी जमात से जुड़े हैं. बुधवार की रात सामने आया मरीज भी जमात से जुड़ा था. ऐसे में यह संशय़ बढ़ गई है कि दिल्ली निजामुद्दीन मरकज से लौटने वाले लोगों के जरिए कोरोना पाॅजिटिव केसेज फैल सकता है. इधर कटघोरा में जमात से जुड़े सभी लोगों के सैम्पल लिए जाने की कवायद तेज कर दी गई है. इन सात नए केसेज को जोड़ दे तो राज्य में अब तक कोरोना पाॅजिटिव के कुल 18 मामले सामने आ गए हैं. हालांकि इससे पहले तक 9 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी.
  • लाक डाउन में शासन की छूट

    राजधानी रायपुर के जिला दंडाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश -

    कृषि मशीनरी विक्रय,इसके स्पेयर पार्ट्स और मरम्मत की दुकान शर्तो के अधीन रहेंगी खुली अस्पताल,वेटनरी अस्पताल और इनसे संबंधित उपकरण के परिवहन और आवागमन लॉक डाउन से होंगे मुक्त

    रायपुर 09अप्रैल 2020/

    कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन ने शासन के निर्देशानुसार कोरोेना वायरस (कोविड-19) के संभाव्य प्रसार तथा इसके प्रसार को रोकने हेतु जिला रायपुर के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत संक्रमण से बचाव एवं स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु संपूर्ण तालाबंदी (लाॅकडाउन) हेतु आदेशित किया है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान कृषि मशीनरी के विक्रय इससे संबंधित स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत की दुकानों को खुला रखने के साथ इन वस्तुओ के निर्माण,भण्डारण,पैकेेजिंग, परिवहन,वितरण,एवं विक्रय से संबंधित गतिविधियों को छूट दी गई है। इसी तरह अस्पताल, वेटनरी अस्पताल एवं उसके जुड़े समस्त स्वास्थ्य स्थापनाएं जिसमें मेडिकल सप्लाई उसका विनिर्माण एवं वितरण सम्मिलित है, निजी एवं शासकीय एवं अर्धशासकीय क्षेेत्र के डिस्पेंसरी, दवा, केमिस्ट, फार्मेसी,(जनऔषधि केंद्र सहित) मेडिकल इक्यूपमेंट दुकान,लैब, दवा रिसर्च लैब, क्लीनिक, नर्सिंग होम, ऐम्बुलेंस, इंडियन रेडक्रास सोसायटी की सेवाएं संचालित रहेंगे। चिकित्सक, नर्स पैरामेडिकल स्टाॅफ सहित समस्त प्रकार के चिकित्सीय कार्य मे कार्यरत स्टाॅॅफ एवं सहायक सेवाएं संबंधित व्यक्तियों के परिवहन की अनुमति दी गई है। मेडिकलआक्सीजनगैस,लिक्विड, मैडिकल ऑक्‍सीजन सिलेन्डर, लिक्विड आक्‍सीजन को स्टोर करने के लिए क्रायोजनिक टैंक, लिक्विड क्रायोजनिक सिलेन्डर, लिक्विड आक्‍सीजन क्रायोजनिक ट्रांसपोर्ट टेंट, एंवियंट वेपोराईजर एवं क्रायोजेनिक वाल्व सिलेण्डर वाल्व तथा इनके सहायक उपकरणों की सभी निर्माण ईकाईयां से संबंधित वस्तुओं का परिवहन, अंतर्राज्जीय सीमा पार आवागमन तथा इन ईकाइयो में कार्यरत स्टाॅफ और श्रमिकों के आवागमन की अनुमति होगी। इन सेवाओं से संबंधित व्यक्तियों को उनके घर से कारखाना तक आने-जाने के लिए पास प्रदान किये जाएंगे। यह सुनिश्‍चत किया जाए कि ये सभी कारखाने अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करें। कलेक्टर डॉ भारतीदासन ने आदेशित किया है कि लाॅकडाउन से छुट प्रदान किये गये कार्यालय,प्रतिष्ठिान, सेवाओं के प्रमुखों की ये जिम्मेदारी होंगी की लाॅकडाउन उपायों में समाजिक दूरी, स्वच्छता एवं इस संबंध में भारत सरकार, राज्य सरकार,स्वास्थ्य विभाग तथा समय-समय पर अन्य संस्थानोें के द्वारा दिये जा रहें निर्देशाेें का अनिवार्य रूप से अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेंगें।

