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  • वरिष्ठ अधिकारी द्वारा करोना गाइडलाइन का उल्लंघन - घूम घूम कर फैला रहे करोना
    कोविड 19 के नियमों का उल्लंघन कर रायपुर जेल प्रभारी व डीआईजी जेल के के गुप्ता कर रहे पॉजिटिव आने पर भी ड्यूटी उच्च पद पर आसीन अधिकारी फैला रहा कोरोना कौन देगा सजा ? कोरोना गाइड लाइन का प्रदेश में हो रहा खुला उल्लंघन सीजी 24 न्यूज़ ने 2 दिन पहले जेल अधिकारियों के पॉजिटिव होने की खबर चलाई थी कि रायपुर बिलासपुर रायगढ़ व कवर्धा के जेल अधिकारी हुए कोरोना पॉजिटिव रायपुर-कोविड 19 वैसे तो एक संक्रमित बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे इंसान तक आसानी से पहुंच जाती है और संक्रमण फैला रही है । कोविड 19 को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों ने कई नियम व प्रोटोकॉल जारी किए है और प्रशासन द्वारा उसे लागू करवाने हेतु कड़े निर्देश दिए है। लेकिन क्या ऐसा हो रहा है ? शायद नही क्योंकि अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जेल के प्रभारी कोरोना की चपेट में आ चुके है | मात्र 2 से 3 दिन पहले ही संक्रमित हुए हैं। ताजा मामला रायपुर जेल प्रभारी व डीआईजी जेल मुख्यालय के के गुप्ता के करोना संक्रमण का है । नियमो की माने तो उन्हें इस समय होम आइसोलेशन में होना चाहिये , परंतु डीआईजी जेल केके गुप्ता जेल मुख्यालय व रायपुर जेल में उपस्थित होकर सेवा दे रहे। अब इसे सेवा कहे या अपराध ये तय करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यदि सरकार कोई नियम या प्रोटोकॉल बनाती है तो सर्वप्रथम उसे से लागू करवाने की जिम्मेदारी प्रशासन के अधिकारियों की होती है, लेकिन जब अधिकारी ही नियमो की धज्जियां उड़ाने लगे तो आम आदमी से क्या उम्मीद करना। जब कोई आम इंसान कोरोना से पॉजिटिव होता है तो उस पर इतने नियमो की बौछार हो जाती है मानो उसने पॉजिटिव आकर कोई गलती कर दी हो और यदि कही गलती से कोई नियम का उल्लंघन कर देता है तो प्रशासन की नजर में अपराध की श्रेणी में आ जाता है। लेकिन प्रशासन के उच्च गद्दी में आसीन व्यक्ति ऐसा करे तो इन पर कौन कार्यवाही करेगा ? *क्या है होम आइसोलेशन के नियम* केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बेहद हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आइसोलेशन के नए नियम जारी किए हैं। इनके मुताबिक, मरीज 17 दिन बाद आइसोलेशन खत्म कर सकेंगे। सैंपल लिए जाने के दिन से 17 दिन गिने जाएंगे। होम आइसोलेशन खत्म करने के लिए शर्त होगी कि मरीज को दस दिनों से बुखार न आया हो। मरीज को अपने ही कमरे के अंदर रहना होगा। मरीज को फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करना होगा। जिन मरीजों का कोविड टेस्ट पाटिव आता है और उन्हे कोई गंभीर बीमारी नहीं है तो उन्हे कम से कम 14 दिन होम आइसोलेशन में रहने को कहा जाता है। इसके लिए मरीजों को एक शपथ पत्र भी देना होता है। होम आइसोलेशन के लिए मरीजों के पास पृथक शौचालय, पल्स ऑक्सीमटर, और थर्मामीटर होना चाहिए। इन मरीजों की मॉनिटरिंग जिला होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम द्वारा की जाती है। संवेदनशील मरीजों को डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोज कॉल करते हैं। होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं करने पर कंट्रोल रूम उन मरीजों को हॉस्पिटल भेज देता है। *कैसे और कौन कर रहा नियमों का उलंघन?* उपरोक्त सरकारी गाइडलाइन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए डीजीपी व रायपुर जेल प्रभारी के के गुप्ता अपनी नौकरी कर रहे है। