"24 अकबर रोड से डर गई 56 इंच की सरकार?" — नोटिस नहीं, भाजपा की घबराहट का सरकारी पोस्टर: विकास उपाध्याय का करारा हमला

"24 अकबर रोड से डर गई 56 इंच की सरकार?" — नोटिस नहीं, भाजपा की घबराहट का सरकारी पोस्टर: विकास उपाध्याय का करारा हमला

"24 अकबर रोड से डर गई 56 इंच की सरकार?" — नोटिस नहीं, भाजपा की घबराहट का सरकारी पोस्टर: विकास उपाध्याय का करारा हमला

रायपुर..कांग्रेस के ऐतिहासिक मुख्यालय ‘24 अकबर रोड’ को खाली करने के नोटिस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने ऐसा पलटवार किया है, जिसने सियासी तापमान कई डिग्री बढ़ा दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई को सीधे-सीधे भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक खुन्नस, डर और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता का खुला सबूत बताया।इतिहास से इतनी खुन्नस या खुद के वर्तमान से डर,उपाध्याय ने  तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को लगता है कि ताले लगाकर इतिहास भी बंद कर देंगे। 24 अकबर रोड कोई किराए का मकान नहीं, यह आज़ादी के विचारों की धड़कन है। लेकिन समस्या ये है कि भाजपा को विचार नहीं, सिर्फ इमारतें दिखती हैं।
7 दिन का अल्टीमेटम या सत्ता की बेचैनी बीजेपी के द्वारा जारी कराए गए इस नोटिस पर चुटकी लेते हुए श्री उपाध्याय ने कहा कि 48 साल पुराने दफ्तर को 7 दिन में खाली करो यह नोटिस कम, डर का नोटिस ज्यादा है। चुनाव नजदीक आते ही भाजपा का बुलडोजर मोड ऑन हो जाता है। सवाल ये है क्या कुर्सी खिसकने का डर इतना गहरा हो गया है एजेंसियां फेल तो अब दफ्तर पर हमला उपाध्याय ने कहा कि पहले खाते फ्रीज किए, फिर नेताओं को घेरा, अब दफ्तर पर कब्जा भाजपा ने लोकतंत्र को ऑपरेशन डराओ धमकाओ बना दिया है। क्या इन्हें लगता है कि दफ्तर छीनने से राहुल गांधी की आवाज बंद हो जाएगी।
सड़क ही बनेगी नया हेडक्वार्टर
उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि।कांग्रेस का कार्यकर्ता दीवारों में नहीं, जज्बे में रहता है। दफ्तर छीना तो क्या हुआ अब हर सड़क, हर चौक हमारा नया मुख्यालय होगा और वहीं से इस अहंकारी सत्ता की विदाई लिखी जाएगी। उपाध्याय ने कहा कि भाजपा को संपदा विभाग चलाने से पहले सद्बुद्धि विभाग खोलना चाहिए। जनता सब देख रही है और वोट की चोट जब पड़ेगी, तो ये नोटिस याद आएगा।