Top Story
  • पिछले पांच दिन में सड़क, भवन और सेतु निर्माण के 104 कार्य प्रारंभ -ताम्रध्वज साहू

    कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन का पालन कराने 72 हजार पुलिस बल 24 घण्टे मुस्तैद : जेलों में फिजिकल डिस्टेंस का पालन कराने 2368 बंदियों को किया गया रिहा

     

    पिछले पांच दिन में सड़क, भवन और सेतु निर्माण के 104 कार्य प्रारंभ

    पर्यटन के क्षेत्र में स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए कार्य-योजना तैयार

    गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री साहू ने मीडिया को दी जानकारी

        रायपुर, 25 अप्रैल 2020

     

        गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज चिप्स कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों- मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिसा, तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश की सीमाओं सहित जिले की सीमाओं को सील करते हुए आवागमन को प्रतिबंधित कराया गया। पुलिस मुख्यालय में कोरोना सेल गठित किया गया है, जहां 24 घण्टे सभी जिलों से सतत् संपर्क स्थापित कर कानून व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए 1316 एफआईआर, 1110 गिरफ्तारी, 2020 वाहन जप्ती तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 97 लाख 94 हजार 595 रूपए जुर्माना राशि वसूली की गई।

        मंत्री श्री साहू ने बताया कि प्रदेश की जेलों में कैदियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ ही अनेक सावधानियां बरती जा रही है। 5 केन्द्रीय जेल, 20 जिला जेल एवं 8 उप जेलों से अंतरिम जमानत, नियमित जमानत, पैरोल एवं सजा पूर्ण तथा रिहाई के तहत 2368 बंदियों को रिहा किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में लोक निर्माण विभाग द्वारा 40 सड़क, 42 भवन और 22 सेतु निर्माण के कार्य प्रारंभ किए गए है। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कार्य-योजना तैयार की गई है। इसके तहत वॉटर टूरिज्म एवं एडवेंचर टूरिज्म के लिए मुरूमसिल्ली डैम धमतरी, हसदेव बागो डैम सतरंगा कोरबा, संजय गांधी जलाशय (खुटाघाट) रतनपुर, गंगरेल धमतरी, सरोधा डैम कबीरधाम, समोधा बैराज रायपुर, कोडार डैम रायपुर, मलानिया (गौरेला) तथा दुधावा कांकेर का चयन किया गया है। पर्यटन के दृष्टि से सिरपुर की साईट को और अधिक विकसित करने के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा ‘पर्यटन नीति-2020‘ तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि धार्मिक न्यासों का प्रभावी नियंत्रण के लिए वर्ष 2020-21 के विभागीय बजट में प्रदेश स्तर पर संचालनालय एवं संभाग स्तर पर अधीनस्थ कार्यालयों के गठन के लिए 2.02 करोड़ का बजट प्रावधान के साथ ही कार्यालय के लिए पद स्वीकृत किया गया है। मंदिरों के जीर्णोंद्धार, मरम्मत, रखरखाव एवं धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला निर्माण के लिए 2.39 करोड़ रूपए का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी को कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार की दर से 43.50 लाख रूपए और सिन्धु दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसी तरह राजिम माघी पुन्नी मेला, गिरौधपुरी, दामखेड़ा एवं माँ बम्लेश्वरी डोंगरगढ़ के लिए अनुदान उपलब्ध कराया गया है।

  • डॉ रमन सिंह केंद्र सरकार  से इस बात की मांग करें कि प्रवासी मजदूरों को वापस छत्तीसगढ़ तक लाने की व्यवस्था तत्काल करें - मोहन मरकाम
    प्रवासी मजदूरों की समस्याएं केंद्र सरकार द्वारा पहले ट्रेन, बस बंद करने और बाद में लॉक डाउन करने के कारण हुई उत्पन्न
     
