Top Story
  • ईस्ट कोस्ट रेलवे सम्बलपुर रेल मंडल में सीमित ऊंचाई के सबवे निर्माण कार्य हेतु ब्लॉक के फलस्वरुप कुछ गाड़ियां प्रभावित रहेगी
    बिलासपुर 25 जून, 2019 ईस्ट कोस्ट रेलवे के सम्बलपुर रेल मंडल के झारसुगुडा-सिंगापुर रोड रेलवे स्टेशनों के बीच संरक्षा से सम्बधित कार्य एवं यार्ड रिमोडलिंग का कार्य के लिए दिनांक 26 जून, 2019 से 02 जुलाई, 2019 तक किया जायेगा। इस कार्य के फलस्वरूप उपरोक्त दिवसों में कुछ गाडियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। जिसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है :- रद्द होने वाली गाड़ियां :- 1. दिनांक 26 जून से 01 जुलाई, 2019 तक बिलासपुर से चलने वाली गाडी संख्या 58214 बिलासपुर-टिटलागढ पैसेंंजर रद््द रहेगी। 2. दिनांक 27 जून से 02 जुलाई, 2019 तक टिटलागढ से चलने वाली गाडी संख्या 58213 टिटलागढ-बिलासपुर पैसेंंजर रद््द रहेगी। रेल प्रशासन यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है तथा सहयोग की आशा करता है।
  • उस गांव के स्कूल में तिलक लगाकर नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत करेंगे मुख्यमंत्री जहां छात्र जीवन में स्कूल आने रोज तय करते थे 16 किमी का सफर
    रायपुर, 25 जून 2019/ दुर्ग जिले के ग्राम मर्रा के नवप्रवेशी बच्चों के शाला का पहला दिन जीवन भर का अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। उनके सीनियर और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तिलक लगाकर उनका स्वागत करेंगे। वे स्कूली बच्चों के साथ ही मध्याह्न भोजन भी करेंगे और स्कूल में एक कंप्यूटर लैब, आईसीटी कक्ष का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री आज 26 जून को दुर्ग जिले के विकासखण्ड पाटन के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, मर्रा में आयोजित प्रदेश स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे यहां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला में नव-प्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत करेंगे और उन्हें पाठ्यपुस्तकें और गणवेश का वितरण करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम करेंगे। इस अवसर पर गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, राज्यसभा सांसद सुश्री डॉ. सरोज पाण्डेय, विधायक सर्वश्री अरूण वोरा, देवेन्द्र यादव, विद्यारतन भसीन और आशीष छाबड़ा के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम शाला प्रांगन में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने गृह ग्राम बेलौदी में 1967 से 1971 तक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद वे छठवीं से मैट्रिक तक मर्रा स्कूल में पढ़े। उस दौर में उनको गणित पढ़ाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक श्री हीरा ठाकुर याद करते हैं कि ’’पढ़ाई को लेकर उनमें काफी लगन थी। उस समय हर कक्षा में लगभग 100 विद्यार्थी होते थे इसलिए सबकी शंकाओं का समाधान क्लास में नहीं हो पाता था। मैंने बच्चों से कहा था कि जिन्हें शंका है वे रोज सुबह-सुबह आकर एक्सट्रा क्लास अटेंड कर लें। इन छात्रों में श्री भूपेश बघेल भी शामिल थे। विद्यार्थी के रूप में श्री बघेल सुबह-सुबह चार किमी तक कभी साइकिल से आते और कभी बरसात की वजह से पैदल आते क्योंकि पगडंडी रास्ता था और काफी खराब हो जाता था। फिर बेलौदी लौटते और फिर साढ़े दस बजे स्कूल के समय में पहुंच जाते। इस प्रकार सोलह किमी रोज उन्हें साइकिल से अथवा पैदल तय करना होता।’’ ठाकुर सर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यहां ग्यारहवीं तक पढ़ाई की और इसके बाद भी उनसे सतत संपर्क बना रहा। जब भी वे अपने गृह ग्राम बेलौदी अथवा कुरूदडीह जाते, अवसर मिलने पर मिलने आते और चाय के लिए कहते। लंबी चर्चा होती और अंचल के विकास के बारे में, खेती किसानी के बारे में और बच्चों की शिक्षा के विषय में बात होती। उनकी इस तरह की सक्रियता और खुलापन मुझे बहुत अच्छा लगता। मुझे गौरव है कि मेरा पढ़ाया हुआ छात्र आज प्रदेश का मुख्यमंत्री है। मुख्यमंत्री जिस दौर में पढ़ाई कर रहे थे, उस समय हाई स्कूल केवल मर्रा, पाटन, अर्जुंदा जैसी जगहों में था और कई बार यह होता था कि लंबी दूरी तय करने से बचने कुछ छात्र पढ़ाई के प्रति अनिच्छा दिखा देते थे। उस समय जो संघर्ष किया, गुरुजनों का सम्मान किया, उनकी बातें याद रखीं, वे उनके आगामी संघर्ष के लिए पथप्रदर्शक हुए और अभी जब वो प्रदेश की लाखों जनता के लिए इतना अच्छा कार्य कर रहे हैं तो मुझे बहुत खुशी मिलती है।
  • ओव्हर रेट की शिकायतों की होगी त्वरित जांच,अवैध शराब की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों में लगातार चौकस रहने के निर्देश-कवासी लकमा...
