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  • छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से नहीं खुलेंगे स्कूल -
    छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से नहीं खुलेंगे स्कूल, तैयारी में फिलहाल वक्त लगेगा - शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि 30 जून तक तो लॉकडाउन है, इसके बाद दिशा-निर्देश तय होंगे | अधिकांश अभिभावकों का भी कहना है कि फिलहाल स्कूल न खोलें, उनकी बात भी सुनेंगे, तब फैसला लेंगे - लाखों पैरेंट्स के मन में यही सवाल है कि कोरोना वायरस से प्रदेश में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है अनेक स्कूलों में क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है ऐसे में यदि 1 जुलाई से स्कूल खुलेंगे तो बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा है इस पर राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा कि 1 जुलाई से प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे। उन्होंने कहा कि 30 जून तक लॉकडाउन है। इसके बाद दिशा-निर्देश तय होंगे। ऐसे में 1 तारीख से स्कूल शुरू हो जाएं यह संभव नहीं है। प्रेम साय सिंह ने कहा कि स्कूल खोलने को लेकर तैयारी करनी होगी। सभी स्कूलों को सेनीटाइज किया जाना है ऐसे बहुत से स्कूल हैं, जिन्हें वर्तमान में क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। उन्हें खाली किया जाएगा, स्कूल भी सैनिटाइज होंगे। केंद्र सरकार की गाइड लाइन का भी इंतजार है। अभिभावकों का भी कहना है कि फिलहाल स्कूल न खोलें, उनकी बात भी सुनेंगे, तब जाकर फैसला लिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने भी कहा कि अभी किसी तरह का आदेश स्कूलों को खोले जाने को लेकर जारी नहीं हुआ है। दो दिन बाद केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस है। देश के अन्य राज्यों से बात की जाएगी। स्कूल खोलने को लेकर ही इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में चर्चा होगी। 10 तारीख को कलेक्टर कॉन्फ्रेंस है। इसमें भी हम सभी कलेक्टरों से बात करेंगे। पैरेंट्स से भी राय लेंगे, जो सभी के हित मे होगा वो फैसला किया जाएगा। लॉकडाउन और स्कूल शिक्षा प्रदेश में करोड़ों बच्चे इन दिनों घर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने इसके लिए पढ़ई तुंहर दुआर नाम की वेबसाइट बनाई है। प्राइवेट स्कूल भी ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से 10वीं और 12वीं में बचे हुए विषयों की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बच्चों को आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर मार्क्स दिए जाएंगे। कक्षा 1 से 8 के साथ 9वीं और 11वीं के बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं के विशेष विद्यालयों के 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी पास कर दिया गया है। - CG 24 News - Singhotra, 9301094242
  • नहीं खुलेंगे शॉपिंग मॉल, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
    छत्तीसगढ़ में कल से नहीं खुलेंगे शॉपिंग मॉल, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, सार्वजनिक पार्क और उद्यान खुलेंगे 8 जून से, स्टेडियम और स्पोर्टिंग काम्पलेक्स में केवल बाहरी खेल गतिविधियों की अनुमति, कंटेनमेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं को ही अनुमति 8 जून से कंटेंनमेंट जोन को छोड़कर सार्वजनिक पार्कों, शहर के बाहर क्लबों, धार्मिक एवं पूजा स्थलों को खोलने की अनुमति जारी की गई है, इसी प्रकार होटल रेस्टोरेंट को कुछ बंदिशों के साथ अनुमति दी गई है सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक पार्क और उद्यान 8 जून से खुल सकेंगे, इसके साथ ही स्पोर्टिंग काम्पलेक्स एवं स्टेडियम में केवल बाहरी खेल गतिविधियां की जा सकेंगी, क्लबों में केवल बाहरी गतिविधियां संचालित होंगी, इसी प्रकार भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार धार्मिक एवं पूजा स्थल संचालित करने की अनुमति होगी, लेकिन शापिंग माॅल खोलने और संचालन करने की अनुमति नहीं होगी जारी आदेश के अनुसार रेन्टोरेंट के लिए केवल टेक अवे की अुनमति पूर्वानुसार रहेगी, होटल संचालन के लिए अनुमति केवल पूर्वानुसार निर्धारित उपयोग के लिए भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार होगी.....
  • भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे - कांग्रेस
    भाजपा के लिए प्रायश्चित का समय, बयानबाज़ी का नहीं: कांग्रेस भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे   -    जो संकट भाजपा सरकार ने खड़ा किया, उसे छत्तीसगढ़वासी झेल रहे हैं -    क्वारेंटीन सेंटरों की व्यवस्था में गांव वालों की मदद करें भाजपा के लोग     रायपुर, 6 जून, 2020। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारत में यदि कोरोना ने महामारी का रूप लिया है तो इसका दोष भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार को है. इसलिए भाजपा को चाहिए कि वे शर्मिंदगी महसूस करें और मीनमेख निकालने की जगह जहां संभव हो सेवा करें. यही उनका प्रायश्चित है.   उन्होंने कहा है कि भाजपा ने न केंद्र के स्तर पर लोगों की सहायता की और न राज्य के स्तर पर. भाजपा के लोग सिर्फ़ कमी तलाश करने की नाकाम कोशिशों में लगे रहे. अब जबकि छत्तीसगढ़वासी दुख और पीड़ा झेलते हुए अपने घर वापस आ गए हैं, भाजपा के लोगों को उनकी सुध लेनी चाहिए और थोड़ी बहुत सेवा कर लेनी चाहिए.   कोरोना संक्रमण पर उन्होंने कहा कि यदि केंद्र की भाजपा सरकार ने समय रहते एयरपोर्ट बंद कर दिए होते, जांच शुरु कर दी होती तो विदेशों से आने वाले लोगों को बीमारी फैलाने से रोका जा सकता था. लेकिन मोदी सरकार को ‘नमस्ते ट्रंप’ में लगी रही. फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना सोच विचार किए, बिना सलाह मशविरा किए लॉकडाउन करके मज़दूरों की हालत ख़राब कर दी और उन्हें पीड़ा, प्रताड़ना और भूख झेलने पर मजबूर कर दिया. करोड़ों मज़दूर सड़कों पर पैदल चलते घर के लिए निकलने के लिए बाध्य हुए. न भाजपा सरकार ने उनका किराया दिया और न राशन पानी की व्यवस्था की.   शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की सरकार बिना केंद्र की सहायता के मज़दूरों और बाहर से लौटे छत्तीसगढ़वासियों की सहायता कर रही है. बाहर से लौटे लोगों को उनके गांवों में ही क्वारेंटीन सेंटर में रखा गया है. सरकार ने बहुत सोच विचार करके क्वारेंटीन सेटरों की व्यवस्था सरपंचों और ग्रामवासियों को सौंपी है और प्रशासन की भूमिका सुविधाएं जुटाने तक रखी है. ऐसे में भाजपा के लोग यदि शिकायत कर रहे हैं तो वे छत्तीसगढ़वासियों को ही दोष दे रहे हैं. उन्होंने कहा है कि जहां सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है वहां भाजपा के लोगों को सुझाव देने चाहिए, सहायता तो वे न केंद्र में कर रहे हैं और न प्रदेश में. भाजपा निहित राजनैतिक स्वार्थ के लिए गांव की व्यवस्था में मीनमेख निकलने और विघ्न डालने की कोशिश न करे.   उन्होंने कहा है कि भाजपा द्वारा अपने बयानों में इन मजदूर भाइयों के लिये जिस भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है कांग्रेस उसकी कड़ी निंदा करती है.
  • BJP के पूर्व मंत्री सहित तीन पूर्व विधायक शासन द्वारा डिटेन

