कोंडागांव में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का हुआ शुभारंभ

कोंडागांव में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का हुआ शुभारंभ

कोंडागांव में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का हुआ शुभारंभ

गारमेंट फैक्ट्री के कपड़ों के अपशिष्ट से बनेगा गद्दा, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
 बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने गुरुवार को बड़ेकनेरा मार्ग स्थित सर्व मांगलिक भवन में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल सहित स्थानीय पार्षदगण उपस्थित रहे।

विधायक सुश्री लता उसेंडी ने इकाई के शुभारंभ पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कपड़ों के अवशेष से गद्दा निर्माण की यह पहल सराहनीय है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और कोण्डागांव को स्वच्छ रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण को पूरी ईमानदारी और लगन से प्राप्त करें तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। जिस कार्य में व्यक्ति दक्षता हासिल करता है, उसी से उसकी अलग पहचान बनती है।

नगर पालिका अध्यक्ष  नरपति पटेल ने गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले कपड़ों के अपशिष्ट से गद्दा निर्माण की पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर गद्दा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को लाभ होगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा अपने कार्य में कुशलता हासिल करें, ताकि भविष्य में स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।

कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई कॉटन गद्दा निर्माण इकाई के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का उपयोगी पुनः उपयोग सुनिश्चित करने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इससे अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलने के साथ ही आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उल्लेखनीय है कि कॉटन गद्दा निर्माण इकाई जिला प्रशासन, कोण्डागांव की पहल पर लगभग 05 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई है। वर्तमान में इकाई संचालित है और यहां 10 हितग्राही कार्यरत हैं। इकाई के माध्यम से प्रत्येक हितग्राही को लगभग 7,500 से 10,000 रुपये तक मासिक आय प्राप्त होने की संभावना है। इस पहल से लगभग 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इकाई में गारमेंट फैक्ट्रियों से प्राप्त कपड़ों के अपशिष्ट से कॉटन गद्दे, कुशन एवं तकिए तैयार किए जाएंगे। इसकी अनुमानित उत्पादन क्षमता प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 08 से 10 गद्दे है। इकाई में महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों एवं दिव्यांग युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। अपशिष्ट को उपयोगी उत्पादों में बदलने की यह पहल ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत एवं समावेशी आजीविका को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर पार्षद  संतोष पात्रे, ललित देवांगन सहित उद्योग विभाग के महाप्रबंधक  हिमालय सेठिया, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी  पुनेश्वर वर्मा अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।