    रायपुर, 25 जून 2019-वाणिज्यिक-कर (आबकारी) मंत्री श्री कवासी लखमा ने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है कि शासकीय शराब दुकानों में ओव्हर रेट पर शराब बेचने की शिकायत मिलने पर त्वरित जांच की जाए। श्री लखमा ने अधिकारियों को सचेत किया है कि ओव्हर रेट की शिकायतों को गंभीरता से संज्ञान में लिया जाएगा और जांच में ऐसी शिकायतों के प्रमाणित होने पर जिम्मेदारी तय कर दोषी वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। श्री लखमा आज अपरान्ह यहां आबकारी भवन में आयोजित विभागीय अधिकारियों की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उनकी अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग के सचिव-सह-आयुक्त श्री निरंजन दास, विशेष सचिव श्री ए.पी. त्रिपाठी, अपर आयुक्त श्री पी.एल. वर्मा और श्री आर. के. मंडावी सहित मुख्यालय रायपुर के उपायुक्त, सहायक आयुक्त तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों के जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आबकारी मंत्री श्री लखमा ने अधिकारियों से शराब दुकानों की जिलेवार स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान में 341 देशी और 313 विदेशी शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा हैं। श्री लखमा ने बैठक में राजस्व प्राप्ति की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के सीमावर्ती जिलों में अन्य प्रदेशों से अवैध शराब की आवक रोकने के लिए लगातार चौकस रहने और इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की धर-पकड़ के लिए त्वरित कदम उठाने के भी निर्देश दिए। आबकारी मंत्री ने कहा कि अवैध शराब के मामलों में नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कॉलसेन्टर में मिलने वाली शिकायतों को भी तत्काल संज्ञान में लिया जाना चाहिए। आबकारी सचिव श्री निरंजन दास ने बैठक में मंत्री महोदय को बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभाग द्वारा सभी जिलों में शराब के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही हैं। आबकारी भवन पहुंचने पर श्री कवासी लखमा को आयुक्त श्री निरंजन दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। विभागीय मंत्री श्री लखमा की बैठक के पहले पूर्वान्ह में आबकारी आयुक्त श्री दास ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों में अहाता संचालन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। किसी भी शराब दुकान में 50 मीटर की परिधि में अहाता संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारियों से कहा कि अहाता संचालन के बारे में मिलने वाली ऐसी शिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नियमों के तहत संबंधितों पर कार्रवाई की जाए और अगर कहीं 50 मीटर के भीतर अहाता चल रहा हो तो उसे तत्काल हटवाया जाए। अवैध शराब की धर-पकड़ के लिए सभी मैदानी अधिकारी स्थानीय पुलिस के साथ भी समन्वय बनाकर काम करें। श्री दास ने कहा कि सभी जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में शराब दुकानों का नियमित रूप से तथा आकस्मिक रूप से भी निरीक्षण करें। आबकारी आयुक्त ने बैठक में विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में सात पेंशन प्रकरण लंबित है। श्री दास ने संबंधित अधिकारियों को उनका निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए।
  • आवाज उनकी नहीं है तो सैंपल देने में क्या परेशानी है? - कांग्रेस
    जनता ने सुना है अंतागढ़ कांड का ऑडियो लोकतंत्र की हत्यारों को छत्तीसगढ़ के लोग पहचानते है आवाज उनकी नहीं है तो सैंपल देने में क्या परेशानी है? रायपुर/25 जून 2019। अंतागढ़ कांड की जांच के लिये गठित एसआईटी ने संदेहियों को वाइस सैंपल के लिये बुलाया लेकिन संदेहियों द्वारा प्रक्रिया का बहाना बनाकर वाइस सेंपल देने से इंकार करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा और भाजपा के सहयोगियों के द्वारा अंतागढ़ में जो लोकतंत्र की हत्या की गई थी। खरीद फरोख्त की पूरी घटनाओं का ऑडियो टेप छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता ने सुना है और समझा भी है। जनता बखूबी जानती है कि लोकतंत्र के हत्या के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे? रमन सिंह सरकार ने अंतागढ़ की जांच को लगातार बाधित किया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में अंतागढ़ में हुई लोकतंत्र की हत्या की जांच का वादा किया था। अब सरकार बनने के बाद पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी के द्वारा किया जा रहा है। एसआईटी को संदेहियो द्वारा वॉइस सैंपल देने से इंकार करने पर सब कुछ स्पष्ट हो गया है। संदेहियो के द्वारा वॉइस सैंपल नहीं देने से उजागर हो गया है कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतागढ़ के लोकतंत्र के हत्यारे बतायें कि यदि आवाज उनकी नहीं है तो सैंपल देने में क्या परेशानी है? अंतागढ़ में भाजपा और उसके षडयंत्रकारियो ने कांग्रेस प्रत्याशी की खरीद फरोख्त करके सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रणाली पर प्रहार किया था। इस मामले की जांच और दोषियों को सजा मिलना देश के प्रजातंत्र के लिए आवश्यक है। छत्तीसगढ़ का हर नागरिक चाहता है लोकतंत्र की 7 करोड़ में बोली लगाने वाले काली कमाई के धनकुबेर जो जनतांत्रिक व्यवस्था में खुद को जन नेता बनाने का स्वांग ओढ़े हुए हो वह सारे लोग बेनकाब हो और उनको सजा मिले। ताकि देश की चुनाव प्रणाली में फिर और कोई अंतागढ़ कांड की पुनरावृत्ति ना हो।
  • कांग्रेस अंतर्कलह और सत्ता संघर्ष से जूझ रही है : भाजपा

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुन्दरानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के आरोपों को कांग्रेस में मचे सत्ता-संघर्ष और अंतर्कलह की पराकाष्ठा बताया है। श्री सुन्दरानी ने कहा कि दरअसल नंदकुमार बघेल ने अपने पुत्र व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जुबान बोलकर कांग्रेस के अंदरखाने के सच को जगजाहिर कर दिया है।
    प्रवक्ता श्री सुन्दरानी ने कहा कि समाचार चैनलों से चर्चा में मुख्यमंत्री के पिता ने प्रदेश सरकार के एक मंत्री टीएस सिंहदेव पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है और पूछा है कि सन् 2014 में सात-सात विधायकों के रहते हुए सरगुजा में कांग्रेस क्यों हारी थी? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर नियुक्ति को लेकर चल रही रस्साकशी के मद्देनजर नंदकुमार बघेल ने मंत्री सिंहदेव पर भाजपा के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ने का आरोप लगाया और कहा कि सिंहदेव का यह कहना कि अगर वह (सिंहदेव) मुख्यमंत्री बनाए जाते तो सरगुजा सीट हम जीतते, इस बात का संकेत है कि उनकी भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलीभगत है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर मचे सत्ता संघर्ष से भाजपा का कोई संबंध नहीं है और भाजपा का तोड़फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं है। वह जनहित के मुद्दों पर जनता के विश्वास के धरातल पर राजनीति करती है। भाजपा हमेशा जनादेश का सम्मान करती है और वह अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही है। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी शिकस्त प्रदेश सरकार की नासमझी और प्रदेश के मतदाताओं के साथ किए गए छलावे का परिणाम है, जिसे अब स्वीकार करने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आनाकानी कर रहे हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी सरकार के कामकाज और कार्यप्रणाली पर जनादेश मांगा था। 
    श्री सुन्दरानी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अपनी करारी पराजय बर्दाश्त नहीं हो रही है और अब कांग्रेस सरकार अंतर्कलह और सत्ता-संघर्ष में उलझकर रह गई है। मुख्यमंत्री इस पटकथा के नायक हैं और जो बात वे अपने राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वियों के लिए सीधे तौर पर कहने का राजनीतिक खतरा उठाने से कतरा रहे हैं, वे बातें अपने मोहरों से कहला रहे हैं। नंदकुमार बघेल का कथन इसी का द्योतक है।

  • अमित जोगी SIT के नोटिस के जवाब में वाईस सैम्पल देने थाना पहुँचे, जानिए क्या किया ?