    *ब्रेकिंग न्यूज़ -BJP Ex MLA* क्वारन्टीन सेंटर का निरीक्षण करने गए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री सहित तीन पूर्व विधायक शासन द्वारा डिटेन किए गए| महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंघोरा के कैलेंडा स्थित क्वारन्टीन सेंटर मैं जांच करने गए | इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री रूप कुमारी चौधरी पूर्व विधायक विमल चोपड़ा, रामलाल चौहान, त्रिलोचन पटेल के साथ विपिन वेजा कांता पटेल धनेश नायक सहित भारतीय जनता पार्टी महासमुंद जिला अध्यक्ष सहित कुछ कार्यकर्ता शामिल थे

    क्वारन्टीन सेंटर में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पूछताछ कर रहा है जब इसकी खबर शासन प्रशासन को लगी तो अनेक अधिकारी तुरंत उक्त क्वारन्टीन सेंटर पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल को एक प्रकार से अघोषित रूप से कैद कर लिया और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है महासमुंद के पूर्व विधायक विमल चोपड़ा ने सीजी 24 न्यूज़ से चर्चा करते हुए बताया कि किसी महिला की मौत की जांच करने भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आया था और वह खबर बाहर ना निकले इसलिए शासन ने हम सभी को यहां रोक रखा है 4:15 बजे शाम से रात 9:00 बजे तक किसी भी तरह कोई व्यवस्था एवं निर्णय शासन ने अभी तक नहीं किया है CG 24 News - Sukhbir Singhotra , 93010 94242

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किसानो के लिए नही बल्कि बड़े पुंजीपतियों के लिए लाभदायी है

    रायपुर/04 जून 2020। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करके देश की किसानो के लिए बड़ा लाभदायी फैसला निरूपित करते हुए किसानो हितैषी फैसला बताकर ढ़िढोरा पीटा जा रहा है। जबकि इससे उत्पादक किसानो को काई फायदा नही होने वाला है। कृषि क्षेत्र में बडे़ निजी निवेशको एवं कृषि उपज के विपणन एवं अन्य ट्रेडिंग व्यवसाय में जुड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही यह संशोधन लागू किया गया है। इससे सिर्फ कृषि उत्पादो के विपणन एवं टेªडिंग व्यवसाय से जुडे़ बडे़ उद्योगपतियों को ही फायदा होगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्तमान कानून अनुसार किसानों को अपने कोई भी उपज को प्रदेश के किसी भी हिस्से में ले जाकर बेचने का अधिकार प्राप्त है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि केन्द्र शासन द्वारा इसे किसानहित में बताते हुए ‘‘एक देश एक बाजार नीति‘‘ ‘‘किसान अब अपने उत्पादको का भंडारण कर सकेगा।