  • PM Tweet - पीएम ने राजनीतिक दलों के नेताओं से की बातचीत --
    PM Tweet
    पीएम ने राजनीतिक दलों के नेताओं से की बातचीत -- 
    आज विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ गहन बातचीत हुई । नेताओं ने COVID-19 और आगे के रास्ते से निपटने पर अपने विचार साझा किए।
  • भैरमगढ़-मनरेगा के काम मशीन से कराए जाने की खबर का असर जांच दल गठित,14 अप्रैल बाद होगी जांच*
    बीजापुर- जिला के विकासखंड भैरमगढ़ के ग्राम पंचायत केतूलनार का जहां मनरेगा के कार्यों का रोजगार सहायक द्वारा आनन-फानन में बजट सत्र खत्म होने एवं वित्तीय वर्ष खत्म होने वा बजट समावेशी की हड़बड़ी में फर्जी मास्टर रोल भरकर डबरी निर्माण पूर्ण किया जा रहा है। केतूलनार ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के अंतर्गत जितने भी कार्य संपादित कराए गए हैं मनरेगा के तहत सभी निर्माण कार्य मजदूरों से ना कराकर जेसीबी डोजर से कार्य संपादित कराए जाने की शिकायत पूर्व में ही कराई जा चुकी है।जिस पर जिला पंचायत सीईओ के द्वारा चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है जो 14 अप्रैल के बाद जांच कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। रोजगार सहायक एवं इंजीनियर की मिलीभगत से अपनी छोटी बहन जो बीजापुर में पढ़ाई करती है का नाम फर्जी तरीके से मस्टर रोल में दर्शा कर ग्राम पंचायत केतुलनार के रोजगार सहायक के द्वारा डबरी निर्माण कार्य के पहले तैयार किया गया है जिसकी पूरी राशि हितग्राही के नाम पर जमा हो चुकी है। जब-डबरी ही निर्माण नहीं कराया गया है तो मास्टर रोल कैसे तैयार हो चुका है यह बड़ा सवाल है। इसमें इंजीनियर के द्वारा जो मूल्यांकन किया गया है वह भी कई संदेहों को जन्म देता है। रोजगार सहायक के कारनामे पिछले वित्त वर्षों में चैक डैम की मजदूरी भुगतान ना कराकर अपने ही खाते में पैसे डाल लेने की शिकायत उजागर हुई है ।इस संबंध में एक औपचारिक चर्चा में सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा ने कहा कि रोजगार सहायक के द्वारा मनरेगा के कार्यों में वाहनों से कार्य करने की शिकायत प्राप्त हुई है जिस पर 14 अप्रैल के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। CG 24 News के लिये रामचन्द्रम एरोला की रिपोर्ट
  • सभी तरह के मीडिया विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए : सोनिया गांधी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस महामारी से निपटने सभी विपक्षी दलों से मांगे गए सुझाव के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस की तरफ से पांच सूत्रीय सुझाव से संबंधित पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है | जिसमें पहले और प्रमुख सुझाव में उन्होंने सरकार एवं सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों टेलीविजन, प्रिंट एवं ऑनलाइन विज्ञापनों पर 2 साल के लिए रोक लगाने का सुझाव दिया है | अब ऐसे में सवाल यह उठता है की कांग्रेस शासित राज्यों छत्तीसगढ़ - पंजाब और राजस्थान में उनका यह सुझाव लागू होगा या नहीं ? - अगर होगा तो कब से ? वहीं दूसरी तरफ कांग्रेश शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझाव पर अमल करने के लिए कितना समय लगाते हैं ? - या फिर इंतजार करेंगे कि जब तक केंद्र सरकार उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस सुझाव को नहीं मानती तब तक कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मीडिया को विज्ञापन देने पर रोक लगाने के मामले में आनाकानी करेंगे |
  •  मुख्यमंत्री ने ‘डोनेशन ऑन व्हील्स अभियान‘ का किया शुभारंभ :अभियान में दानदाताओं के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों तक  पहुंचायी जाएगी राशन सामग्री

    राशन सामग्री के पैकेट एकत्र करने मोहल्लों और कालोनियों में भेजे जाएंगे वाहन

    लॉकडाउन में जरूरतमंदों की सहायता के लिए जिला प्रशासन 
    की सराहनीय पहल : भूपेश बघेल

     जरूरतमंदों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं राशन सामग्री के 500 पैकेट और 11 हजार रूपए की सहायता राशि दी 