    एस.आई.टी के नोटिस के जवाब में गंज थाना पहुँचे अमित जोगी। गंज थाना पहुंचकर उन्होने थाने के अंदर व बाहर के बीच ‘लक्ष्मण रेखा’ को पार न करते हुए कहा कि थाने के अंदर एस.आई.टी. कार्यालय में भूपेश बघेल का राज चल रहा है जबकि थाने के बाहर देशमें संविधान व कानून का राज चलता है।

    - अमित जोगी ने कहा कि न वो उस लक्ष्मण रेखा को पार करेंगे न ही एस.आई.टी वाले उस लक्ष्मण रेखा को पार करने की जुर्रत करें।

    - अमित जोगी ने आरोप लगाया कि जहां झीरम नरसंहार की एस.आई.टी. की जांच चालू नही हुई, वहीं अंतागढ़ फर्जी सी.डी. काण्ड की एस.आई.टी. जप्त पेनड्राईव को हैदराबाद, भोपाल और चण्डीगढ़ की प्रयोगशाला में पुष्टिकरण एवं जांच हेतु भेज चुकी है।

    - माननीय उच्च न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायालय के आदेशो का उल्लेख करते हुए अमित जोगी ने कहा कि सैकड़ो बार उक्त जांच रिपोर्ट मांगे जाने पर पुलिस ने जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया।

    - एस.आई.टी. द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करने का कारण भी माननीय न्यायालय की केस फाईल के भी मिलता है। जिसमे स्पष्ट रुप से कहा गया है कि ‘पेनड्राईव के आडियो एवं विडियो क्लीप की अनेको स्थान पर मिक्सिंग, एडिटिंग और छेड़छाड़ की गई है तथाआई.टी. एक्ट 2000 के धारा 65 (B) की प्रमाणिकता की अनिवार्य शर्तो पर वो खरा नहीं उतरता।’

    - अमित जोगी ने सीधे आरोप लगाया कि अंतागढ़ फर्जी सी.डी. काण्ड के निर्माता-निर्देशक पूरे विश्व में प्रसिद्ध फर्जी सी.डी. किंग श्री भूपेश बघेल है तथा कूट रचित दस्तावेज बनाने के जुर्म में एस.आई.टी. को फर्जी सी.डी. किंग को आई.पी.सी. की गैर-जमानतीय धारा 420, 468 और 471 के अंतर्गत हथकड़ियों में गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए।

    - अमित जोगी ने एस.आई.टी. को चुनौती दी की अगर उनमें हिम्मत है तो भूपेश का कानून न मानते हुए देश के कानून का पालन करें और उनके द्वारा लाई गई कानूनी पुस्तके और माननीय न्यायालय के आदेश को लेकर उनका अध्ययन करे और न्यायोचितकार्यवाही कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

    - अमित ने एस॰आई॰टी॰ से मांग करी की तीन दिन के भीतर भोपाल, चण्डीगढ़, हैदराबाद की फारेंसिक लैब से प्राप्त फर्जी सी.डी. की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ की जनता और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें अन्यथा सी.आर.पी.सी. की धारा 91 के अंतर्गत वे खुद इस मामले में न्यायालय की शरण में जायेंगे।

    Video Link

    https://www.youtube.com/watch?v=wKN4MDCUzmc

  • एमआईसी की बैठक शुरू हुआ 22  विषय पर लेकर नगर निगम मुख्यालय में चल रही है....