‘‘ ‘‘किसान अपने उत्पाद को कहीं भी बेच सकेगा‘‘ और अधिक दामो में बेच सकेगा ‘‘ जैसे मुहावरे के द्वारा किसानो को फिर से धोखा दिया जा रहा है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि केन्द्र शासन और माननीय प्रधानमंत्री जी को देश के आम किसानो की स्थिति की सही जानकारी ही नही है। देश के लघू एवं सीमान्त किसान एवं मंझोले किसानो की संख्या ही सर्वाधिक है । इन सामान्य किसानो के लिए यह ब्यवहारिक एवं लाभदायी नही है कि ये अपने उपज को प्रदेश के बाहर के मंड़ियो में ले जाकर बेच सके और न तो इतनी मात्रा में इतनी उपज होती है और न ही ट्रंासपोर्टिग का खर्च भी उस अन्तर के मूल्यो को लाभदायी बना सके । देश का आम किसान आर्थिक रूप से इतना कमजोर है और कर्ज से लदा हुआ है , कि जैसे ही फसल की कटाई होती है तत्काल उसके सामने बेचने की जल्दी एवं मजबूरी रहती है । वे अच्छे दाम के इंतजार तक न तो फसल का अपना भंडारण मंहगे भंडार गृहों में करने की क्षमता है और न ही देश के दूसरे हिस्से में ले जा करके अनाज को उसके बेचने की क्षमता है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि देश के प्रायः सभी कृषि उपज मंडियो में किसानो को अपनी उपज को बेचने के लिए सही तौल से लेकर फसल की सहीं कीमत और समय पर भुगतान प्राप्त करने तक में शासन की लापरवाहियो के कारण किसानो को नुकसान उठाना पड़ता है । कृषि उपज मंड़ी में जहां किसानो की उपज का केन्द्र शासन द्वारा घोषित समर्थन मुल्यो पर बिक्री किये जाने की सुनिश्चितता किया जाना चाहिए । भुगतान 24 घण्टे के भीतर होना चाहिए । तौल में गड़बड़ी नही होना चाहिए, लेकिन ये सारी अनियमित्ता मंडियों में होने के कारण किसान अपने उपज को कोचिया, बिचैलिया एवं राईस मिलर्स लोगो के पास कम दामो में एवं लम्बे समय तक भुगतान होने के स्थिति में फसल बेचने पर मजबूर होता है । पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि देश के आम किसानो की ऐसी क्षमता नही है कि अपने फसलो का सहीं एवं अधिकत्तम मूल्य मिलते तक भंडारण कर सके एवं अन्य प्रदेश में जाकर बेच सके । इस नियम का फायदा पूंजीपति, बिचैलिया ही उठायेंगे । यदि केन्द्र सरकार एवं प्रधान मंत्री जी सहीं नियत से किसानो को फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो सभी किस्म की अनाजों, दलहन,तिलहन एवं सभी तरह के कृषि उत्पादो का सही समर्थन देने मूल्य स्वामीनाथन आयोग कमेटी की सिफारिशों को इमानदारी से लागू करें तथा देश की सारी कृषि उपज मंड़ियों में किसानो की सारी उपज को समर्थन मूल्य के ऊपर ही बेचने की सुनिश्चता करे ंएवं समर्थन मूल्य से कम की खरीदी करने पर एवं समय पर भुगतान नही करने वाले क्रेताओ पर कठोर कार्यवाही करने हेतु कानून बनायी जावे।