     
    मजदूरों की समस्याओं को लेकर डॉ रमन सिंह का चिंतित होना पर्याप्त नहीं
     
    रायपुर/ 25 अप्रैल 2020। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पत्रकार वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि डॉ रमन सिंह को यह स्वीकार करना चाहिए था कि मजदूरों की यह सारी समस्याएं केंद्र सरकार द्वारा पहले ट्रेन बस बंद करने और बाद में लॉक डाउन करने के कारण उत्पन्न हुई है। पहले देश की जीवन रेखा रेल सेवा को बंद किया गया और उसके बाद लॉक डाउन किया गया। 
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर डॉ रमन सिंह चिंतित तो है लेकिन चिंतित होना पर्याप्त नहीं है। डॉ रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है । अब समय आ गया है कि डॉ रमन सिंह को  भाजपा की केंद्र सरकार  से इस बात की मांग करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को वापस राज्य तक लाने की व्यवस्था केंद्र सरकार तत्काल करें। 
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि चूंकि प्रवासी मजदूरों को  वापस लाने का काम अनेक राज्यों  से जुड़ी समस्या है इसलिये केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों की सरकारों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्ययोजना बनाना आवश्यक है। प्रवासी मजदूरों को छत्तीसगढ़ वापस लाने के लिये  सारी एहतियात बरतते हुये चिकित्सकों की देखरेख में  विशेष श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाना चाहिये ।बस्तर के जगदलपुर और दंतेवाड़ा छोड़कर बड़े इलाके में रेल सेवा नहीं हैं, वंहा संबंधित राज्यों में गये छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को विशेष बसों  से भेजने की व्यवस्था की जाये।
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ में शेष भारत से अगर बेहतर स्थिति है और इसके कारण पूरे देश से हजारों लाखों लोग वापस छत्तीसगढ़ आना चाहते हैं तो इसके पीछे छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा सही समय पर उठाए गए सही फैसले हैं।
     