    रायपुर25जून 2019-रायपुर नगर निगम में आज मेयर इन काउंसिल एमआईसी की बैठक रायपुर नगर निगम में आयोजित हुई इसमें। रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे और नगर निगम आयुक्त शिव अनंत समेत एमआईसी सदस्य शामिल थे। नगर निगम के अंतर्गत 22 से ज्यादा विषय पर एमआईसी की सदस्यों जनता को राहत होगी। सफाई को लेकर भी राजधानी रायपुर में बेहतर व्यवस्था शुरू करेंगे ताकि आए दिन सड़क सफाई और नाली सफाई को लेकर परेशानी होती है इससे भी जनता को राहत मिलेगी। बैठक में नगर निगम के कई विभागों में रिक्त पदे है इस पर भी सीधी भर्ती को लेकर चर्चा किया । एमआईसी की बैठक में जवाहर बाजार स्थित पार्किंग से व्यावसायिक परिसर व्यवस्थापन अंतर्गत आवंटित दुकानों का नामांतरण को लेकर भी चर्चा किया गया। एम आई सी के सदस्यों ने महंतलक्ष्मी दास के वार्ड क्रमांक 61 अंतर्गत लाखे नगर चौक से दंतेश्वरी चौक मार्ग का नामकरण श्री परमानंद शास्त्री जी के नाम पर करने हेतु प्रस्ताव रखा गया है। इस पर एमआईसी में चर्चा हुई। साथ ही महापौर प्रमोद दुबे ने यह भी कहा कि राजधानी रायपुर में इस वर्ष पानी को लेकर किसी प्रकार से कोई समस्या नहीं हुई। बल के दुर्ग भिलाई में भी रायपुर से ड्रम में भर कर पानी भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रायपुर में एक सौ एमएलडी के बदले 250 एमएलडी की टंकी बनाई गई है ताकि रायपुर में पानी की समस्या का निदान होगा।
  • रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली के क्रियान्वयन हेतु कमिश्नर श्री शिव अनंत तायल  ली बैठक
    रायपुर। नगर निगम कमिश्नर श्री शिव अनंत तायल ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना व उसके क्रियान्वयन हेतु सभी ज़ोन अधिकारियों व कार्य एजेंसियों की बैठक ली। बैठक में भू जल स्तर को बनाए रखने वर्षा जल के समुचित संग्रहण के लिए तेजी से कार्य करने पर जोर दिया गया। इस बैठक में भूजल स्तर में सुधार पर चर्चा करते हुए कमिश्नर श्री तायल ने कहा कि प्रतिवर्ष लगातार भूजल के सूखने से बढ़ते जलसंकट से निपटने हेतु बारिश के पानी का संग्रहण अति आवश्यक है।उन्होने निर्देश दिया है कि नगर निगम के सभी उद्यानों , परिसरों, घरेलू ट्यूबवेल में भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली द्वारा भूजल रीचार्ज की व्यवस्था अनिवार्य रुप से की जाए। बैठक में बताया गया कि नगर निगम के उद्यानों और घरेलू बोरवेल को रीचार्ज करने हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का क्रियान्वयन के लिये 73 एजेंसियां ने निविदा प्रक्रिया में शामिल हुई है। इन एजेंसियों ने भी इस बैठक में भू जलस्तर को बढा़ने अपने सुझाव दिए। बैठक में नगर निगम के अपर कमिश्नर श्री अविनाश भोई, अधीक्षण अभियंता बी.एल अग्रवाल सहित सभी जोन के अधिकारी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि लगातार गिरते भूजल स्तर से इस वर्ष भी गर्मी में शहर के अधिकांश बोर, कुएं व तालाब सूख गये थे, जिसकी वजह से अधिकांश क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली पर ही लोगों को निर्भर रहना पड़ा था । तालाबों,उद्यानों व घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली आरंभ किये जाने से वर्षा के जल को संचित किया जा सकेगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और आगामी गर्मी में जलसंकट की स्थिति निर्मित होने से बचाव संभव हो सकेगा ।
  •  निजी अशासकीय विद्यालयों में 8 वीं के विद्यार्थियों को उन्हीं विद्यालयों में मिलेगी 12वीं तक पढ़ाई की सुविधा