  •  टॉप-2 मुख्यमंत्रियों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्थान होना पूरी छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात
    धान उगाने वाले किसानों को प्रतिक्विंटल सिर्फ 53 रू. देने वाली मोदी सरकार किसानों को 53 हजार करोड़ देने वाली भूपेश सरकार के मुकाबले में कहीं नहीं रायपुर/03 जून 2020। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि धान उगाने वाले किसानों को प्रतिक्विंटल सिर्फ 53 रू. देने वाली मोदी सरकार किसानों को 53 हजार करोड़ देने वाली भूपेश सरकार के मुकाबले में कहीं नहीं है। आईएएनएस सी-वोटर ने देश में सर्वे किया, हम सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिये गौरव की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने टॉप-2 में अपना स्थान बनाया है। जिस तरीके से छत्तीसगढ़ की मनरेगा का क्रियान्वयन किया है, जिस तरीके से किसानों को धान का 2500 रू. दाम मिला, जिस तरीके से छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्ज माफी हुई, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री जी ने जो कदम उठाए हैं। उसके परिणाम स्वरूप जो पूरे देश में मंदी है, किन्तु छत्तीसगढ़ में अर्थव्यवस्था में अच्छा सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की नीतियां गरीब समर्थक, व्यापारी समर्थक, किसान समर्थक, व्यापारी समर्थक, मजदूर समर्थक और समाज के हर वर्ग का समर्थन कांग्रेस सरकार को और सरकार के मुखिया भूपेश बघेल को मिल रहा है और यही सब सर्वे में परिलक्षित होगा। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आईएएनएस सी-वोटर का सर्वे हुआ है। निश्चित रूप से सर्वे सैंपल साइज और बहुत सारी अन्य चीजों पर निर्भर करती है लेकिन जिस तरीके से देश के मुख्यमंत्रियों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का टॉप-2 में स्थान बनाना यह छत्तीसगढ़ की जनता का उनके प्रति स्नेह और उनके कार्यों का जनता का मुहर है। जिस तरीके से छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्ज माफी हुई, जिस तरीके से किसानों को 2500 रू. धान का दाम मिला, मनरेगा में देश में पहले स्थान पर छत्तीसगढ़ है। मजदूरों के हितों का ध्यान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने रखा जब पूरे देश में मंदी थी तो छत्तीसगढ़ में अर्थव्यवस्था में जो सुधार आया है ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रगति हुआ, हर सेक्टर आगे बढ़ा यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की नीतियों का ही परिणाम है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को टॉप-2 मुख्यमंत्रियों में चुना जाना हम सबके लिए पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। 15 साल भाजपा के सरकार में जिस तरीके से किसानों की उपेक्षा की गई, किसानों को आत्महत्या को मजबूर किया गया, मजदूरों की उपेक्षा की गई, प्रदेश में जो कानून व्यवस्था की स्थिति घोटाले भ्रष्टाचार छत्तीसगढ़ के दिन प्रतिदिन का। भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ में सभी हितों का ध्यान सबके हितों का ध्यान रखकर छत्तीसगढ़ को विकास के रास्ते आगे बढ़ाने का काम कांग्रेस की सरकार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार कर रही है। सबसे बड़ी चुनौती और जिस प्रकार से नियम से घोटाले भ्रष्टाचार हो रही थी। भाजपा के सरकार में जिस प्रकार से राज्य में प्रजातांत्रिक गतिविधियों को बाधित किया गया था। भाजपा की सरकार में जिस प्रकार से प्रेस पर हमले हो रहे थे, जिस प्रकार से जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त होती थी। इन सारी चुनौतियों का बखूबी मुकाबला करते हुए और कोरोना की समस्या की चुनौती का भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बखूबी सामना किया है। जिस प्रकार से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने होली मिलन का कार्यक्रमों से परहेज किया, जिस तरीके से स्कूल-कॉलेज 13 मार्च से छत्तीसगढ़ में बंद की गयी। छत्तीसगढ़ बंद करने का निर्णय लिया। कटघोरा में जब संक्रमण फैला उसकी प्रभावी रोकथाम पर रोक लगाई गई। एक तरफ गुजरात और मध्यप्रदेश जैसे प्रदेशों की स्थिति हम लोग देख रहे हैं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ है जहां स्थिति नियंत्रण में है। छत्तीसगढ़ में लाखों प्रवासी मजदूर बाहर से आये। बहुत सारे मजदूर संक्रमित थे। जो आए उनमें सैकड़ों संक्रमित पाये गये। लाखों मजदूर वापस आए लेकिन भूपेश बघेल जी की सरकार ने पूरी स्थिति को बखूबी नियंत्रित किया। केंद्र सरकार से सहयोग नहीं मिलने के बावजूद छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना सेंट्रल पूल में नहीं लिया जाएगा, इसके बावजूद किसान न्याय योजना राजीव गांधीजी के पुण्य तिथि के दिन से भूपेश बघेल जी की सरकार ने लागू की। केन्द्र द्वारा मनरेगा की पूरी राशि का भुगतान न किये जाने के बावजूद भूपेश बघेल जी की सरकार ने मनरेगा में पहला स्थान अर्जित किया और छत्तीसगढ़ को विकास के रास्ते आगे ले जाने का काम कर रहे है। कोरोना संक्रमण के दौर में बड़ी उपलब्धि प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कोरोना संक्रमणकाल ने देशभर की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। उद्योग बंद है और बेरोजगारी व महंगाई की मार से जनता त्रस्त है। ऐसे में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को पछाड़कर जनता की कसौटी में खड़ा उतरने का काम किया गया है। खास बात यह है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मरीजो की संख्या भी बहुत कम है। यहां अब तक सिर्फ दो मौत हुई है।
  • प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट विस्पोटक स्थिति में पहुँचा : कौशिक