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में रहने का नियम है लेकिन इसका पालन इनके द्वारा नही किया जा रहा है अपनी जान की परवाह भले इन्हें न हो लेकिन कम से कम दूसरों की जान की परवाह तो होनी चाहिए। मामले की जानकारी जब CG 24 News को हुई तो हमने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और जेल डीजी संजय पिल्ले से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने न तो हमारा फ़ोन उठाया और ना ही मैसेज कोई जवाब दिया ? *क्या कहना था के के गुप्ता का* - जब हमने मामले को लेकर के के गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं 4 दिन से होम आइसोलेशन में हूँ। जबकि ऐसा है नही। मुख्यमंत्री को मामले में संज्ञान में लेना चाहिए और कड़ी से कड़ी कार्यवाही करना चाहिए लेकिन क्या ऐसा होगा ? CG 24 News -Singhotra 9301094242
  • *स्वास्थ्य मंत्री टीएस बाबा संज्ञान ले - बड़ी करोना प्रताड़ना खबर*
    *बड़ी करोना प्रताड़ना खबर* *स्वास्थ्य मंत्री टीएस बाबा संज्ञान ले* राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल संचालक द्वारा एक करोना पीड़ित महिला का इलाज तय कीमत से ज्यादा लेने के बाद भी किसी तरह की कोई रसीद नहीं दी गई और ना ही इलाज से संबंधित कोई दस्तावेज रिलीज के समय दिए गए | तय कीमत से ₹40000 ज्यादा लेने के बावजूद डिस्चार्ज के समय बिना वजह ₹35000 की मांग की गई और रुपया नहीं होने पर उस गरीब महिला के घर के रजिस्ट्री के पेपर गिरवी रख लिया जाए जिसकी भी कोई रसीद नीचे अस्पताल संचालक द्वारा नहीं दी गई अति शीघ्र प्रमाण सहित इसका खुलासा किया जाएगा *CG 24 News -Singhotra*
  • कौन संभालेगा छत्तीसगढ़ की जेलों को, लगभग सभी अधिकारी करोना संक्रमित
    मन्नु मानिकपुरी की रिपोर्ट एक के बाद एक जेल अधिकारी कोरोना की चपेट में जेल अब चलेगा भगवान भरोसे मुख्यालय ने नही की कोई ठोस व्यवस्था रायपुर बिलासपुर रायगढ़ कवर्धा में जेल अधिकारी हुए पॉजिटिव कोरोना के बढ़ते मामले और डराने वाले आंकड़े सामने आने से लोग डरे सहमे हुए है और जेल की ही तरह लॉक डाउन में लोगो का जीवन यापन हो रहा और लॉक डाउन भी किस लिए ताकि लोगो एक दूसरे के संपर्क से दूर रहे कोविड 19 की चैन को तोड़ा जा सके लेकिन कोविड 19 जेल की चार दीवारों के अंदर भी बंदियों और स्टाफ को संक्रमित कर रहा है। अब कोई जेल भी कोरोना से अछूता नही बचा है। बीते दिनों डीजीपी कोरोना की चपेट में आने पर होम आइसोलेशन में चले गए और फिर आज के के गुप्ता डीआईजी जेल मुख्यालय व रायपुर जेल प्रभारी व बिलासपुर जेल प्रभारी आर आर राय कोरोना पॉजिटिव बात यहीं खत्म नही होती एक के बाद एक जेल अधिकारी कोरोना की चपेट में आ गए है अभी अभी कवर्धा जेल प्रभारी व रायगढ़ जेल प्रभारी कोरोना पॉजिटिव हो गए है अब यदि यही हाल रहेगा तो छत्तीसगढ़ की जेल किन के भरोसे चलेगी एक तो पहले से ही छत्तीसगढ़ जेल प्रशासन भगवान व मनमाने तरीके से चल रही थी तो वही अब लगातार अधिकारियों के कोरोना पॉजिटिव होने से जेल की हालत और खस्ता हो जाएगी। पहले ही मुख्यालय बिलासपुर जेल अधीक्षक के सेवा निवृत्त होने से लेकर अभी तक किसी जेल अधीक्षक की नियुक्ति नही कर सका है।
  • छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हर रोज 50 से 100 टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करेगी जेएसपीएल
    छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हर रोज 50 से 100 टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करेगी जेएसपीएल रायपुर और जबलपुर के लिए रायगढ़ से रवाना हुई ऑक्सीजन की खेप चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा- ‘पीपल फर्स्ट‘, स्टील उत्पादन पर असर भी पड़े तो मंजूर मेडिकल काॅलेज में भी लगातार की जा रही आपूर्ति रायपुर 18/04/21 रविवार. देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप से अस्पतालोें में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। ऐसे कठिन समय में जिंदल स्टील एंड पाॅवर लिमिटेड ने एक बार फिर आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है। चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में समूह के संयंत्रों से 50 से 100 टन मेडिकल ऑक्सीजन की रोजाना आपूर्ति करने की घोषणा की है। कंपनी महामारी की शुरूआत से ही अपने रायगढ़ संयंत्र से मेडिकल काॅलेज को ऑक्सीजन की नियमित आपूर्ति कर रही है। कोविड-19 महामारी के कहर के साथ ही देश में इसके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे मेडिकल आॅक्सीजन की कमी हो गई है। संकट के इस समय में जेएसपीएल समूह ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा में जरूरत पड़ने पर प्रतिदिन 50 से 100 टन मेडिकल आॅक्सीजन की आपूर्ति की घोषणा की हैै। शनिवार रात ही आपातकालीन स्थिति को देखते हुए रायगढ़ से 16-16 टन मेडिकल आॅक्सीजन की दो खेप रायपुर के लिए रवाना की गई। साथ ही जबलपुर के लिए भी 16-16 टन मेडिकल आॅक्सीजन के साथ दो वाहन रवाना किए गए। संयंत्र पहले से ही रायगढ़ मेडिकल काॅलेज को आॅक्सीजन की नियमित आपूर्ति कर रहा है। कोरोना वायरस की पहली लहर के समय से ही यहां लगातार आॅक्सीजन सिलेंडर भेजे जा रहे हैं। समूह के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने आॅक्सीजन की आपूर्ति की घोषणा करते हुए कहा कि संकट के समय समूह अपनी परंपरा के अनुसार देश के साथ खड़ा हुआ है। समूह की सोच हमेशा ‘पीपल फर्स्ट‘ की रही है और इस समय पहली प्राथमिकता आपातकालीन स्थिति में मरीजों तक आॅक्सीजन पहुंचाने की है। जेएसपीएल के सीओओ-छत्तीसगढ़ श्री दिनेश कुमार सरावगी ने बताया कि महामारी को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए संयंत्र में कोरोना वायरस से बचाव के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। संयंत्र और काॅलोनी परिसर में कोविड प्रोटोकाॅल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
  • करोना पीड़ितों की जान बचाने के लिए सिख समाज की अनुकरणीय पर
    करोना के बढ़ते संक्रमण और मरीजों की बढ़ती संख्या, अस्पतालों में बैड की कमी, ऑक्सीजन की कमी, दवाइयों की कमी को ध्यान में रखते हुए सिख समाज ने लोगों की जान बचाने के लिए, लोगों को उचित इलाज की व्यवस्था के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर किट सहित की व्यवस्था की है, जिसके तहत गुरुद्वारा गोविंद नगर - गुरुद्वारा स्टेशन रोड रायपुर में करोना पीड़ित मरीजों के लिए जिन्हें ऑक्सीजन की अति आवश्यकता है, जिनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया है उन्हें इमरजेंसी के रूप में ऑक्सीजन मिल सके जज इधर-उधर भटकना ना पड़े ऐसे मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी किट सहित व्यवस्था की है, जरूरतमंद मरीज के परिजन मरीज की डॉक्टरी रिपोर्ट , कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट, ऑक्सीजन लेवल की रिपोर्ट के साथ मरीज एवं परिजन का आधार, डॉक्टरी सर्टिफिकेट सहित संपूर्ण दस्तावेज अपने पते सहित जमा करने पर तुरंत इस सहायता का लाभ ले सकते हैं | गुरुद्वारा स्टेशन रोड एवं गुरुद्वारा गोविंद नगर में ऐसे मजबूर करुणा पीड़ित परिजनों के लिए यह व्यवस्थाएं कुछ नियम शर्तों के साथ उपलब्ध हैं| गुरुद्वारा गोविंद नगर के जसपाल सिंह सलूजा, कुलविंदर सिंह उर्फ किंदी तथा लवली अरोरा के निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं - 911196 9789 9926122278 9300492290