     
     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार हमेशा प्रदेश के गरीबों और खासकर बस्तर के लोगों के प्रति संवेदनशील है और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा।
  • कोटा से छतीसगढ के विद्यार्थी वापस लोैटेंगे  - बच्चों को लेने रायपुर से रवाना हुई 75 बस
    रायपुर 24 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री भूपेश बधेल की पहल पर राजधानी रायपुर से 75 बसों का काफिला एंबुलेंस और प्रभारी अधिकारियों के साथ आज शाम रायपुर के पुलिस परेड मैदान से राजस्थान के कोटा के लिए रवाना हो गया । राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से कोचिंग करने गये विद्यार्थियों को इन बसों से वापस लाया जायेगा। विद्यार्थियो को कोटा राजस्थान से रायपुर लाने के लिए नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर , रायपुर मुकेश कोठारी मोबाइल नंबर 79995-97069 और सहायक नोडल अधिकारी नायाब तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू मोबाइल नंबर 99815-76961 को नियुक्त किया गया है। रायपुर जिले के 136 विद्यार्थी भी कोटा से इन्हीं बसों से वापस छत्तीसगढ़ लौटेंगे। ये सभी विद्यार्थी कोरोना संक्रमण के कारण देश में लागू लाॅक डाउन से कोटा में ही फंस गये हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल के पहल के बाद रायपुर जिले के 136 परिवारों में अपने बच्चों के वापस घर लौटने की उम्मीद जागी है। विद्यार्थियों के परिजनों ने कोरोना संक्रमण के कारण हुए देशव्यापी लाॅकडाउन में कोटा में फंसे अपने बच्चों को वापस लाने की गुहार प्रशासन से लगाई थी।
  • रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में  जुर्म हुआ दर्ज*
    *मीडिया बिग ब्रेकिंग* प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की लिखित शिकायत पर थाना सिविल लाइन में निजी राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल रिपब्लिक भारत द्वारा भ्रामक समाचार चलाये जाने की शिकायत दर्ज करवाई गई - शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना सिविल लाइन रायपुर में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ 153 ए, 295 ए, 505 (2) आईपीसी की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है | उल्लेखनीय है कि रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल में राहुल गांधी - सोनिया गांधी के खिलाफ भ्रामक समाचार चलाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों में जुर्म दर्ज करने की मांग से संबंधित लिखित शिकायत की गई थी | यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस तरह की शिकायतें पूरे भारत में कांग्रेसियों द्वारा करवाई गई हैं | जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में सबसे पहले मामला दर्ज हुआ है | CG 24 News
  • डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नया अध्ययन देश लेकर आई है केन्द्र सरकार -
    *मेडिकल स्टाफ के लिए खुशखबरी* *केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी जानकारी -* *केंद्र सरकार ने डॉक्टरों की हिफाजत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है -* *डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नया अध्ययन देश लेकर आई है सरकार -* डॉक्टरों पर हमला गैर जमानती होगा - गंभीर केस में 6 महीने से 7 साल की सजा हो सकती है - डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है - करोना वायरस महामारी के मद्देनजर लोगों के स्वास्थ्य की चिंता में लगे डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ दिन रात एक कर रहा है - गली मोहल्लों में घूम घूम कर स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी निभा रहे आशा वर्कर के साथ नर्स और मेडिकल स्टाफ पर मारपीट, पत्थरबाजी की अनेक घटनाओं को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने यह अध्यादेश लाया है | इस अध्यादेश के तहत डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ से संबंधित सभी व्यक्तियों पर हुए हमले और नुकसान के लिए संबंधित भीड़ और व्यक्ति जिम्मेदार होंगे - इस दौरान जो भी नुकसान हुआ होगा उसकी दुगनी कीमत कीभरपाई उस भीड़ या संबंधित आरोपी व्यक्ति से वसूली जाएगी - यह एक बड़ी राहत वाली खबर है डॉक्टरों के लिए, मेडिकल स्टाफ के लिए, जो अपनी जान पर खेलकर इस मुश्किल घड़ी में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता कर रहे हैं |
  • छत्तीसगढ़ में शराब दुकान है खुलने की तिथि बढ़ाई गई
    *बिग ब्रेकिंग* मदिरा प्रेमियों के लिए बुरी खबर शराब दुकानों को बंद करने की तिथि बढ़ाई गई प्रदेश में 28 अप्रैल तक बंद रहेंगी शराब दुकाने - राज्य सरकार ने बढाई शराब दुकान बंद रखने की अवधि, पहले 21अप्रैल तक दुकान बंद रखने का था फरमान, राज्य सरकार ने अब शराब दुकान 28 अप्रैल तक बंद रखने का लिया निर्णय,
  •  *कड़ी से कड़ी जुड़कर, दौड़ती है फूड कंट्रोल रूम की चैन*