    केंद्र सरकार पर बघेल की टिप्पणी अपनी नाक़ामियों से ध्यान भटकाने का ओछा राजनीतिक हथकंडा : भाजपा

    0 प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट विस्पोटक स्थिति में पहुँचा : कौशिक


    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा केंद्र सरकार पर की गई टिप्पणी को अपनी नाक़ामियों से लोगों का ध्यान भटकाने का ओछा राजनीतिक हथकंडा बताया है। श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को पहले अपने दामन में लगे नाकारापन के दाग़ देख लेना चाहिए जिसने कोरोना संकट को प्रदेश में इस विस्पोटक स्थिति तक ला पहुँचा दिया है।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि जो सरकार बार-बार कहने के बाद भी प्रदेश के क्वारेंटाइन सेंटर्स के इंतज़ाम दुरुस्त तक नहीं कर पाई, उस सरकार के मुखिया हर बार अपनी विफलताओं से मुँह चुराकर केंद्र सरकार के बारे में बेसिरपैर की बातें कहकर सिर्फ़ खम्भे नोचने का काम ही कर रहे हैं। श्री कौशिक ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पूरी तरह विफल रही प्रदेश सरकार आज तक इस महामारी की प्रारंभिक जाँच और उपचार की अपनी ओर से कोई पुख़्ता व्यवस्था विकसित नहीं कर पाई है। बिलासपुर में 1584 सैंपल बिना जाँच किए फेंक दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार इस महामारी के ख़िलाफ़ चल रही जंग में प्रदेश सरकार इच्छा शक्ति से शून्य दिख रही है और बात-बेबात केंद्र सरकार पर अपनी विफलताओं का ठीकरा फोड़ने का हास्यास्पद उपक्रम ही कर रही है।
    नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री बघेल हर मौक़े पर प्रदेश की आर्थिक बदहाली का रोना रोते हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने के पैसों से अपने झूठ का रायता फैलाने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री बघेल वापसी कर रहे लोगों के परीक्षण की व्यवस्था तक नहीं कर पा रहे हैं और दहशतज़दा ग्रामीणों को उनके स्वागत के लिए कह रहे हैं। प्रदेश सरकार की प्रारंभिक जाँच की बदइंतज़ामी के चलते ही प्रदेश में कोरोना का संकट इस विस्पोटक स्थिति में पहुँच गया है। कोरोना का यह ज़मीनी सच प्रदेश सरकार का असली चेहरा सामने लाने के लिए पर्याप्त है और सच के इस आईने में अपनी विफलताओं से दाग़दार शक्ल से घबराई प्रदेश सरकार बार-बार, हर बार बस केंद्र सरकार को कोसने की सियासी नौटंकियाँ ही करती रहती है।

  • हाउसिंग बोर्ड, दोंदेखुर्द में मिला एक कोरोना पॉजिटिव
    हाउसिंग बोर्ड, दोंदेखुर्द में मिला एक कोरोना पॉजिटिव रायपुर 31मई 2020 / रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड,दोंदेखुर्द,थाना विधान सभा क्षेत्र में एक नये कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरूप इस क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है।कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने पूर्व में रेड्डी बाड़ी के पास वाला रास्ता,पश्चिम में पेट्रोल पंप के पास,में रोड जाने का रास्ता, उत्तर में हाउसिंग बोर्ड का मुख्य द्वार और दक्षिण में हाउसिंग बोर्ड का पिछला द्वार को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इस कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत सभी दुकानें,आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले आदेश पर्यन्त तक पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेन्मेंट जोन में घर पहुँच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में शासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला पुलिस रायपुर द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निगरानी, सेम्पल की जाँच आदि आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएगी। कंटेंटमेंट जोन में आवश्यक सुरक्षा एवं ब्यवस्था के लिये अधिकारियों को दायित्व सौपे गए है।कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश एवं निकाष की केवल 01 द्वार की व्यवस्था हेतु बेरिकेटिंग श्री अभिनव श्रीवास्तव,अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेटिंग हेतु बांस बल्ली की आपूर्ति, श्री विश्वनाथ मुखर्जी ,उप वनमंडलाधिकारी,रायपुर वन मंडल ,सेनेटाईजेशन तथा आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति व्यवस्था,श्री एच आर बघेल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत धरसींवा, घरों का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एस.ओ.पी, अनुसार दवा, मास्क, पी.पी.ई. इत्यादि उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट का प्रबंधन श्रीमती मीरा बघेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रणव सिंह,अनुविभागीय दंडाधिकारी(राजस्व) रायपुर,भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइन अनुसार कंटेनमेंट जोन में लाँक डाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु अश्वनी राठौर,थाना प्रभारी,थाना विधानसभा को नियुक्त किया गया है।
  • राज्य सरकार की 7 असफलताएं गिनाई पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने

    प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज एक पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की 1 साल की उपलब्धियों का गुणगान करते हुए राज्य सरकार की असफलताओं को भी गिनाया |

    कुल 7 असफलताओं के बारे में उन्होंने जो कहा वह इस प्रकार है

    1. प्रवासी मजदूरों के खाते में 1 हजार रुपये डालने में यह सरकार असफल रही |

    2. 50 दिन बाद भी मजदूरों को लाने के तरीकों को व्यवस्थित नहीं किया - आधे मजदूर पैदल आने में मजबूर हुए