  • स्ट्रीट वेन्डर्स को कालोनियों और मोहल्लों में डोर-टू-डोर सब्जी बेचने की होगी अनुमति
    प्रदेश सरकार का फैसला, कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए रिटायर्ड और निजी चिकित्सकों, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की ली जा सकेंगी संविदा दर पर सेवाएं *मुख्यमंत्री भूपेश ने लॉकडाउन के मद्देनजर जनसुविधा की दृष्टि सेे कलेक्टरों को दिए निर्देश-* पीडीएस दुकानें खुलेंगी, टोकन सिस्टम से बंटेगा खाद्यान्न स्ट्रीट वेन्डर्स को कालोनियों और मोहल्लों में डोर-टू-डोर सब्जी बेचने की होगी अनुमति गांव से कोई किसान सब्जी लाकर शहर की कॉलोनियों और मुहल्लों में बेचना चाहे तो उसे अनुमति होगी दूध की हो सकेगी होम डिलिवरी बैंक खोलने की अनुमति शर्तों पर मिलेगी, शर्त ये कि बैंक के अधिकारी-कर्मचारी सिर्फ बैंकिंग सेवा से संबंधित कार्याें का निष्पादन कर सकेंगे, यहां बैंक पब्लिक डिलिंग की अनुमति नहीं होगी, एटीएम को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखने के लिए बैंक से राशि निकालकर एटीएम में फीड की जा सकेगी.....
  • निजी अस्पताल संचालक होटलों को किराए पर लेकर कर रहे हैं अवैध कमाई
    *मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे नाजायज उगाही करने वाले डाक्टरों और अस्पताल मालिकों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करके उन्हें जेल भेजा जाये और उनके लाईसेंस निरस्त किये जायें।* आज पूरा विश्व जहां कोरोना महामारी से ग्रसित है, और रोजाना लोग सैकड़ों की संख्या में मौत के मुंह में समा रहे है, पिछले वर्ष कोरोना के कारण कई लोगों के रोजगार खत्म हो गये और अब कोरोना की दूसरी वेव शुरू हो गई है, और बाजार मे दवाओं की कमी है, लोगों को ईलाज नही मिल रहा और मध्यमवर्गीय पैसों की कमी से जूझ रहा है, वही प्राईवेट अस्पताल के मालिकों और डाॅक्टरों ने इस आपदा मे लोगों का नाजायज फायदा उठाना शुरू कर दिया है, लोग डाॅक्टर को भगवान मानते है, वही आज डाॅक्टर लोगों से अवैध उगाही और इलाज के नाम पर बेवजह बिल बढ़ाकर उगाही कर रहे है। शिवसेना के पास ऐसे अस्पतालों के मालिक और डाॅक्टरों की शिकायतें लगातार पहुंच रही है, जिसको लेकर शिवसेना ने ऐसे डाॅक्टरों को सूचि तैयार की है, और जल्द ही यह सूचि स्वास्थ्य मंत्री , कलेक्टर, मुख्यमंत्रि , मेडिकल कार्पोरेशन को सौंपकर ऐसे डाॅक्टरों के लिये कार्यवाही करने हेतु ज्ञापन देगी, और सरकार से मांग करेगी की इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये, इनके ऊपर जुर्म दर्ज कर इनके लाईसेंस निरस्त किये जाये। इस कठिन परिस्थिति को देखते हुये शिवसेना प्रदेश महासचिव सुनिल कुकरेजा ने चेतावनी दी है, कि ऐसे डाॅक्टरों का खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जायेगी और किसी को बख्शा नही जायेगा, इन डाक्टरों ने अवैध उगाही करने के लिये बिना सुविधा के प्राईवेट होटलों को किराये पर ले लिया है और मरीजों से रोजाना 60,000 रूपये के हिसाब से उगाही कर रहे है, आपदा मे जहां लोग एक दूसरे की मदद कर रहे है, वहीं ये लोग ऐसे कृत्य को अंजाम देकर इंसानियत को शर्मसार कर रहे है।
  • छत्तीसगढ़ में शराब दुकान खोलने जाने का वायरल आदेश फर्जी : आबकारी विभाग ने किया खंडन