    करोना वायरस महामारी से बचाव के लिए किए गए लॉग डाउन में कोई भी गरीब मजबूर जरूरतमंद भूखा ना रहे इसकी चिंता करने वाली टीम में अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य जो सेवाएं दे रहे हैं वह निश्चय ही सराहनीय है इस फ़ूड कंट्रोल रूम में कई कड़ियां हैं, जो एक-दूसरे से जुड़कर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। जी हां, फूड कंट्रोल रूम के दरवाजे 24 घंटे खुले रहते हैं और बजती फोन की घंटियों को उठाने के लिए देर रात तक ड्यूटी ऑफिसर और ग्रीन आर्मी व खालसा रिलीफ फाउंडेशन के सदस्य हर समय मुस्तैद रहते हैं। प्रशासन ने नागरिकों की जरूरतों की जानकारियां लेने के लिए दो हेल्पलाइन 0771-4320202 और 4055574 जारी किए हैं। जिसमें एक आईटीएमएस के वॉर रूम से संचालित है और दूसरा फूड कंट्रोल सेल से। आईटीएमएस वॉर रूम से संचालित नंबर पर आने वाली सभी काॅल्स की जानकारी आॅनलाइन साइट में अपलोड कर दी जाती है, जिन्हें फूड कंट्रोल रूम में बैठी टीम दर्ज करती है और जरूरतमंदों की जानकारी डिलीवरी पॉइंट पर फॉरवर्ड करती है। डिलीवरी पॉइंट टीम तुरंत 8 स्थानों पर खड़े अपने स्पेशल वाहनों पर नियुक्त सदस्यों को इसकी सूचना देती है। ये वाहन उन स्थानों के आस-पास होते हैं, जहां सर्वाधिक जरूरतमंद या सामाजिक संगठन के भोजन तैयार करने के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। इन वाहनों में तैनात एनजीओ के सदस्यों को जैसे ही जरूरतमंदों की जानकारी मिलती है वे तयशुदा रूट पर अपनी गाड़ियां जल्द से जल्द जरूरतमंद के घर तक पहुंचने के लिए दौड़ा देते हैं। हर पॉइंट से भोजन डिलीवरी का अपडेट कंट्रोल रूम को करने का काम भी यही टीम करती है। इस टीम में 16 सदस्य तैनात रहते हैं। यह टीम ऐसे लोगों की जानकारी भी कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराती है जो किसी मोहल्ले सड़क किनारे गुजर-बसर कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन तक अपनी जरूरतें पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। दोनों टाइम खाने की संपूर्ण व्यवस्था को पूरा करने के बाद जब सभी टीमें वापस लौटती हैं, तो फिर जिला प्रशासन की स्पेशल टास्क के लिए बनी रैपिड रिस्पांस टीम 50 लोगों का भोजन लेकर पूरे शहर की परिक्रमा में निकलती है और राह चलते या सड़क पर गुजरते लोगों को रोककर घरों पर रहने की अपील करते हुए भोजन की जरूरतों की जानकारी लेती है। यदि इसके बाद भी जरूरतमंद मिलते हैं, तो देर रात तक भोजन उपलब्ध कराने का काम भी यह स्पेशल टीम करती है।
  • कोरोना लॉक डाउन संदेश मुख्यमंत्री द्वारा
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी आज शाम 6 बजे कोरोना संक्रमण से बचाव एवं लॉकडाउन के संबंध में राज्य की जनता के नाम महत्वपूर्ण संदेश देंगे। इसका प्रसारण क्षेत्रीय समाचार चैनलों एवं एफएम रेडियो में किया जाएगा।
  • देशभर में व्यापारियों द्वारा असहयोग आंदोलन की रणनीति - कैट
    ई-कॉमर्स कंपनियों को खुली छूट और दुकानों में बंदिश नहीं की जाएगी बर्दाश्त, देशभर में असहयोग आंदोलन की रणनीति- कैट कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी एवं कैट के प्रदेश मिडिया प्रभारी संजय चौबे एवं मोहम्मद अली हिरानी ने बताया सरकार ने 20 अप्रैल के बाद ऑनलाइन और ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने की छूट दे दी है, वहीं व्यापारियों को सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकान खोलने की छूट दी है। ई-कॉमर्स कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल यह सब बेच सकती है। यह बहुत ही भेदभाव पूर्ण रवैया है। व्यापारियों को बांध के रखा गया है और ई कॉमर्स को खुली छूट देना देश के 7 करोड़ और राज्य के 6 लाख कारोबारियों के साथ अन्याय है। सरकार के इस फैसले को लेकर देशभर के व्यापारियों में बहुत जबरदस्त आक्रोश है। आज देशभर के व्यापारी नेताओं के बीच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई। एक बात सामने आ रही है कि अगर सरकार ने व्यापारी हित में निर्णय नहीं लिया तो हम महात्मा गांधी की तर्ज पर असहयोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। महात्मा गांधी ने विदेशी व्यापार के देश में अनुचित तरीके से कब्जे के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था, वहीं अब कैट के नेतृत्व में देशभर के व्यापारी असहयोग आंदोलन करेंगे। कैट ने इस मामले में देशभर के व्यापारी संगठनों से राय आमंत्रित किया है। कैट ने सरकार के हर मुद्दों पर सकारात्मक रूख दिखाते हुए सोशल डिस्टेसिंग और अन्य फैसलों का समर्थन किया है। व्यापारियों ने इस महामारी में जान जोखिम में डालते हुए लोगों को आवश्यक व जरूरत के सामान उपलब्ध करवाने के लिए अभूतपूर्ण भूमिका निभाई। अब जब व्यापारियों की हितों की बात होनी चाहिए तब सरकार ने पक्षपात पूर्ण रवैये अपनाते हुए ऑनलाइन और ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों को छूट दे दी। जबकि यह बात सरकार जानती है कि ऑनलाइन कंपनियों से राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। दुकानें खुलने पर ही सरकार को वास्तविक जीएसटी और राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं इससे व्यापारी इस चुनौतीपूर्ण विपदा से लड़ते हुए अपनी आर्थिक हालत भी सुधार सकते हैं। ऑनलाइन और ई-कॉमर्स व्यवसाय में उत्पादों की कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा सकती है, वहीं इसे वायरस के फैलने का भी खतरा रहेगा। हमारी मांग यह है कि यदि ऑनलाइन और ई-कॉमर्स को 20 अप्रैल के बाद अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलता है तो देशभर के रिटेल और होलसेल दुकानों को भी यह छूट मिलनी चाहिए। दुकानों में सोशल डिस्टेसिंग के लिए व्यापारी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। केंद्र सरकार को इस निर्णय पर पुर्नविचार करना चाहिए, वहीं राज्य सरकारों से भी अपील है कि वे ऑनलाइन कंपनियों और ई-कामर्स कंपनियों के पक्ष में दिए गए फैसले पर एकबारगी फिर से विचार करें, ताकि छोटे दुकानदारों को इस आपदा से बाहर निकाला जा सके। CAIT ने केंद्र सरकार से यह मांग करती है की जो मल्टीनैशनल कम्पनी पीछे दरवाज़े से एंट्री दे रही है उसका पूरे प्रदेश और देश के व्यापारी विरोध करते है । और यदि चोर दरवाज़ा बंद न हुआ तो मजबूरी में व्यापारी पूरे देश में असहयोग आंदोलन करेंगे ।
  • 20 हज़ार करोड़ के नए संसद भवन के निर्माण में जिस पार्टी की दिलचस्पी हो वो आम जनता के सवालों के जवाब से तो मुंह ही छुपायेगी! - कांग्रेस

    रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार रुचिर गर्ग के पत्र के जवाब में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आए दो पत्रों के जवाब में कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दोनों नेताओं ने इधर उधर की बातों से ध्यान भटकाने की कोशिश की है लेकिन यह नहीं बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य को कोरोना संकट से लड़ने के लिए आख़िर क्या मिला?

    उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कठिन सवालों से कन्नी काटने की कोशिश की है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस चाहती है कि रुचिर गर्ग के पत्र में उठाए गए सवालों और कुछ अन्य महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भाजपा दे, जिससे जनता के सामने उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके.

    उन्होंने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना संकट से जूझने के लिए जो एक लाख 70 हज़ार करोड़ का जो पैकेज घोषित किया है उसमें से कितना पैसा छत्तीसगढ़ राज्य को मिलने जा रहा है. इस पैकेज में जो एक बड़ी घोषणा है कि मनरेगा की मज़दूरी पहली अप्रैल से 20 रुपए बढ़ जाएगी. इसका मतलब यह है कि एक मज़दूर को 100 दिन का काम मिल जाता है तो साल में उसे मात्र 2000 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. और मिलेंगे तब जब भुगतान होगा. उन्होंने पूछा है कि राज्यों को वर्ष 2019-20 का 1555 करोड़ रुपए केंद्र से मिलना बचा है. इसमें से कुछ राशि अभी आई है लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जीरा है. भाजपा बताए कि केंद्र सरकार मनरेगा का पूरा पैसा क्यों नहीं दे रही है?

    संचार विभाग प्रमुख ने पूछा है कि केंद्र के पैकेज में जो राशि श्रमिकों को देने की बात हुई है, उसमें उन 83 प्रतिशत मज़दूरों को क्या मिलेगा जो अनौपचारिक क्षेत्र में जुड़े हुए हैं. कामगारों को ईपीएफ़ से 75 प्रतिशत या तीन महीने की तनख़्वाह के बराबर पैसे निकालने की छूट दी है लेकिन यह बताना भूल गए कि ईपीएफ़ का पैसा उनका अपना पैसा है और अगर वह निकाल लिया तो भविष्य अनिश्चित हो जाएगा.

    इसके अलावा छत्तीसगढ़ को केंद्र की ओर से मिलने वाला जीएसटी भुगतान का बड़ी राशि बकाया है. राज्य को मिलने वाले केंद्रीय टैक्स में पिछले साल 14 प्रतिशत की कमी आई है. उसकी भरपाई या भुगताने के बारे में केंद्र सरकार चुप क्यों है? केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के एक किस्त के भुगतान की बात की है लेकिन छत्तीसगढ़ में तो अभी पुराना भुगतान ही पूरा नहीं हुआ है, तो नई किस्त का किसान कैसे भरोसा करें. उज्जवला गैस मुफ़्त देने का फ़ैसला किया है लेकिन उससे हासिल क्या होगा जब ग़रीबों का रोज़गार छिन जाएगा? और छत्तीसगढ़ में तो उज्जवला का रिफ़िल रेट ही 1.8 प्रतिशत है.

    शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इसके अलावा यह सवाल तो अब भी अनुत्तरित है कि समय पर केंद्र सरकार ने किट्स क्यों उपलब्ध नहीं करवाए? समय पर और टेस्टिंग लैब की अनुमति क्यों नहीं दी? और केंद्र की ओर से राज्यों को संकट से लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन क्यों उपलब्ध नहीं करवाए? उन्होंने कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुरु से कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने सिर्फ़ लॉक डाउन की घोषणा की और संकट से जूझने का काम राज्यों पर, उनके अपने संसाधनों पर छोड़ दिया. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने राजनीति छोड़कर यदि समय पर क़दम उठाए होते तो राज्यों में जो कोरोना मरीज़ पहुंचे हैं, उन्हें भी रोका जा सकता था, लेकिन भाजपा एकतरफ़ा गुणगान करने में लगी है.

    संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि भाजपा को अपने केंद्रीय नेतृत्व से कहना चाहिए कि वे राज्यों को संसाधन उपलब्ध करवाएं जिससे कि लॉक-डाउन ख़त्म होने के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का इंतज़ाम किया जा सके. लेकिन भाजपा इस बात पर चुप्पी साध लेती है क्योंकि छत्तीसगढ़ में तो भाजपा सांसदों तक ने उन लोगों के लिए धन नहीं दिया जिनसे वे वोट मांगकर जीते हैं.

    शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दरअसल भाजपा अपनी नाकामियों से घबराई और झुंझलाई हुई है । वो इस अहम सवाल तक का जवाब देने से कतरा गई कि आखिर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी में मुख्य मंत्री सहायता कोष या राज्यों के राहत कोष को शामिल क्यों नहीं किया गया ? उन्होंने कहा कि ओपी चौधरी और पंकज झा को समझना चाहिए कि सवाल बड़े हैं और जनता को जवाब चाहिए.वो बताएं कि क्या डॉ. रमन सिंह प्रधानमंत्री से मांग करेंगे कि छत्तीसगढ़ को उसका हक मिलना चाहिए ?लेकिन जिस पार्टी की दिलचस्पी 20 हज़ार करोड़ के नए संसद भवन के निर्माण में हो वो आम जनता के सवालों के जवाब से तो मुंह ही छुपायेगी!

  • लॉकडाउन 2 की गाइडलाइन -

    नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी गाइलाइन जारी की है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती-किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। फ्लैट्स के निर्माण को भी शर्तों के साथ सीमित छूट दी गई है। लॉकडाउन 2.0 के दौरान इन गतिविधियों पर छूट रहेगी। - हेल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी... - खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी - कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी - खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी - कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी - मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी - दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी - मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई चालू रहेगी - ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट -स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा। - दवा, फार्मा - सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो - बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी - ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा - मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए - मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा - मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी - इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा - दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना - कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई - तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी -गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट -जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत रहेगी -सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स को छूट रहेगी, एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की इजाजत - इस बार ट्रकों के मरम्मत की दुकानों को भी छूट, हाईवेज पर ढाबे भी खुले रहेंगे ताकि ट्रकर्स को दिक्कत न हो -रेलवे की मालगाड़ियों को छूट बरकरार - सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन की इजाजत - किराना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को छूट बरकरार - प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस को भी छूट -आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं) - ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी - सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत -प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत

  • मोदी जी सप्तपदी में वचन लेने के साथ-साथ वचन देने भी पड़ते हैं - कांग्रेस

    *मोदी जी ने देश को क्या करना है यह तो बताया लेकिन यह नहीं बताया की सरकार क्या कर रही है ?