    3. क्वॉरेंटाइन सेंटर में आत्महत्या, सांप काटने से मौत सहित 10 मजदूरों की मौत प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती है, हद तो यह है कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में 5 माह के नवजात की इलाज के अभाव में मृत्यु हो जाती है |

    4. सरपंच के भरोसे लाखों मजदूर- पूर्णता अव्यवस्था का आलम|

    5. आर्थिक आपातकाल की स्थिति निर्मित हो गई है |

    6. कोरोना महामारी का सहारा लेकर राज्य सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों के वार्षिक इंक्रीमेंट में कटौती साथ ही नई भर्तियों में पूर्णता रोक जिससे प्रदेश में बेरोजगारी को बढ़ावा मिलेगा |

    7. केंद्र सरकार को कोसने वाली राज्य सरकार अपनी वित्तीय स्थिति में ध्यान दें - ऐसी स्थिति आ गई है कि यदि वर्तमान सरकार भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों को मरम्मत करा ले तो वही बहुत है, नए कार्य किया जाना तो संभव ही नहीं है |

    इस प्रकार डॉ रमन सिंह ने प्रदेश सरकार पर 7 सवालिया निशान लगाए हैं | *CG 24 News - Singhotra*

  • लॉक डाउन के बाद अनलॉक वन*
    *लॉक डाउन के बाद अनलॉक वन* *8 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल* *1 जून से 30 जून तक अनलॉक वन* *कंटेनमेंट जोन तय करने का अधिकार राज्यों को* *स्कूल मॉल आदि खोलने के बारे में राज्य सरकारी करेंगी निर्णय* नई दिल्ली। कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लागू कर दिया है. लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइंस सरकार ने जारी कर दी है. कंटेनमेंट जोन के बाहर सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से छूट दी गई है.बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश फिलहाल लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है. लॉकडाउन 4.0 की अवधि 31 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में सरकार ने इसे और बढ़ा दिया है. लॉकडाउन 5.0 1 जून से 30 जून तक रहेगा. स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला केंद्र ने राज्यों पर छोड़ दिया है.जुलाई में राज्य इसपर फैसला लेंगे. होटल, धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट 8 जून से खोल दिए जाएंगे. हालांकि सरकार ने शर्तों के साथ खोलने की इजाजत दी है. देशभर में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा. लोग एक राज्य से दूसरे राज्य जा सकेंगे. लोगों को अब पास दिखाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.वहीं, शॉपिंग मॉल्स और सैलून को भी खोलने की इजाजत दे दी गई है.
  • अजीत जोगी का जीवन परिचय देखें एक नजर में

    अजीत जोगी का जीवन परिचय देखें एक नजर में

    नाम- अजीत प्रमोद जुमार जोगी, जन्म तिथि- 29 Apr 1946, जन्म स्थान- बिलासपुर छत्तीसगढ़,

    इतिहास-

     गुदड़ी का लाल

    साधारण परिवार में जन्मे अजीत जोगी बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, पढ़ाई-लिखाई में अव्वल जोगी को गुदड़ी का लाल भी कहा जाता था, * 1968 में उन्होंने स्वर्ण पदक के साथ मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। कॉलेज के दिनों में जोगी अपने विभाग में छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने जा चुके हैं। * 1967 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर (छत्तीसगढ़) में एक व्याख्याता (1967-68) के रूप में भी काम किया। * 1974 में अजीत जोगी भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुने गए। * 1974 से 1986 तक मध्य प्रदेश के सिधी, शाहडोल, रायपुर और इंदौर जिलों में 12 वर्षों से जोगी जी ने सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट का रिकॉर्ड स्थापित किया। * 