    सोशल मीडिया में वायरल भ्रामक आदेश का खंडन ज्ञात हुआ है कि शराब दुकान खोले जाने से संबंधित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड से जारी दर्शित कर फर्जी आदेश कतिपय आपराधिक मानसिकता से प्रेरित व्यक्तियों के द्वारा सोशल मीडिया में वायरल किया गया है जो पूर्ण रूप से सत्य एवं फर्जी है यह पत्र पूर्व के किसी पत्र में हेरफेर कर तैयार किया गया है छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड उक्त पत्र एवं उससे संबंधित समाचार का खंडन करता है ऐसा कोई आदेश छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी नहीं किया गया है ऐसा फर्जी आदेश पत्र सोशल मीडिया में वायरल करना अपराधिक कृत्य है ज्ञात हो कि पत्र में उल्लेखित श्री अरविंद पाटले वर्तमान में उप महाप्रबंधक दुर्ग के पद पर पदस्थ नहीं है पत्र के क्रमांक में 200 दर्शित है जबकि पत्रिका दिनांक 14 अप्रैल 2021 है अतः पत्र पूर्ण रूप से असत्य एवं फर्जी है छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा अपराधिक कृत्य के लिए दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है वास्ते छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड रायपुर
  • दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित अगली तिथि की घोषणा बाद में
    प्रदेश मैं करोना संक्रमितों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं आगामी आदेश तक स्थगित कर दी हैं , अगली तिथि की घोषणा समयानुसार की जाएगी | उल्लेखनीय है कि छात्रों एवं पालकों सहित विपक्षी दल ने भी परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की थी |
  • शहीद जवानों के परिवारों को आश्वासन ही देकर जाएंगे अमित शाह जी या नक्सलियों के अंत की कोई तारीख बता कर सभी जवानों का हौसला बढ़ाएंगे ?

    अमित शाह जी, शहीद जवानों के परिवारों को आश्वासन ही देकर जाएंगे क्या ?

    नक्सलियों के अंत की कोई तारीख बता कर सभी जवानों का हौसला बढ़ाएंगे क्या ?

     

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तुर्रेम गांव में हुए नक्सली हमले में शहीद 22 जवानों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीजापुर पहुंचे |
    श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक ली और नक्सलियों को किस तरह से समाप्त किया जाए इस पर विचार विमर्श करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देकर अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर रवाना हुए |
    रायपुर एयरपोर्ट पर अमित शाह भूपेश बघेल ने पत्रकारों से कोई चर्चा नहीं की - 

    उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने जगदलपुर के बीजापुर में पत्रकारों के समक्ष 22 जवानों की शहीदी पर दुख व्यक्त करते हुए नक्सली घटना की निंदा की, उन्होंने कहा कि जवानों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा और नक्सलियों का खात्मा किया जाएगा |

     अब बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रदेश में जब कभी भी नक्सली कोई बड़ी वारदात को अंजाम देते हैं तो प्रदेश सरकार समेत केंद्र के अधिकारी नेता और मंत्री श्रद्धांजलि सभा कर बैठक कर वापस रवाना हो जाते हैं और रटा रटाया एक ही जवाब देते हैं कि हमारे जवानों ने डटकर मुकाबला किया, उनका खून व्यर्थ नहीं जाने देंगे, नक्सलियों से बदला लिया जाएगा,
     अब यह बदला शब्द सुनते सुनते 20 साल गुजर गए परंतु बदला लेने का वक्त अभी तक नहीं आया क्यों ?
    अब शहीद जवानों के परिवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह एवं प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से जानना चाहते हैं कि कब उनके परिवारों के खून का बदला नक्सलियों से लिया जाएगा ? और सरकार बदला लेने में पीछे क्यों हट रही है ? और वही रटा रटाया जवाब देकर उनके जख्मों पर नमक क्यों छिड़क रही है ? 
    शहीद जवानों के परिवारों को जवाब चाहिए |
    अमित शाह राजधानी रायपुर से क्या शहीद जवानों के परिवारों को कोई मुकम्मल जवाब देकर जाएंगे ?