    रायपुर 07 अप्रैल 2020

     कोरोना की रोकथाम के लिए लागू लॉक डाउन की वजह से दैनिक रोजी-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों को राहत पहुंचाने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा राशन सामग्री प्रदान की जा रही है। जरूरतमंदों की सहायता के इच्छुक दानदाता राशन सामग्री का पैकेट तैयार कर उसे जिला प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा लोगों से राशन सामग्री के पैकेट एकत्र करने के लिए डोनेशन ऑन व्हील्स अभियान प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास परिसर से इस अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं जरूरतमंदों की सहायता के लिए राशन सामग्री के 500 पैकेट और 11 हजार रूपए की सहायता राशि जिला प्रशासन को सौंपी। 
    मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख, जिला पंचायत रायपुर के सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे। 
    - डोनेशन ऑन व्हील्स - अभियान के तहत विभिन्न कालोनियों, व्यावसायिक परिसरों में जिला प्रशासन का विशेष वाहन पहुंचकर लोगों से राशन पैकेट संकलित करेगा। दानदाता 5 किलोग्राम चावल, 2 किलोग्राम आटा, आधा किलोग्राम दाल, आधा किलोग्राम नमक व एक नग साबुन शामिल कर राशन पैकेट तैयार कर सकते हैं। सहयोग की इच्छुक संस्थाएं, व्यवसायिक परिसर व कॉलोनियों के निवासी आदि इस सुविधा का लाभ उठाने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह के दूरभाष क्रमांक- 9669577888 या रायपुर स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (जनसपंर्क) आशीष मिश्रा के दूरभाष क्रमांक- 9685792100 पर संपर्क कर वाहन के पहुंचने के दिनांक व समय की जानकारी प्राप्त कर सकते है। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के तहत छह वाहन शहर में चलाए जाएंगे।

     

     

     

     

  •  निर्माण कराए बिना डबरी का मूल्यांकन : इंजीनियर पर हो कार्यवाही
    बीजापुर - जहां एक और पूरा विश्व कोरोनावायरस की संक्रमण के कहर से जूझ रहा है वही बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के एक पंचायत में मनरेगा के तहत कागजों में ही कार्यों का संपादन किया जा रहा है। मामला ग्राम पंचायत केतूलनार का है जहां पायको पोडियामी नामक हितग्राही के नाम से डबरी निर्माण की स्वीकृति तथा निर्माण कार्य की राशि का आहरण मनरेगा के वेबसाइट ऑनलाइन देखा जा सकता है लेकिन जमीनी हकीकत देखा जाए तो उसके नाम पर अब तक डबरी का निर्माण ही नहीं कराया गया। सबसे बड़ी बात तो यह है कि डबरी निर्माण के संबंध में इंजीनियर महेंद्र सिंह ठाकुर से बयान के संबंध में पूछे जाने का प्रयास किया गया लेकिन बयान देना भी मुनासिब नहीं समझा अब सवाल यह उठता है कि बिना निर्माण कराए गए डबरी का मूल्यांकन आखिर इंजीनियर ने किस आधार पर की।हालांकि केतुलनार ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के अंतर्गत जितने भी कार्य संपादित कराए गए हैं ।मनरेगा के तहत सभी निर्माण कार्य मजदूरों से ना कराकर डोजर वाहनों से कार्य संपादित कराए गए है। डोजर वाहनों का डबरी निर्माण एवं तालाब निर्माण कार्य में धड़ल्ले से उपयोग हो रहे हैं उन्हें मनरेगा के नियमों की भी उल्लंघन करते स्पष्ट देखा जा रहा है उन्हें किसी बात का भय नहीं है धड़ल्ले से फर्जी तरीके से कागजों में डबरी निर्माण करवाकर रुपए आहरण करने का मामला जो उजागर हुआ है इससे बड़ा भ्रष्टाचार होने का संदेह है। हितग्राही पायको पोड़ियामी ने बताया कि डबरी निर्माण कार्य मशीनों से की जा रही है आधा डबरी का कार्य हो चुका है मजदूर काम नहीं कर रहे हैं इसलिए वाहनों से कार्य कराए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत केतुलनार के रोजगार सहायक जो भिलाई में पढ़ाई करता है उसके मोबाइल नंबर 07067961991 पर संपर्क करने पर वह गोलमोल जवाब देता है। आज जो टीम उक्त स्थल पर गई एक सदस्य के द्वारा इस संबंध में कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भैरमगढ़ से मोबाइल से चर्चा कर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पहले मैं पता करता हूं सच्चाई क्या है फिर आपको बताऊंगा। इस संबंध में जनपद सीईओ ने कहा कि जांच समिति गठित कर जांच कराई जाएगी। रोजगार सहायक के कारनामे पिछले वित्त वर्षों में कई बार देखा गया कि मजदूरों के खाते में मजदूरी भुगतान ना कर अपने ही खाते में पैसे डाल लेना ऐसी कई शिकायतें उजागर हुई हैं किंतु प्रशासन ऐसे मनमानी करने वाले रोजगार सहायक के ऊपर कोई कार्यवाही ना कर शासकीय योजनाओं का लगातार क्रियान्वयन करवाना प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह अंकित करता है। रोजगार सहायक अपनी छोटी बहन काजल पोडीयामी जो कि वयस्क भी नहीं हुई जो 12 से 14 वर्ष की आयु की है मास्टर रोल में तालाब निर्माण डबरी निर्माण मजदूर बताकर एवं परिवार के अपने ही सदस्यों का नाम जोड़कर मजदूरी आहरण करने में महारत हासिल है। रामचन्द्रम एरोला की रिपोर्ट
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोविड-19 के ठोस उपाय सुनिश्चित करने लिखा पत्र