    रायपुर24 जून 2019/ राज्य शासन द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उन्हीं विद्यालयों में कक्षा 12वीं तक अध्ययन करने के लिए निरंतरता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। निजी अशासकीय विद्यालय इस आदेश के अनुपालन में स्वमेव विद्यार्थियों के नाम आगामी कक्षा में दर्ज करेंगे। इसी तरह स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों निर्देश दिया है कि वे ऐसे सभी विद्यार्थियों को उन्हीं विद्यालयों में प्रवेश संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। विभिन्न शालाओं में प्रवेश कराए गए विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति की राशि शासन द्वारा विद्यालयों को देय होगी। इसी अनुसार शुल्क प्रतिपूर्ति की वार्षिक दर प्रति छात्र प्रतिवर्ष 15 हजार रूपए अधिकतम निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल अंतर्गत संचालित शालाओं के लिए कक्षा 9वीं की पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की जाएगी। अन्य बोर्ड से संबद्ध शालाओं के विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री के लिए एक हजार रूपए प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष देय होगा। निजी शालाओं में कक्षा 9वीं में प्रवेशित विद्यार्थियों को शासकीय शालाओं के समान गणवेश/गणवेश अनुदान की पात्रता नहीं होगी। सत्र 2019-20 में सत्र का प्रारंभ आज 24 जून से शुरू हो गया है। राज्य के निजी अशासकीय विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं में प्रवेश संबंधी कार्यवाही तत्काल की जाए। जिन निजी विद्यालयों में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल स्तर की कक्षाएं संचालित नहीं है, उन विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यार्थियों के पालकों से विकल्प प्राप्त कर निजी शालाओं में पहुंच सीमा के भीतर की शालाओं में कक्षा 9वीं में दर्ज संख्या के 25 प्रतिशत की सीमा में प्रवेश संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। जहां निर्धारित सीमा में अशासकीय शाला उपलब्ध नहीं हो, वहां शासकीय शाला में कक्षा 9वीं में प्रवेश की व्यवस्था की जाए।
  • कलेक्टर अपनी गाड़ी में बैठाकर खुशी को ,खुशी को मिला इंटरनेशनल स्कूल में एडमिशन
    रायपुर, 24 जून 2019/ जब एक पिता अपनी बेटी को विदा करता है तब दोनों तरफ से खुशी के साथ-साथ आंखो से आंसू भी बहते हैं। ऐसा ही नजारा आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल में देखने को मिला, जब जेल में बंद एक सजायफ्ता कैदी अपनी 6 साल की बेटी खुशी (बदला हुआ नाम) से लिपटकर खूब रोया। इसकी वजह भी बेहद खास थी। आज से उसकी बेटी जेल की सलाखों के बजाय बड़े स्कूल के हॉस्टल में रहने जा रही थी।  करीब एक माह पहले जेल निरीक्षण के दौरान जिला के कलेक्टर डॉ संजय अलंग की नजर महिला कैदियों के साथ बैठी खुशी पर गयी थी। तभी उन्होंने खुशी से बातचीत के दौरान उसकी इच्छा के अनुरूप वादा किया था, कि उसका दाखिला किसी बड़े स्कूल में करायेंगे। वायदे के अनुरूप आज कलेक्टर कलेक्टर डॉ संजय अलंग खुशी को अपनी कार में बैठाकर केंद्रीय जेल से स्कूल तक छोड़ने खुद गये।  कार से उतरकर खुशी एकटक अपने स्कूल को देखती रही। खुशी कलेक्टर की उंगली पकड़कर स्कूल के अंदर तक गयी। एक हाथ में बिस्किट और दूसरे में चॉकलेट लिये वह स्कूल जाने के लिये वह सुबह से ही तैयार हो गयी थी। आमतौर पर स्कूल जाने के पहले दिन बच्चे रोते हैं। लेकिन खुशी आज बेहद खुश भी थी। क्योंकि जेल की सलाखों में बेगुनाही की सजा काट रही खुशी आज आजाद हो रही थी। कलेक्टर की पहल पर शहर के जैन इंटरनेशनल स्कूल ने उसे स्कूल में एडमिशन दिया। वह स्कूल के हॉस्टल में ही रहेगी। खुशी के लिये विशेष केयर टेकर का भी इंतजाम किया गया है। स्कूल संचालक श्री अशोक अग्रवाल ने कहा है कि खुशी की पढ़ाई और हॉस्टल का खर्चा स्कूल प्रबंधन ही उठायेगा।     खुशी के पिता केंद्रीय जेल बिलासपुर में एक अपराध में सजायफ्ता कैदी हैं। पांच साल की सजा काट ली है, और उन्हें पांच साल और जेल में रहना है। खुशी जब पंद्रह दिन की थी तभी उसकी मां की मौत पीलिया से हो गयी थी। पालन पोषण के लिये घर में कोई नहीं था। इसलिये उसे जेल में ही पिता के पास रहना पड़ रहा था। जब वह बड़ी होने लगी तो उसकी परवरिश का जिम्मा महिला कैदियों को दे दिया गया। वह जेल के अंदर संचालित प्ले स्कूल में पढ़ रही थी। लेकिन नन्हीं खुशी जेल की आवोहवा से आजाद होना चाहती थी। संयोग से एक दिन कलेक्टर जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने महिला बैरक में देखा कि महिला कैदियों के साथ एक छोटी सी बच्ची बैठी हुयी है। बच्ची से पूछने पर उसने बताया कि जेल से बाहर आना चाहती है। किसी बड़े स्कूल में पढ़ने का उसका मन है। बच्ची की बात कलेक्टर को भावुक कर गयी। उन्होंने तुरंत शहर के स्कूल संचालकों से बात की और यहां के नामी स्कूल के संचालक खुशी को सहर्ष एडमिशन देने को तैयार हो गये।  इसी तरह कलेक्टर की पहल पर जेल में रह रहे 17 अन्य बच्चों को भी जेल से बाहर स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरु कर दी गयी है।
