इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव

 इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

शिक्षा मंत्री ने इंस्पायर मानक में चयनित 40 प्रतिभागियों का किया सम्मान

 इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

 इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

 इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन - शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चयनित लगभग 40 विद्यार्थियों को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर मिला यह बहुत हर्ष की बात है।केंद्र सरकार की पहल से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई मौलिक प्रतिभा होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और उचित अवसर प्रदान करने की। ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी विभिन्न आविष्कारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के साथ शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा अपने आविष्कारों को समाज के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने तथा अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी चाहे ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी अंचल अथवा किसी भी सामाजिक परिवेश से आते हों, उन्हें स्वयं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता का आधार व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, मेहनत और सोच होती है।भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी अथवा कोई भी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है। वास्तविक महत्व विषय की समझ, ज्ञान और कार्य करने की योग्यता का है।

रायपुर के बीटीआई ग्राउण्ड परिसर में स्थित एससीआरटी भवन के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित चालीस विद्यार्थियों के साथ ही जुलाई माह में इंस्पायर मानक प्रतियोगिता में राज्य के पाँच प्रतिभागियों को जापान देश जाने और सीखने का अवसर मिला उनको भी सम्मानित किया गया । साथ ही जापान से वापस आए प्रतिभागी रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभव को भी साझा किया । इस अवसर पर  लोक शिक्षण विभाग के संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित चयनित छात्र एवं छात्राएँ, शिक्षकगण उपस्थित रहे । 

ज्ञात हो कि इंस्पायर–मानक अवार्ड योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।