  • मुठभेड़ नहीं युद्ध हुआ है बीजापुर नक्सली हमला - भूपेश बघेल
    *मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लौटे असम दौरे से* *नक्सल घटना में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि* *हम नक्सलियों के खिलाफ आखरी लड़ाई लड़ रहे है* इंटेलिजेंस फेलियर से CM ने किया इंकार *भूपेश बघेल ने कहा कि ये मुठभेड़ नहीं युद्ध हुआ है* नक्सलियों ने रॉकेट लांचर , हैंड ग्रेनेड , uBJL से हमला किया है कोई चूक नहीं है , उन्होंने बौखलाहट में हमला किया है हमारा ऑपरेशन रुकेगा नहीं हम कैम्प खोलेंगे , सड़क बनाएंगे , विकास करते रहेंगे मुख्यमंत्री कल जगदलपुर जाएंगे एयरपोर्ट पर चर्चा करते हुए कहा,,,, *बीजापुर नक्सल हमले पर सीएम का बयान* बड़ी घटना हुई है 2 हजार जवान ऑपरेशन पर निकले थे 4 टुकड़ी सकुशल लौटे ,,,1 टुकड़ी फस गई थी सेंट्रल और स्टेट के जवानों इसमें शामिल थे संयुक्त रूप से ऑपरेशन हुआ ये क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ है वहां जाकर कैंप स्थापित करना था जिससे नक्सली बौखलाए हुए थे *यह मुठभेड़ नहीं यह युद्ध था* 4 घंटे लड़ाई चली रॉकेट लॉन्चर का भी प्रयोग हुआ लेकिन जवानों का कोर्डिनेशन तगड़ा था *शहीदों को मैं नमन करता हु, हमे गर्व है बहादुरी से लड़े* घायलों को भी जवानों ने लाया नक्सलियों को भरी नुकसान हुआ, *4 ट्रेक्टर की आवश्यकता उन्हें पड़ी* नुकसान हुआ, पर बहादुरी से जवान लड़े,,,उन बहादुरी को नमन *इंटेलिजेंस चूक पर कहा,* कोई चूक नही कैंप पर हमला नही हुआ हम घेरने निकले थे, सुकमा बीजपुर दंतेवाड़ा की ओर से हम बढ़ रहे *40 बाय 40 वर्गफुट में सीमट के रह गए नक्सली* ये नक्सलियों की बौखलाहट है ऑपरेशन हमारा चलता रहेगा,,, 2 कैंप हम स्थापित कर के रहेंगे नक्सलियों के इलाके ब्लॉक हो जायेंगे शहीदों का जाना जायज नहीं होगा जो सुविधाएं क्षेत्र में देनी है वह हम लेकर रहेंगे *पहले और अब में अंतर बताते हुए कहा* *हम मांद में जाकर लड़ रहे* पहले कैंपों में हमला हुआ करते थे,,,, घेर कर जवानों को मारा जाता था,,,, लेकिन आज हम फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हैं कुछ दिनों में आंकड़े आ जाएंगे,,, बड़ी तादात में नक्सलियों को क्षति हुई है,,,, हमारे अधिकारी और जवान मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं,,,, *यह आखिरी लड़ाई नक्सली लड़ रहे हैं*
  • नक्सलियों द्वारा 22 जवानों को शहीद करने का मामला : पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पत्रकार वार्ता
    बस्तर में हुए नक्सली हमले में 22 जवानों के शहीद होने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकार वार्ता में इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री पर सीधा हमला किया है उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में चुनावी सभाओं में नाच रहे हैं , पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने शासन से जवाब मांगा है कि इस घटना की जिम्मेदारी किस पर है मुख्यमंत्री वह असम से नाच रहे हैं, घूम रहे है रैली कर रहे है। जो शहीद हुए है उनके घर वालो को सांत्वना देते हुए रमन सिंह ने कहा कि यहां घर मे लाशें पड़ी है और मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर हैं | गगृह मंत्री भी आधा अधूरा जवाब दे रहे है। मुख्यमंत्री को चाहिए कैबिनेट की बैठक बुला के कोई बड़ा निर्णय ले, नक्सल dg सेना के साथ बैठकर कोई रणनीति बनाएं