  • जगरगुंडा के शैक्षणिक संस्थाओं में - 13 वर्षों बाद  फिर लौटी रौनक  उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने किया शुभारंभ
    रायपुर, 24 जून 2019/ सुकमा के अतिसंवेदनशील जगरगुंडा क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की रौनक फिर से लौट आयी है। नए शिक्षण सत्र के पहले दिन आज उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा की उपस्थिति में पांच शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावास का संचालन पुनः प्रारंभ किया गया। जगरगुंडा सलवा जूडूम अभियान से पहले तक व्यापारिक केन्द्र और हाईस्कूल तक शिक्षा केन्द्र रहा है। तत्कालीन समय में जगरगुंडा में बैंक का भी संचालन किया जाता था। लेकिन वर्ष 2006 के सलवा जूडूम अभियान के दौरान आसपास के गांव सहित पूरा जगरगुंडा भी खाली हो गया और वहां राहत शिविर में आमजन निवास करने लगे। जगरगुंडा के समीप सलवा जूडूम शुरू होने के बाद से लगभग 13 वर्षों से वहां माध्यमिक और हाई स्कूल का संचालन नहीं किया जा रहा था। इलाके के विद्यार्थी नजदीकी पोटाकेबिन में अध्ययन किया करते थे। नागरिकों के मांग को देखते हुए शासन और जिला प्रशासन के अथक प्रयास से स्कूलों अथक का संचालन पुनः शुरू किया गया है। उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने आज जगरगुण्डा में हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल, बालक आश्रम शाला, बालक और कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। उद्योग मंत्री श्री लखमा ने नए शिक्षण सत्र पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि जगरगुंडा में 13 वर्षों के बाद पुनः स्कूलों का संचालन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार के तहत अब कक्षा नवमी से 12वीं कक्षा को दायरे में लाया गया है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को कक्षाा पहली से 12वीं तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का लाभ मिलेगा। जगरगुण्डा क्षेत्र के बच्चे भी अब स्कूली शिक्षा पूर्णकर उच्च शिक्षा के लिए देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पास सकेंगे। वह दिन दूर नहीं जब यहां के बच्चे भी उच्च पदों पर आसीन होंगे। श्री लखमा ने कहा कि शिक्षा के जरिए ही भविष्य के द्वार खुलते हैं। शिक्षा से व्यक्त्वि का विकास होगा। बच्चों में सही और गलत चीजों की परख करने की समझ विकसित होगी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चंदन कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उद्योग मंत्री ने शिक्षा सत्र के शुभारंभ अवसर पर स्कूली बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण किया। जगरगुंडा सुकमा जिले का सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इलाका है। वर्ष 2006 में नक्सल विरोधी अभियान सलवा जूडूम के दरमियान तत्कालीन दंतेवाड़ा जिले के जगरगुंडा सहित वर्तमान सुकमा जिले के कई स्कूलों व शासकीय भवनों को नक्सलियों द्वारा नष्ट किया गया था। भवनों को क्षतिग्रस्त करने का मुख्य कारण इन भवनों में सुरक्षा बलों की तैनात थी। जगरगंुडा ऐसा क्षेत्र है जहां पर अभी भी राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है,जहां लगभग 1200 परिवार निवास करते हैं। शासन द्वारा प्रत्येक तीन माह में राहत शिविर के लिए राशन उपलब्ध कराया जाता है। शासन द्वारा इस क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए सड़कों से जोड़ा जा रहा है। इस क्षेत्र को जिला दंतेवाड़ा की ओर से और सुकमा के दोरनापाल से जोड़ा जा रहा है|