    यदि 14 अप्रैल से अंतर्राज्यीय आवागमन प्रारंभ किया जाता है तो उसके पहले कोविड-19 का प्रसार रोकने ठोस उपाय सुनिश्चित करने का किया आग्रह

    उपायों के सम्बंध में हो व्यापक विचार-विमर्श

    छत्तीसगढ़ में जनसहयोग से स्थिति नियंत्रण में

    रायपुर, 6 अप्रैल 2020

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में अंतर्राज्यीय आवागमन प्रारंभ करने के पूर्व पूरे देश में कोविड-19 के प्रसार की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ठोस उपाय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि अंतर्राज्यीय आवागमन आरंभ करने के पहले इस संबंध में व्यापक विचार विमर्श कर ठोस उपाय लागू किए जाने चाहिए। 

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को पत्र में लिखा है कि देश वर्तमान में कि कोविड-19 के वायरस प्रभावित आपदा से जूझ रहा है। छत्तीसगढ़ देश के सर्वप्रथम राज्यों में से एक है, जहां 18 मार्च को कोविड-19 का पहला मरीज मिलने के बाद 21 मार्च को लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि आप के निर्णय अनुसार राज्य में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉक डाउन की स्थिति लागू रहेगी । 

    श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के नियंत्रण के उपायों से संबंध में पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 4 अप्रैल 2020 तक कुल 1590 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 1375 व्यक्ति के परिणाम नेगेटिव रहे हैं, 205 की जांच जारी है तथा 10 व्यक्ति कोविड-19 वायरस से पीड़ित पाए गए थे। इन 10 व्यक्तियों में से अब तक आठ व्यक्ति ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं तथा शेष 2 मरीजों की हालत सामान्य बनी हुई है । राज्य में अभी तक कोविड-19 वायरस से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई है और ना ही कोई गंभीर रूप से संक्रमित है।

     श्री बघेल ने पत्र में बताया है कि राज्य शासन की ओर से किए गए उपायों एवं अनुशासित जन के सहयोग से अभी तक स्थिति नियंत्रण में है किंतु देश के अन्य भागों में कोविड-19 वायरस पीड़ितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है । जैसे-जैसे कोविड-19 वायरस पीड़ितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जैसे जैसे कोविड-19 वायरस टेस्ट की संख्या बढ़ेगी, संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि होने की पूर्ण संभावना है। देश में यदि 14 अप्रैल के पश्चात ट्रेन, वायु यातायात एवं अंतर्राज्यीय सड़क परिवहन प्रारंभ किया जाता है, तो यह संभावना है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य राज्यों से संक्रमित व्यक्ति आ सकते हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य को नई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह की स्थितियां अन्य राज्यों में भी उत्पन्न होने की पूर्ण संभावना है।

     मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि अंतर्राज्यीय आवागमन को प्रारंभ करने का निर्णय लेने से पूर्व व्यापक विचार विमर्श कर ऐसे ठोस उपाय कर लिए जाएं जिससे कि पूरे देश में कोविड-19 प्रसार की स्थिति नियंत्रण में रखी जा सके।

  • करोना वायरस से मरने वालों की संख्या 100 से पार स्थिति चिंताजनक
    भारत में कोरोना वायरस महामारी से वालों की संख्या 109 हो गई है | जबकि भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या 4067 तक पहुंच गई है | वहीं दूसरी तरफ इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 292 है | कोरोनावायरस महामारी पर कंट्रोल के मामले में छत्तीसगढ़ मैं स्थिति संतोषजनक है | राष्ट्रीय स्तर पर मौत में वृद्धि के आंकड़े दुखदाई स्थित तक पहुंच गए हैं | अब यह भारत में चिंता का विषय बनता जा रहा है | ऐसे में इस विश्वव्यापी बीमारी पर रोक लगाने के लिए पूरे भारत के हर नागरिक को सहयोग करना पड़ेगा | इस बीमारी की जरा भी शंका होने पर लोगों को स्वयं होकर सामने आना पड़ेगा | निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए तबलीगी जमात के सभी लोगों को खुद होकर सामने आना चाहिए ताकि इस बीमारी पर रोक लग सके | आइसोलेशन में जाना या होम क्वारन्टीन में रहना कोई सजा नहीं है | यह एक प्रकार से अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने परिवार एवं देश के अन्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक है |