मोदी सरकार अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुकी है - दीपक बैज
मोदी सरकार अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुकी है - दीपक बैज
रायपुर/13 अक्टूबर 2026। देश की राजधानी दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों पर जिस प्रकार से पुलिस बल और सुरक्षा बलों का प्रयोग किया गया उससे साफ हो गया कि मोदी सरकार अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि दिल्ली में युवा छात्र और विपक्षी दलों के लोग लोकतंत्र को बचाने और देश की चुनावी प्रणालि में गड़बड़ी तथा वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे। लेकिन छात्राओं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ जो बल प्रयोग किया गया, अभद्रता की गयी वह बताता है कि भाजपा इस विरोध से तिलमिला गयी है तथा लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दमन किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि जनता के वोट के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव की मांग करने वालों पर यह बर्बरता और दमनकारी रवैया क्यों अपनाया जा रहा है? क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और सवाल पूछना अब अपराध हो गया है? वोट चोरी के आरोपों का जवाब तथ्यों और निष्पक्ष जाँच से देने के बजाय सरकार लाठियों के पीछे क्यों छिप रही है? जो सरकार जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का क्या नैतिक अधिकार है? देश के गद्दार और लोकतंत्र के आरोपी ज्ञानेश कुमार को बचाने भाजपा सरकार निर्ममता पूर्वक बर्बरता पर उतर आई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों का गुस्सा राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दिख रहा था। मोदी सरकार के तमाम अवरोधों के बावजूद लाखों लोग मोदी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरे, यह बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता का भरोसा खो चुके है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पूरा देश भाजपा और ज्ञानेश कुमार के नापाक गठबंधन से नाराज है। एसआईआर के नाम पर मोदी शाह के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने देश के 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से षड़यंत्रपूर्वक करवाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि कांग्रेस की सोच और नीति सदैव जन-आंदोलनों को सुनने, संवाद कायम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की रही है। राहुल गांधी सड़क से लेकर संसद तक देशवासियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए निर्भीक होकर लड़ रहे हैं। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार विरोध के हर स्वर को दबाने के लिए बर्बरता और तानाशाही का सहारा ले रही है। जब सरकार के पास जवाब नहीं होते, तब वह लाठी और पुलिस का सहारा लेती है। वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर किए जा रहे फर्जीवाड़े पर सवाल उठाने वालों पर बर्बरता यह साबित करती है कि दाल में कुछ काला नहीं पूरी की पूरी दाल ही है।