    * *मोदी जी ने देश के लिए अपने सात वचन नहीं बताएं: देश से सात वचन मांगे जरूर*

     

    रायपुर : 14 अप्रेल 2020 - प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सुबह 10:00 बजे देश के नाम संबोधन पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज के संबोधन में देशवासियों को क्या करना है यह तो बताया गया लेकिन प्रधानमंत्री ने देश को यह नहीं बताया कि सरकार देशवासियों के लिए क्या कर रही है? देश के हजारों लाखों मजदूर जब काम ना होने के कारण अपने घर वापस जाने लगे तो उन्हें रोककर 14 दिनों के लिये क्वेरेंटाइन किया गया और कैंपों में रखा गया। अब इन मजदूरों की क्वॉरेंटाइन में रहने की मियाद पूरी हो चुकी है और आज प्रधानमंत्री जी ने या नहीं बताया कि इन लोगों को स्क्रीन करके पेस्ट करके उनके घर वापस जाने की क्या व्यवस्था करेंगे और इसकी क्या रणनीति है इसका उल्लेख नहीं किया। प्रधान मंत्री से यह भी अपेक्षा थी 21 दिन में कितनी टेस्टिंग कैपेसिटी देश में बढ़ाई गई है और आगे टेस्टिंग को लेकर क्या रणनीति है इसका भी वे खुलासा करेंगे। करोना महामारी से आमने सामने की सीधी लड़ाई लड़ रहे डॉक्टर नर्स पैरामेडिकल स्टाफ के लिए पी पी ई पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट पहुंचाने की क्या व्यवस्था की गई है कितना प्रोक्योरमेंट किया गया है और कितना प्रदेशों को दिया गया है इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने देश को कुछ नहीं बताया। किसानों के खेतों में जो फसल खड़ी है उसकी कटाई का समय है और किस तरह से फसल काटने की इजाजत देंगे कंबाइन हार्वेस्टर मध्यप्रदेश में उत्तराखंड में पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फंसे हुए हैं और अब उन्हें अपने प्रदेशों में जाकर फसल कटाई करना है किस तरह से उनको काटने देंगे गरीब मजदूरों को क्या राहत पहुंचाएंगे इसका भी प्रधानमंत्री ने कोई उल्लेख नहीं किया कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मनरेगा में सभी एक्टिव जॉब कार्ड होल्डर्स को करोना महामारी की अवधि की पूरी मजदूरी फुल वेजेस दी जाए ताकि वह अपना परिवार तो चला सके और अपना घर तो चला सके। अनेक उद्योगों में निर्माण कार्यों में कर्मचारियों को मजदूरों को काम से हटा दिया गया है इस बारे में मोदी सरकार क्या कार्यवाही करेगी इसका भी प्रधानमंत्री ने कोई जिक्र नहीं किया। कांग्रेस पार्टी मांग करती है खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी सभी राशन कार्डों को सितंबर 2020 तक का राशन निशुल्क दिया जाए। कांग्रेसी संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जब देश के साथ 7 मुद्दों पर चर्चा करते हैं तो वह यह भी बताएं कि सप्तपदी में सरकार के क्या संकल्प हैं इस संकट की घड़ी में लोगों को सहायता पहुंचाने के। जिन उद्योगों में निर्माणों में उद्यमों में रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पाने के कारण मजदूरों को सहायता नहीं मिल पा रही है उसके बारे में मोदी ने अपनी रणनीति का कोई खुलासा नहीं किया। विश्व के अनेक मुल्कों ने अपनी जीडीपी के 5% तक का बेल आउट पैकेज दिया है लेकिन भारत सरकार ने सिर्फ 1% के बेलआउट पैकेज की घोषणा की है जो बहुत कम है। कांग्रेस इसे बढ़ाए जाने और व्यापक बनाने की मांग करती है। वर्तमान संकट पूर्ण परिस्थितियों में कांग्रेस पार्टी सभी किसानों को उनकी उपज पर ₹500 प्रति क्विंटल तत्काल बोनस सहायता राशि की घोषणा करने की मांग करती है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मजदूर घर वापसी की कार्य योजना किसानों को राहत पैकेज और बोनस राशि छोटे बड़े उद्योगों और व्यापारियों को मदद की कार्य योजना के साथ-साथ सप्लाई चैन बदस्तूर बनाए रखने की कार्य योजना की केंद्र सरकार से तत्काल घोषणा की मांग की है। इसके साथ साथ चिकित्सकीय जरूरतों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की कांग्रेस पार्टी मांग करती है। संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश आज मोदी जी से इन सवालों पर जवाब चाह रहा है इन मांगों पर मदद चाहता है और इन सभी कार्य योजनाओं पर त्वरित कार्यवाही चाहता है।