  • कोण्डागांव में 7 नदी-नालों का पुर्नजीवन काम जल्द शुरू होगा
    रायपुर, 24 जून 2019/ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सुराजी गांव योजना महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए इस योजना में नदी-नालों को पुर्नजीवन देने का भी काम किया जा रहा है। नदी-नालों के पुर्नजीवन से किसानों को सिंचाई के लिए जहां भरपुर पानी मिलेगा वहीं किसान दोहरी फसल भी ले सकेंगे। जिला प्रशासन कोण्डागांव की पहल पर 7 मौसमी नालों को पुर्नजीवन का काम हाथ में लिया गया है। नरवा कार्यक्रम के तहत् वैज्ञानिक पद्धति से उपचार और वर्षा जल के संचयन करने अनेक स्थानों पर स्टाॅप डैम, कंटूरबण्ड आदि संरचनाएं बनाई जायंेगी। वर्षा जल के संचयन और नदी नालों के उपचार से आसपास के क्षेत्र की मिट्टी में नमी बढ़ेगी साथ ही फसलों की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध रहेगा। वर्षा जल के संचयन से भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी।  जिला प्रशासन द्वारा नदी नालों के पुर्नजीवन की योजना के पूर्ण होने से न केवल इसके दूरगामी जनहितकारी परिणाम निकलेंगे, बल्कि जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगा। कोण्डागांव जिले के कई क्षेत्र में छोटे-छोटे नदी नाले है जिनके जल संसाधन का उपयोग नहीं हो सका है पहले ऐसे नदी नालों में वर्ष के छह से आठ महीने भरपूर पानी रहता था, परन्तु वर्तमान में अनवरत भूगर्भीय, जलादोहन से इनके जल भराव की क्षमता घट गई है। फलस्वरुप ये नदी-नाले सूखे मौसम के आने से पहले ही सूख जाते है। परन्तु अब राज्य शासन के ‘नरवा‘ कार्यक्रम के क्रियान्वयन से इन जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की संभावनाएं बढ़ गई है।  जल संसाधन एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रुप से जिले में नदी नाले का चयन किया गया है। इसमें किए सर्वे अनुसार कुल 156 संरचना निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 46 स्ट्रक्चर एवं 42 मरम्मत कार्य प्रस्तावित है, जिससे 28 ग्राम पंचायतों के कृषक लाभान्वित होंगे और क्षेत्र में 1379.06 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का विस्तार होगा। इन सभी संरचनाओं की कुल अनुमानित लागत 3311.00 लाख रूपये है। वर्तमान में नरवा कार्यक्रम के अन्तर्गत महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अन्तर्गत 19 कार्य भी स्वीकृत किए गए है और शेष संरचनाओं के प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पांच विकासखण्डों कोण्डागांव, केशकाल, बड़ेराजपुर, फरसगांव और माकड़ी में बहने वाले नालों के पुर्नजीवन का काम के लिए प्रारंभिक तैयारीयां शुरू कर दी गई है। कोण्डागांव के बल्लारी एवं मुसर नालों में 13 स्ट्रक्चर के मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर आसपास के 105 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। केशकाल के हालिया नाला एवं खालेमुरवेण्ड नालांे में 9 स्ट्रक्चर बनाने का प्रस्ताव है, इससे 44.30 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई मिलेगी। इसके अलावा फरसगांव के गोण्डूम नाले में 3 स्ट्रक्चर कार्य से 116 एकड़, माकड़ी के बासनी नाले में 8 स्ट्रक्चर से 126 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  उल्लेखनीय है कि सिंचाई रकबा को दो गुना करने की कार्य योजना के तहत जिले में 35 लघु योजना एवं उद्वहन सिंचाई योजना निर्मित है, जिसकी कुल निर्मित सिंचाई क्षमता 7144 हेक्टेयर है, जबकि वास्तविक सिंचाई 1158 हेक्टेयर है। जिले में सिंचाई में कमी का मुख्य कारण जलाशयों एवं नहरों का जीर्ण-शीर्ण होना है और सभी नहरें न्दसपदमक निर्मित हुई है। इसके मद्देनजर सिंचाई के अन्तर को कम करने के लिए 14 योजनाओं का जीर्णोद्धार एवं नहर कार्य तथा स्टापडेम निर्माण कार्य वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में नवीन मद के तहत शामिल किया गया है, जिससे 4800 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसी प्रकार नरवा कार्यक्रम से 1379.60 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।