त्रिलोकी माँ कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की शुरुआत 16 से  महाशष्ठी पूजा से आरंभ, सिंदुर खेला के साथ  होगा समापन

त्रिलोकी माँ कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की शुरुआत 16 से  महाशष्ठी पूजा से आरंभ, सिंदुर खेला के साथ  होगा समापन
त्रिलोकी माँ कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की शुरुआत 16 से
 महाशष्ठी पूजा से आरंभ, सिंदुर खेला के साथ  होगा समापन

 रायपुर।  श्री श्री शारदीय दुर्गोत्सव समिति, त्रिलोकी माँ कालीबाड़ी डॉ. राजेंद्र नगर में  कल 16 अक्टूबर को महाशष्ठी पूजा से दुर्गोत्सव की भव्य शुरुआत होगी। 21 अक्टूबर को सिंदुर खेला और विसर्जन के साथ दुर्गा पूजा का समापन होगा। समिति का यह 46वाँ वर्ष है।
समिति के सचिव  विवेक बर्धन ने बताया कि इस समिति का दुर्गोत्सव रायपुर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित बंगाली पद्धति के पूजा आयोजनों में से एक है। 16 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से महाषष्ठी पूजा होगी और फिर पुष्पांजलि का आयोजन होगा। सायं 6 बजे से बोधन, आमंत्रण व अधिवास और सायं 7:30 बजे संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा।  
17 अक्टूबर को नव पत्रिका स्नान,  महा सप्तमी पूजा 18 अक्टूबर को अतिरिक्त सप्तमी पूजा, 19 अक्टूबर महा अष्टमी पूजा, पुष्पांजलि, संधि पूजा, बलिदान संध्या आरती, 20 अक्टूबर महानवमी पूजा, होम (हवन) तथा 21 अक्टूबर को  महादशमी पूजा,  दर्पण विसर्जन और  सिंदूर बरन का आयोजन किया जाएगा।
समिति द्वारा सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी के पावन दिनों पर दोपहर एक बजे से भव्य भोग वितरण (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा।  इस धार्मिक अनुष्ठान के पुरोहित चण्डी चक्रवर्ती एवं बनमाली भट्टाचार्य हैं, तथा पूजा मंडप की व्यवस्था छेदीलाल पटेल, मोनु पटेल और मनराखन ध्रुव द्वारा संभाली जा रही है। त्रिलोकी माँ कालीबाड़ी समिति के सचिव श्री विवेक बर्धन ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से इन सभी आयोजनों में सपरिवार उपस्थित होकर देवी दर्शन और महाप्रसाद का लाभ उठाने की अपील की है।