    राजनीतिक घटनाक्रम 1986 में अजीत जोगी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य बनकर राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत की। इसके बाद कांग्रेस ने इन्हें राज्यसभा में नामित किया। * 1987 में अजीत जोगी को जनरल-सेक्रेटरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, मध्य प्रदेश के रूप में भी नियुक्त किया गया था। इतना ही नहीं इसके अलावा इन्हें लोक उपक्रमों की समिति, उद्योग समिति, रेलवे, अध्यक्ष, राज्य अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति (मध्य प्रदेश) समिति का हिस्सा बनाया गया। * 1989 में मणीपुर राज्य के लोकसभा चुनावों के दौरान जोगी को कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यवेक्षक का काम सौपा। जोगी ने मध्यप्रदेश के 1500 किमी के जनजातियों वाले इलाके में काम कर उनके बीच जनजागृति फैलाई और उन्हें कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जूटा लिया। * 1995 में जोगी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति और पर्यावरण व वन पर बनी कमेटी के अध्यक्ष का भी भार सौंपा गया। * 1995   सिक्किम विधानसभा चुनावों के दौरान जोगी ने कांग्रेस पार्टी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में काम किया। *

    1996 में कोर समूह और संसदीय चुनाव (लोकसभा) के बाद में जोगी संसद में कार्यकारी समिति के सदस्य बन गए। * 1997 में इन्हें दिल्ली राज्य कांग्रेस कमेटी चुनावों के पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा परिवहन और पर्यटन समिति, ग्रामीण व शहरी विकास सदस्य समिति, परामर्श समिति, कोयला मंत्रालय, लोक लेखा समिति, अप्रत्यक्ष कर पर ऊर्जा, संयोजक, उप-समिति के सलाहकार समिति का सदस्य चुना गया। इतना ही नही जोगी राज्य सभा के उपाध्यक्ष के पैनल में सदस्य भी बन चुके है। इसी बीच उन्होंने 1997 से 1999 तक मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस संसदीय दल के साथ-साथ एआईसीसी के मुख्य प्रवक्ता के रूप में काम किया। * 1998 में जोगी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से 12 वीं लोक सभा के लिए चुने जा चुके है। * 1999 में इन्होंने छत्तीसगढ़ के अलग राज्य के लिए जागरूकता फैलाने के लिए दंतेवाड़ा के मां दांतेश्वरी मंदिर से अंबिकापुर के महामाया मंदिर तक जात्रा का नेतृत्व किया। *

     

    छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री

    नवंबर 2000 को नवीन्तम राज्य छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के रूप में इन्होंने शपथ ली थी। इन्होंने 2003 में छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा का भी नेतृत्व किया। * 2004 में 14 वीं लोकसभा में महासामुंड, छत्तीसगढ़ के लिए सांसद के रूप में चुने गए। * 2008 में छत्तीसगढ़ की विधान सभा के सदस्य के रूप में जोगी चुने गए, यह मारवाही निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। * 2009 में लोकसभा चुनावों में चुने जाने के बाद जोगी ने लोकसभा सदस्य छत्तीसगढ़ के महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र के रूप में काम किया। * 2014 में महासमुंद लोकसभा चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखने में असफल रहे और बीजेपी के चंदू लाल साहू से 133 मतों से हार गए। *

     

    जून 2016 में, अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नामक एक नए राजनीतिक संगठन की स्थापना की। *

    2018 में अजीत जोगी ने घोषणा की वह राजनंदगांव और मारवाही सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसका मतलब है कि वह सीधे डॉ. रमन सिंह को चुनौती देंगे मगर वे मरवाही से चुनाव लड़े और निर्वाचित हो कर विधानसभा के सदस्य बने, ------------------- 09 मई को दोपहर 12:10 बजे हार्ट अटैक के बाद रायपुर के नारायणा आसप्ताल में भर्ती कराया गया था, 29 मई 20 दिनों बाद दोपहर 3:30 निधन हुआ।

  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन

    छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी का आज निधन हो गया मैं पिछले कई दिनों से राजधानी के निजी अस्पताल में भर्ती थे और लगातार कोमा में चल रहे थे अनेक पद्धतियों से उनका इलाज कर - उन्हें ठीक करने की कोशिश की जा रही थी इसके लिए पूरी डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही थी परंतु आखिरकार आज मैं इस दुनिया से विदा हो गए बिलासपुर के पेंड्रा में जन्मे अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा की नौकरी भी की वह विधायक एवं सांसद भी रहे 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ बना तो राज्य के पहले मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य भी इन्हें ही मिला